RAW चीफ से मिलने के बाद नरम पड़े पीएम ओली? FB पर शेयर किया पुराना नक्शा

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने फेसबुक पर शेयर किया देश का पुराना नक्शा
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने फेसबुक पर शेयर किया देश का पुराना नक्शा

India-Nepal Border Dispute: RAW के चीफ सामंत कुमार गोयल (Samant Kumar Goyal) से मिलने के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (Prime Minister KP Sharma Oli) द्वारा सोशल मीडिया पर देश का पुराना नक्शा शेयर करने से विवाद खड़ा हो गया है. हालांकि नेपाल सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि ऐसा तकनीकी कारणों से हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 26, 2020, 8:29 AM IST
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काठमांडू. नेपाल (Nepal) के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (Prime Minister KP Sharma Oli) का रुख भारत की खुफिया एजेंसी RAW (Research and Analysis Wing) के चीफ सामंत कुमार गोयल (Samant Kumar Goyal) से मिलने के बाद नरम पड़ता नज़र आ रहा है. ओली ने विजयदशमी की बधाई देने में अपनी तस्वीर के साथ सोशल मीडिया पर नेपाल का वही पुराना नक्शा शेयर किया है जिसमें कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा शामिल नहीं है. हालांकि विपक्ष की तरफ से आलोचना के बाद ओली के कार्यालय ने सफाई दी है कि ये नक्शा छोटा है इसलिए वे सभी भाग नज़र नहीं आ रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक ओली के रुख में यह बदलाव RAW के चीफ सामंत कुमार गोयल से बुधवार को काठमांडू में प्रधानमंत्री आवास बलुआतार में मुलाकात के बाद आया है. बता दें कि भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे भी अगले महीने नेपाल जा रहे हैं. हालांकि सोशल मीडिया पर विजयादशमी के शुभकामना संदेश के दौरान पुराना नक्शा दिखाए जाने पर हुए विवाद के बाद अब ओली के कार्यालय की ओर से सफाई दी गई है.






विवाद बढ़ने के बाद नेपाली पीएम ओली के कार्यालय की ओर से सफाई देते हुए इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि संशोधित नक्शे का आकार छोटा है इसलिए दिख नहीं रहा है. इस बधाई संदेश में नेपाली पीएम ने जिस नक्शे को ट्वीट किया उसमें लिपुलेख, कालापानी एवं लिंपियाधुरा का जिक्र नहीं किया गया जिसका वह नए नक्शे में अपना क्षेत्र होने का दावा करता है. इसके बाद वह सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गए.



विपक्षी दलों ने साधा निशाना
पुराना नक्शा साझा करने पर प्रमुख विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस के केंद्रीय नेता गगन थापा ने कहा कि ओली व्यक्तिगत रूप से कोई भी नक्शा लगा सकते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के रूप में उन्हें संसद से पास नए नक्शे का ही इस्तेमाल करना चाहिए. ओली का यह कदम देश के हित में नहीं है. हालांकि नेपाल सरकार ने रविवार को स्पष्ट किया कि ओली की विजयादशमी की शुभकामनाओं के लिए इस्तेमाल किया गया नक्शा तकनीकी कारणों से विकृत था और कहा कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से देख रहा है. आलोचना के जवाब में प्रधानमंत्री ओली के प्रेस सलाहकार सूर्य थापा ने अपने बयान में दावा किया कि संशोधित मानचित्र का उपयोग प्रधानमंत्री के संदेश में किया गया था, लेकिन इसके छोटे आकार के कारण दिखाई नहीं दे रहा था.





ओली के विदेश मामलों के सलाहकार राजन भट्टाराई ने कहा कि नेपाल ने कालापानी क्षेत्र के लिए अपने दावे को कम नहीं किया है. उन्होंने इस विवाद को दुष्प्रचार करार दिया और लोगों से अपील की कि इस पर विश्वास न करें. उन्होंने कहा कि हम देशभक्त लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे हमारे नक्शे के बारे में इस तरह के दुष्प्रचार और चलाए जा रहे अभियानों के झांसे में न आएं.नेपाल ने 20 मई को नया नक्शा जारी किया था, जिसमें भारत के उत्तराखंड में धारचूला जिले के इलाके कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को शामिल किया गया है. जून में संसद से पारित कर नए नक्शे को मंजूरी दी गई थी, जिसका भारत ने विरोध किया था.
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