इजरायली हमले में क्लीनिक को बनाया निशाना, ग़ज़ा के एकमात्र कोविड टेस्ट लैब में काम हुआ बंद

हेल्थ केयर क्लीनिक पर हुए हमले के बाद की तस्वीर (AP Photo/Adel Hana)

हेल्थ केयर क्लीनिक पर हुए हमले के बाद की तस्वीर (AP Photo/Adel Hana)

Israel-Gaza Clash: ग़ज़ा की कमजोर स्वास्थ्य प्रणाली कोरोनावायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि से जूझ रही थी. इस दौरान कई सेवाएं रोककर कोविड का इलाज शुरू किया गया, लेकिन इजरायली हमलों के चलते अस्पतालों में घायलों का इलाज शुरू कर दिया गया है.

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ग़ज़ा. इजरायल और हमास (Israel-Hamas) के बीच जारी संघर्ष में वहां के स्थानीय लोगों को पिसना पड़ रहा है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायली हमले के बाद ग़ज़ा (Gaza Strip) स्थित एकमात्र कोविड टेस्टिंग लैब ने काम करना बंद कर दिया है. स्थानीय अधिकारियों ने इस बाबत कहा कि ग़ज़ा पट्टी पर इजरायली हमले के दौरान एक क्लिनिक हाउसिंग को निशाना बनाया गया.

अधिकारियों ने कहा कि इजरायली हमले में अल-रमल क्लीनिक के साथ ही क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्री और कतर के रेड क्रेसेंट के दफ्तर को भी नुकसान पहुंचा है. हमास द्वारा संचालित एन्क्लेव के उप स्वास्थ्य मंत्री युसेफ अबू अल-रिश ने पत्रकारों से कहा कि मंत्रालय में चिकित्सा कर्मी घायल हो गए हैं. कुछ की स्थिति गंभीर है.

मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ किदरा ने कहा कि इजरायली हमले 'कोविड महामारी की स्थिति में स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रयासों को कमजोर करने की कोशिश' कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इजरायली स्ट्राइक से 'केंद्रीय प्रयोगशाला में स्क्रीनिंग टेस्ट थम गए.;

ग़ज़ा में 28 फीसदी पॉजिटिविटी रेट
हमास और इजराइल के बीच सैन्य गतिविधि तेज होने से पहले ग़जा़ में अधिकारियों ने प्रति दिन औसतन लगभग 1,600 लोगों का परीक्षण किया था. ग़जा़ में कोरोना संक्रमण दर करीब 28 प्रतिशत है और अस्पतालों में मरीज भरे हुए हैं. ग़ज़ा में पॉजिटिविटी रेट दुनिया में सबसे ज्यादा है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 20 लाख निवासियों के एन्क्लेव को अब तक वैक्सीन की 1,22,000 खुराकें मिल चुकी हैं, जिनमें से आधे से अधिक को अब तक लोगों को लगाया नहीं गया है. डब्ल्यूएचओ का कहना है कि ग़ज़ा में 1,03,000  लोग कोविड पॉजिटिव पाए गए थे, जिसमें से 930 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.




रविवार को हुए हमले में ग़ज़ा सिटी में कम से कम 42 लोग मारे गए थे. वहीं, इस संघर्ष में अभी तक ग़ज़ा में 55 बच्चे और 33 महिलाओं समेत 188 फलस्तीनी मारे गए हैं और 1,230 लोग जख्मी हुए हैं. दूसरी ओर इजराइल में आठ लोगों की मौत हुई है जिनमें पांच साल का एक बच्चा भी शामिल है.

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