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WHO पर भड़के ट्रंप, कोरोना वायरस पर चीन का पक्ष लेने पर लगाई लताड़

News18Hindi
Updated: March 26, 2020, 6:56 PM IST
WHO पर भड़के ट्रंप, कोरोना वायरस पर चीन का पक्ष लेने पर लगाई लताड़
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि WHO ने कोरोना वायरस के मुद्दे पर चीन का जरूरत से ज्यादा पक्ष लिया है जो कि जायज नहीं है

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  • Last Updated: March 26, 2020, 6:56 PM IST
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कोरोना वायरस (covid 19) के दुनियाभर में फैलते संक्रमण के बीच अमेरिका (America) और चीन (China) के बीच जुबानी जंग जारी है. कोरोना वायरस के फैलने के लिए अमेरिका लगातार चीन को जिम्मेदार ठहरा रहा है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस के मामले में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को आड़े हाथों लिया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि WHO ने कोरोना वायरस के मुद्दे पर चीन का जरूरत से ज्यादा पक्ष लिया है जो कि जायज नहीं है.

एक प्रेस कॉन्फेंस में कोरोना वायरस के मुद्दे पर WHO की भूमिका पर पूछे गए सवाल पर ट्रंप भड़क उठे और उन्होंने कहा कि दुनिया WHO के रवैये से दुखी है और वो ये महसूस करते हैं कि यह बहुत गलत हुआ है. ट्रंप ने कहा कि WHO लगातार कोरोना वायरस के मुद्दे पर चीन का पक्ष ले रहा है.

WHO लगातार ही कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की चीन की तैयारियों की तारीफ करता आ रहा है. जबकि चीन के वुहान से निकला कोरोना वायरस अब तक दुनिया के 196 देशों में 21 हज़ार से ज्यादा जानें ले चुका है वहीं तकरीबन 5 लाख लोगों को संक्रमित कर चुका है. इसके बावजूद विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेडरोस चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सार्वजनिक रूप से तारीफ करते हुए नज़र आए हैं. यही वजह है कि अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के साथ अब WHO ट्रंप के निशाने पर आ गया.

महामारी रोकथाम के प्रयासों को चीन ने किया साझा



चीन के वुहान में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के प्रयास और अनुभवों को चीन ने दुनिया के साथ साझा किया है. चीन के एक चिकित्सा दल ने 13 मार्च को इटली जाकर वहां के डॉक्टरों के साथ महामारी की रोकथाम के बारे में जानकारियां और अनुभव साझा किए तो मरीजों के इलाज के लिए चिकित्सा सहायता सामग्री भी पहुंचाई है. इसके अलावा महामारी नियंत्रण को लेकर मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी की. साथ ही चीन की रेड-क्रॉस सोसाइटी की एक टीम ने ईरान पहुंचकर महामारी की रोकथाम में मदद की. चीन ने अब तक तकरीबन सौ से ज्यादा देशों के साथ महामारी के नियंत्रण को लेकर निदान और इलाज के अनुभव को साझा किया है. यही वजह है कि WHO लगातार चीन की तारीफों के पुल बांधने में जुटा हुआ है.

कोरोना वायरस को अमेरिका ने 'चीनी वायरस' बताया

लेकिन अमेरिका कोरोना वायरस को लेकर लगातार चीन पर आरोप लगा रहा है. यहां तक कि अमेरिका ने कोरोना वायरस को 'चीनी वायरस' या 'वुहान वायरस' तक कह डाला और इसके लिए पूरी तरह से चीन को कसूरवार ठहराया है.

अमेरिका में अब तक घातक कोरोना वायरस से 1031 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 68572 लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं. चीन और इटली के बाद कोविड 19 से संक्रमण के मामले में अमेरिका तीसरे नंबर पर है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर चुके हैं. न्यूयॉर्क कोविड 19 का एपिसेंटर बन चुका है जहां संक्रमित लोगों की तादाद 30 हज़ार को पार कर गई है जबकि तकरीबन 300 लोगों की मौत हो गई है. कोरोना वायरस से पहली मौत का मामला अमेरिका में वाशिंगटन में सामने आया था. वाशिंगटन में अब तक 130 लोगों की मौत हो चुकी है.

बहरहाल कोरोना वायरस को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के बीच चीन ने एक बार फिर कोरोना वायरस को फैलाने से इनकार किया है. चीन ने कहा है कि उसने न तो कोरोना वायरस बनाया और न ही दुनिया के देशों में इसको फैलाया है. चीन ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को चीन की आलोचना करने की बजाए महामारी की रोकथाम में चीनी प्रयासों पर गौर करना चाहिए.

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First published: March 26, 2020, 6:54 PM IST
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