पाकिस्तान में चुनाव से पहले बढ़ रही हैं अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएं

अटकलें हैं कि पाकिस्तान चुनाव के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) से कर्ज मांग सकता है


Updated: June 12, 2018, 11:44 PM IST
पाकिस्तान में चुनाव से पहले बढ़ रही हैं अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएं
प्रतीकात्मक फोटो

Updated: June 12, 2018, 11:44 PM IST
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को लेकर नये सिरे से आशंका जताई जा रही है. क्योंकि मौजूदा कार्यवाहक सरकार ने चालू खाते के घाटे से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार के इस्तेमाल का वचन दिया है. देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी तेजी से घट रहा है.

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में इसी जुलाई में आम चुनाव होने हैं.

इस तरह की अटकलें हैं कि पाकिस्तान चुनाव के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) से कर्ज मांग सकता है. देश में भुगतान संतुलन संकट की आशंका है. इससे पहले देश 2013 में मुद्राकोष के पास गया था.

कार्यवाहक वित्त मंत्री शमशाद अख्तर ने कहा, ‘हमें 25 अरब डालर के अपने व्यापार घाटे के अंतर को हमारे भंडार के जरिए पाटना होगा और कोई विकल्प नहीं है.’

उन्होंने कहा कि, ‘हमारी सरकार के सामने यह प्रमुख चिंता है.’ देश के केंद्रीय बैंक ने रुपये में 3.7% का अवमूल्यन किया है.

बता दें कि पाकिस्तान में 25 जुलाई को नेशनल असेंबली के चुनाव होने हैं. वोटिंग के कुछ दिनों के अंदर ही नतीजे आने की संभावना है. 324 सदस्यों वाले नेशनल असेंबली में बहुमत का आंकड़ा 172 है.

2013 में हुए देश के आम चुनाव में नवाज शरीफ की पार्टी, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन (पीएमएल-एन) बहुमत के आंकड़े से मात्र 6 सीटें कम रह गई थी. मगर वो चुने गए 19 निर्दलियों का समर्थन हासिल कर बिना किसी दिक्कत नई सरकार बनाने में कामयाब रही थी.

(इनपुट भाषा से)

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