प्लाज्मा थेरेपी और वैक्सीन से जुड़े ट्रंप के फैसले पर WHO और डॉक्टर फॉसी ने उठाए सवाल

प्लाज्मा थेरेपी और वैक्सीन से जुड़े ट्रंप के फैसले पर WHO और डॉक्टर फॉसी ने उठाए सवाल
कोरोना एक्सपर्ट डॉक्टर फॉसी ने ट्रंप के फैसले पर उठाए सवाल

Coronavirus in US: अमेरिका में ट्रंप प्रशासन (Donald Trump) द्वारा ब्लड प्लाज्मा थेरेपी (Blood plasma treatment) को मंजूरी दिए जाने पर WHO ने सवाल खड़े कर दिए हैं. WHO ने कहा है कि ये थेरेपी उतनी कारगर नहीं है जितना इसे बताया जा रहा है, ये कुछ मामलों में ही कारगर साबित हुई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 25, 2020, 2:10 PM IST
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वाशिंगटन. कोरोना संक्रमण (Coronavirus) से सबसे बुरी तरह प्रभावित अमेरिका (US) ने वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) में देरी होते देख अब संक्रमितों के इलाज के लिए ब्लड प्लाज्मा थेरेपी (Blood plasma treatment) की अनुमति दे दी है. हालांकि ट्रंप के इस फैसले पर वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन (WHO) ने कहा है कि ब्लड प्लाज्मा से संक्रमितों के सुरक्षित और कारगर इलाज होने के काफी कम सबूत हैं. उधर खबर आई है कि ट्रंप वैक्सीन ट्रायल पूरे होने से पहले ही उसके इस्तेमाल की इजाजत को मंजूरी दे सकते हैं, हालांकि अमेरिका के टॉप कोरोना एक्सपर्ट डॉक्टर एंथनी फॉसी ने इसे लेकर चेतावनी दी है.

WHO की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन ने सोमवार को ट्रंप प्रशासन की ओर से अमेरिका में प्लाज्मा की मदद से को मंजूरी देने पर कहा कि इस थेरेपी से इलाज की संभावनाएं बेहद कम है, ये काफी कम मामलों में कारगर साबित हुई है. उन्होंने कहा कि दुनिया भर में प्लाज्मा थेरेपी से इलाज को लेकर बहुत सारे शोध हो रहे हैं. हालांकि, इनमें से कुछ में ही इसके असरकारी होने की बात सामने आई है. उधर अमेरिकी साइंटिस्ट और व्हाइट हाउस कोरोना टास्क फोर्स के मेम्बर डॉ. एंथनी फॉसी ने कहा कि जल्दबाजी में कोरोना वैक्सीन को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए. बिना समुचित ट्रायल के किसी वैक्सीन को मंजूरी देने से दूसरे वैक्सीन के लिए दिक्कते बढ़ेंगी.






बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में खुद को फायदा पहुंचाने के लिए किसी वैक्सीन को मंजूरी दे सकते हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के मद्देनज़र ब्रिटेन की कोविड-19 वैक्सीन को आपातकालीन अनुमति देने पर विचार कर रहा है. इस वैक्सीन पर फ़ार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राज़ेनेका और ऑक्सफ़ोर्ड साथ मिलकर काम कर रहे हैं. वैक्सीन में देरी से ट्रंप परेशानCNN के मुताबिक दुनिया में अमेरिका ही कोरोना संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है ऐसे में वैक्सीन में हो रही देरी का असर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों पर भी पड़ सकता है. ट्रंप ने इसी लिए इलाज के लिए प्लाज़्मा थेरेपी को मंज़ूरी दे दी है. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस करके बताया कि आपात स्थिति में बीमार मरीज़ों के इलाज के लिए प्लाज़्मा थेरेपी को फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मंज़ूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि इससे कई ज़िंदगियां बचाई जा सकेंगी. ट्रंप ने कहा कि शोध में पाया गया है कि प्लाज़्मा थेरेपी के ज़रिए मृत्यु दर को 35 फ़ीसदी तक कम किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि अमरीका में अब तक 70 हज़ार से ज़्यादा लोगों को प्लाज़्मा दिया गया है.

ट्रंप ने इसे कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ लड़ाई में एक ऐतिहासिक घोषणा बताया और कहा कि वो बहुत पहले ही ये करना चाहते थे, क्योंकि ये एक 'पावरफुल थेरेपी' है, लेकिन व्हाइट हाउस के कोरोना टास्क फोर्स के सदस्य डॉ एंथनी फाउची समेत कई विशेषज्ञों ने इस तरह के उपचार में सीमित अध्ययन पर चिंता जताई है. अमेरिका में प्लाज़्मा थेरेपी के इस्तेमाल को ऐसे वक़्त में मंज़ूरी दी गई है जब वहां इस बीमारी से 1.76 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. मौतों के बढ़ते आंकड़े को लेकर डोनाल्ड ट्रंप लगातार अमेरिकी जनता की नाराज़गी झेल रहे हैं.

क्या सच में कारगर है प्लाज्मा थेरेपी?
स्वास्थ्य विशेज्ञषों का कहना है कि अगर मरीज़ का सही चुनाव किया जाए तो इससे बीमारी की तीव्रता को कम करने में भी मदद मिल सकती है. अमेरिकी फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी एफडीए ने पहले भी करोना के मरीज़ों के कुछ 'विशेष परिस्थितियों' में शर्तों के साथ प्लाज़्मा देने की मंज़ूरी दी थी. जैसे जो गंभीर रूप से बीमार हैं या क्लीनिकल ट्रायल में हिस्सा ले रहे हैं. अब एफडीए ने 'इमरजेंसी इस्तेमाल'की अनुमति दी है. ये मंज़ूरी ये कहते हुए दी गई है कि शुरुआती रिसर्च बताती हैं अगर अस्पताल में भर्ती होने के पहले तीन दिनों में ब्लड प्लाज़्मा दिया जाए तो मृत्यु दर में कमी हो सकती है और मरीज़ की सेहत सुधर सकती है. हालांकि इसके असर को साबित करने के लिए और ट्रायल की ज़रूरत है. ट्रंप ने अपील भी की है कि जो लोग कोरोना वायरस से ठीक हो चुके हैं वो प्लाज़्मा डोनेट करने के लिए ख़ुद को रजिस्टर करें.
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