COVID-19: वुहान लैब की वैज्ञानिक का लीक थ्योरी से इनकार, कहा- मुझ पर लगातार कीचड़ उछाला जा रहा

वुहान वायरोलॉजी इंस्टिट्यूट पर फिर सवाल खड़े किए गए हैं. (तस्वीर-Reuters-moneycontrol)

Coronaviurs Lab Leak Theory: लैब लीक थ्योरी काफी समय से चर्चा में है. बाइडन से पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भी चीन पर निशाना साधा था. हालांकि, उस दौरान इसे षड्यंत्र बताकर खारिज कर दिया गया था.

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    बीजिंग. कोरोना वायरस (Coronavirus Origin) कहां से आया? इस सवाल को लेकर एक ओर दुनियाभर में बहस तेज हो रही है. वहीं, चीन (China) लगातार इस दावे को खारिज कर रहा है. वुहान लैब की वैज्ञानिक डॉक्टर शी झेंग्ली (Dr Shi Zhengli) ने भी सभी आरोपों से इनकार किया है. वायरस की उत्पत्ति की खबरों के बीच यही लैब चर्चा का केंद्र बना हुआ है. एक्सपर्ट्स और कई नेता लगातार इस लैब से वायरस लीक होने की बात कह रहे हैं. हालांकि, इन दावों की अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है.

    न्यूयॉर्क टाइम्स से बातचीत में शी ने कहा, 'जब कोई सबूत ही नहीं है, तो मैं इस बात का सबूत कैसे पेश कर सकती हूं.' उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता दुनिया इस नतीजे पर कैसे आई, एक मासूम वैज्ञानिक पर लगातार कीचड़ उछाला जा रहा है.' दरअसल बीते महीने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने खुफिया एजेंसियों से लैब लीक थ्योरी समेत वायरस की उत्पत्ति की जांच करने के लिए कहा है.

    लैब लीक थ्योरी काफी समय से चर्चा में है. बाइडन से पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी चीन पर निशाना साधा था. हालांकि, उस दौरान इसे षड्यंत्र बताकर खारिज कर दिया गया था. इसके बाद हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स सामने आई थीं, जिनमें कहा जा रहा था कि वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के तीन शोधकर्ता 2019 में यूनान प्रांत में चमगादड़ों की गुफा में जाने के बाद बीमार हो गए थे.

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    एएफपी ने न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया कि 2017 में शी और वुहान लैब में उनके साथियों ने एक प्रयोग को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित की थी. इसमें 'उन्होंने नए पहले से मौजूद कई वायरस के मिश्रण और मिलान से हाइब्रिड बैट कोरोना वायरस बनाए थे. इनमें वह वायरस भी शामिल था, जो इंसानों में भी फैल सकता था. ये वायरस उनकी संक्रमण की क्षमता जांचने के लिए तैयार किए गए थे.'

    एक ई-मेल में शी ने कहा कि उनके प्रयोग गेन ऑफ फंक्शन प्रयोगों से अलग थे. वे वायरस को और खतरनाक बनाने की कोशिश नहीं कर रहे थे. वे यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि वायरस कैसे एक प्रजाति से दूसरी तक पहुंच सकता है. उन्होंने कहा, 'मेरी लैब ने वायरस की संक्रामकता को बढ़ाने वाले ना कभी GOF प्रयोग किए और ना इसमें सहयोग किया है.'

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