गले और नाक नहीं, कान में भी पहुंच सकता है कोरोना वायरस, रिसर्च में खुलासा

गले और नाक नहीं, कान में भी पहुंच सकता है कोरोना वायरस, रिसर्च में खुलासा
कान में भी पहुंच सकता है कोरोना वायरस (सांकेतिक तस्वीर)

स्टडी (Study) में पाया गया कि 80 साल के मरीज के दाहिने कान के बीच में कोरोना पाया गया, जबकि 60 साल के मरीज के बाएं-दाएं मास्टॉयड में और उसके बाएं और दाएं मध्य कान में वायरस था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 24, 2020, 11:33 PM IST
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नई दिल्ली. चीन (China) से दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण का कहर अभी थम नहीं रहा है. दुनियाभर में अब तक 1 करोड़ 56 लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं, जबकि 6.36 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच कोरोना को लेकर डरावना रिसर्च सामने आया है. कोरोना वायरस नाक, गले और फेफड़ों को इन्फेक्ट करता है, यह बात तो अब तक जाहिर थी. लेकिन एक नए रिसर्च में सामने आया है कि वायरस कान को भी इन्फेक्ट कर सकता है.

मेडिकल जर्नल JAMA Otolaryngology की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अध्ययन में तीन ऐसे मरीजों की जिक्र किया गया जिनकी कोविड-19 संक्रमण से मौत हो गई. इनमें से एक मरीज की उम्र 60 साल और दूसरे की 80 साल थी. इन दोनों मरीजों के कान के पीछे हड्डी में कोरोना इन्फेक्शन पाया गया. जॉन हॉपकिंस स्कूल ऑफ मेडिसिन की टीम का कहना है कि इस अध्ययन के बाद कोरोना वायरस के लक्षण वाले लोगों में कान भी चेक किए जाएं.

स्टडी में पाया गया कि 80 साल के मरीज के दाहिने कान के बीच में कोरोना पाया गया, जबकि 60 साल के मरीज के बाएं-दाएं मास्टॉयड में और उसके बाएं और दाएं मध्य कान में वायरस था. स्टडी में यह भी खुलासा हुआ कि इन्फेक्शन की वजह से मरीज के सुनने की शक्ति भी कम हो गई थी. गौरतल है कि कोरोना संक्रमण की वजह से दुनियाभर में अब तक 1 करोड़ 56 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 6 लाख 36 हजार 475 लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में दिग्गज कंपनियां, प्रतिष्ठित विद्यालय और सैन्य संस्थान जोरशोर से जुटे हुए हैं. दावा किया जा रहा है कि जल्द ही वैक्सीन को बना लिया जाएगा.
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