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कोरोना के कहर से लंदन के अस्पताल 'वेंटीलेटर' पर, 3 दिन में होने वाली है ICU बेड्स की कमी

News18Hindi
Updated: March 26, 2020, 5:18 PM IST
कोरोना के कहर से लंदन के अस्पताल 'वेंटीलेटर' पर, 3 दिन में होने वाली है ICU बेड्स की कमी
ब्रिटेन में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से 71 लोगों की जान गई

अब तक ब्रिटेन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 463 हो चुकी है जबकि पिछले 24 घंटों में 1452 नए मामले सामने आए हैं.

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  • Last Updated: March 26, 2020, 5:18 PM IST
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ब्रिटेन (Britain) में कोरोना वायरस (Covid 19) के संक्रमण से हेल्थ सिस्टम बुरी तरह लड़खड़ा गया है. मरीजों की बढ़ती संख्या की वजह से ब्रिटेन में हालात दिनों दिन बेहद खराब होते जा रहे हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन के अस्पतालों में आईसीयू (ICU) बेड्स की कमी होने जा रही है. खासतौर से लंदन के अस्पतालों में अगले 3 दिनों में इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) के बेड्स की कमी होने जा रही है. जबकि पूरे इंग्लैंड में अगले दो सप्ताह में आईसीयू बेड्स की कमी होने का अंदेशा जताया गया है.

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की रिसर्च ने जताई आशंका

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी ने ऐसी आशंका जताई है कि आने वाले 3 दिन में लंदन में  में ICU बेड की कमी हो जाएगी जबकि पूरे ब्रिटेन को दो हफ्तों बाग आईसीयू बेड्स की कमी से जूझना पड़ेगा.

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी ने ब्रिटेन के अलग-अलग इलाकों की रिसर्च के बाद ये आशंका जताई है. हालांकि, रिसर्च में ये दावा किया गया है कि नॉर्थ ईस्ट, यॉर्कशायर और नॉर्थ वेस्ट इलाकों में  ऐसी नौबत नहीं आएगी.



इंग्लैंड का इटली जैसा हुआ हाल

कोरोना वायरस के कहर से जूझ रहे ब्रिटेन की हालत भी इटली जैसी होती जा रही है. ब्रिटेन में एक हफ्ते में मौत का आंकड़ा छह गुना तक बढ़ गया है.  पिछले 24 घंटों में ब्रिटेन में 71 लोगों की मौत हो चुकी है.

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में भी इटली की ही तरह बेकाबू होते हालात की वजह से गंभीर और बुजुर्ग मरीजों के इलाज की जगह युवा या फिर बचाए जा सकने वालों मरीजों का इलाज किया जा रहा है. ऐसे गंभीर हालात की वजह से ब्रिटेन के अस्पतालों की इंटेसिव केयर यूनिट (ICU) में बेड्स की कमी भारी कमी होने वाली है. रिपोर्ट के मुताबिक लंदन के अस्पतालों में पहले और बाद में उत्तर पश्चिमी ब्रिटेन में ये हालात होने हैं.

नर्स ने किया चौंकाने वाला खुलासा

दरअसल, ये चौंकाने वाला खुलासा एक नर्स ने किया है. हैरो स्थित नॉर्थविक पार्क हॉस्पिटल की नर्स ने बताया कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि गंभीर मरीजों को बचाने की बजाए मरने के लिए छोड़ा जा रहा है जबकि बचाए जा सकने वाले मरीज़ों का ही केवल इलाज किया जा रहा है. नर्स ने बताया कि केवल उन्हीं मरीजों का इलाज किया जा रहा है जिनकी बचने की उम्मीद है. ऐसे में मरीजों की मौजूदा हालात के चलते अस्पताल में आईसीयू बेड्स की कमी हो रही है.

साफ है कि ब्रिटेन के अस्पताल संक्रमित लोगों के इलाज में इटली की ही तरह वेटिंलेटर्स की कमी से जूझ रहे हैं. नर्स के मुताबिक अब हालात ऐसे हो चुके हैं कि  अस्पताल के डॉक्टर ये तय नहीं कर पा रहे हैं कि वो किस मरीज़ को वेंटीलेटर पर रखें और किसे नहीं.

कोरोना संक्रमित मरीजों की हालत बयां करते हुए नर्स ने बताया कि मारे गए कई मरीज़ बुजुर्ग थे जिनका इम्यून सिस्टम वायरस से मुकाबला नहीं कर सका. लेकिन कई युवा ऐसे भी थे जो सांस नहीं ले पा रहे थे और उन्हें तत्काल ही वेटींलेटर्स की पहले जरूरत थी. ऐसे में डॉक्टरों ने ही वेंटीलेटर्स को लेकर फैसला किया. द डेली टेलीग्राफ से हुई नर्स की बातचीत को द डेली मेल ने प्रकाशित किया है.

लंदन के अस्पतालों में आईसीयू बेड्स की कमी

कोरोना पॉज़िटिव मरीजों के मामले में शुरुआती समय में ही लंदन की हालत सबसे ज्यादा खराब हो चुकी है और आने वाले तीन दिनों में यहां के अस्पतालों में हालात बहुत मुश्किल में पहुंच जाएंगे.

अब तक ब्रिटेन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 463 हो चुकी है जबकि पिछले 24 घंटों में 1452 नए मामले सामने आए हैं. ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि आखिर फिर लंदन में लोगों का इलाज कैसे होगा ?

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First published: March 26, 2020, 5:09 PM IST
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