कोरोना : ब्रिटेन के पीएम को PPE की कमी होने की चेतावनी देने वाले डॉ. चौधरी का निधन

कोरोना : ब्रिटेन के पीएम को PPE की कमी होने की चेतावनी देने वाले डॉ. चौधरी का निधन
डॉ. चौधरी ने पीएम बोरिस जॉनसन को दिए गए संदेश में कहा था कि स्वास्थ्य कर्मचारी मरीजों के सीधे संपर्क में हैं. उन्‍हें पीपीई की जरूरत है. फोटो साभार/ट्विटर

पूर्वी लंदन के होमर्टन यूनिवर्सिटी अस्पताल में डॉ. चौधरी को 23 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 11, 2020, 3:29 PM IST
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लंदन. एक ब्रिटिश मुस्लिम डॉक्टर अब्दुल माबूद चौधरी (Abdul Mabud Chowdhury), जिन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (PPE) की कमी की चेतावनी दी थी. उनकी बुधवार को कोरोना वायरस (Corona virus) की वजह से मृत्यु हो गई. वह मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले थे. वह यूरोलॉजिस्ट थे और उन्‍होंने पूर्वी लंदन के होमर्टन अस्पताल में अपनी सेवाएं दीं.

53 वर्षीय चौधरी ने 18 मार्च को पीएम बोरिस जॉनसन को दिए गए अपने संदेश में कहा था कि 'स्वास्थ्य कर्मचारी मरीजों के सीधे संपर्क में हैं और उन्‍हें फौरन पीपीई की जरूरत है.' अस्पताल में भर्ती होने से पांच दिन पहले भी डॉ. चौधरी ने अपने आप को और हमारे परिवार को बचाने के लिए पीपीई मुहैया कराए जाने की अपील की थी.

बेटे ने कहा, 'मेेेेरे पिता हीरो थे, उन्‍हें दूसरों की परवाह थी'
सरकार की ओर से दैनिक कोरोनावायरस ब्रीफिंग में कहा गया कि हमारी योजनाओं में लोगों की सुरक्षा के तहत एक नया घरेलू विनिर्माण उद्योग बनाना शामिल है. वहीं डॉ. चौधरी के बेटे इंतिसार ने अपने पिता और यूरोलॉजिस्ट को एक दयालु और नायक बताया है और कहा है कि 'उन्‍हें लोगों का दर्द था और उन्‍होंने फेसबुक पर भी इस दर्द को साझा किया था. वह वह अपने सहकर्मियों की कितनी परवाह करते थे. उन्होंने सभी के बारे में परवाह की और सभी के लिए प्यार और करुणा उनके जीवन के हर पहलू में थी.'
उन्होंने आगे कहा कि उन्‍हें अपने पिता पर गर्व है और उनके पिता में साहस था. पूर्वी लंदन के होमर्टन यूनिवर्सिटी अस्पताल में डॉ. चौधरी को 23 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ट्रेसी फ्लेचर ने कहा कि वह यूरोलॉजी विभाग के प्रत्येक सदस्य द्वारा बहुत याद किए जाएंगे. साथ ही उन सभी लोगों द्वारा याद रखे जाएंगे जो उन्हें एक पेशेंट के तौर पर या वार्ड या प्रबंधन में जो उन्‍हें जानते थे. ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन (BMA) के अध्यक्ष डॉ. चांद नागपॉल ने कहा कि 'यह इतना दुखद था कि पीपीई की कमी के बारे में चेतावनी जारी करने के बाद 53 वर्षीय डॉ. चौधरी की मौत हो गई.'



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