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कोरोना संकट: ब्रिटिश गृह मंत्री ने फंसे विदेशियों के लिए वीजा अवधि बढ़ाई, भारतीयों को भी राहत

भाषा
Updated: March 25, 2020, 8:18 PM IST
कोरोना संकट: ब्रिटिश गृह मंत्री ने फंसे विदेशियों के लिए वीजा अवधि बढ़ाई, भारतीयों को भी राहत
ब्रिटेन ने वहां फंसे विदेशियों पर कोई आव्रजन कार्रवाई न किए जाने की बात कही है (फाइल फोटो, REUTERS)

इस घोषणा से पर्यटकों (Tourists), पेशेवरों और छात्रों सहित भारतीय नागरिकों (Indian Citizens) को राहत मिली है जिनकी वीजा अवधि (Visa Duration) समाप्त हो रही है या समाप्त हो चुकी है.

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लंदन. ब्रिटेन (Britain) की भारतीय मूल (Indian Origin) की गृह मंत्री प्रीति पटेल (Home minister Priti Patel) ने कोरोना वायरस के कारण लगे यात्रा प्रतिबंधों की वजह से ब्रिटेन में फंसे भारत सहित कई देशों के नागरिकों के लिए वीजा की अवधि करीब दो महीने बढ़ाने का आदेश जारी किया है.

यह घोषणा मंगलवार को की गयी. इस घोषणा से पर्यटकों (Tourists), पेशेवरों और छात्रों सहित भारतीय नागरिकों को राहत मिली है जिनकी वीजा अवधि (Visa Duration) समाप्त हो रही है या समाप्त हो चुकी है. वे लोग लंदन में भारतीय दूतावास से सोशल मीडिया (Social Media) के जरिए संपर्क कर रहे थे.

गृह मंत्री प्रीति पटेल ने दी तसल्ली, कहा- किसी के खिलाफ नहीं होगी प्रवर्तन की कार्रवाई
कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के मद्देनजर उड़ानों के रद्द हो जाने के कारण विदेशी नागरिकों की तरह कई भारतीय भी फंस गए.



पटेल ने विदेशी नागरिकों (Foreign Citizens) को 31 मई तक राहत देते हुए कहा कि वह लोगों के मन को शांति देना चाहती है कि वर्तमान यात्रा प्रतिबंधों के कारण किसी के खिलाफ कोई प्रवर्तन कार्रवाई नहीं की जाएगी.

यह विस्तार उन सभी लोगों पर लागू होगा जिनकी अनुमति 24 जनवरी के बाद समाप्त हो गई लेकिन यात्रा प्रतिबंध या खुद ही पृथक (Quarantine) रहने के कारण वापस नहीं लौट सके.

ब्रिटिश संसद को ईस्टर अवकाश तक किया जा सकता है बंद
वहीं कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए बुधवार को ब्रिटिश संसद को बंद किया जा सकता है और सांसदों को एक सप्ताह पहले ही ईस्टर का अवकाश दिया जा सकता है. सरकार ने संसद के निचले सदन हॉउस ऑफ कॉमन्स (House of Commons) में प्रस्ताव रखा है कि बुधवार की कार्यवाही के बाद संसद को 21 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया जाए.

आवासीय सचिव रॉबर्ट जेनरिक ने बीबीसी को बताया था कि देशभर में गैर जरूरी दुकानों और सेवाओं को बंद करना और लोगों को घर में रहने का आदेश देना एक समझदारी भरा निर्णय था. उन्होंने कहा, 'जाहिर है कि संसद को उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए.' उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को कोविड-19 (Covid-19) के संक्रमण से बचाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि ईस्टर की छुट्टियों के बाद संसद दोबारा शुरू होगी.

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First published: March 25, 2020, 8:01 PM IST
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