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कोरोना वायरस के खौफ से ‘हाथ’ मिलाने से बेहतर है डर को ‘नमस्ते’ करें!

News18Hindi
Updated: March 4, 2020, 5:45 PM IST
कोरोना वायरस के खौफ से ‘हाथ’ मिलाने से बेहतर है डर को ‘नमस्ते’ करें!
चांसलर एंजिला मर्केल से उनके ही मंत्री ने हाथ मिलाने से किया इनकार

जर्मनी में चांसलर एंजेला मर्केल के लिए उस वक्त स्थिति असहज हो गई जब उनके ही एक मंत्री ने उनसे हाथ मिलाने से इनकार कर दिया

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चीन के वुहान से निकला कोरोना वायरस अब तक दुनिया के 70 देशों में दस्तक दे चुका है. कोरोना वायरस के खौफ का असर अब सामान्य व्यवहार में भी दिखाई देने लगा है. जर्मनी में चांसलर एंजेला मर्केल के लिए उस वक्त स्थिति असहज हो गई जब उनके ही एक मंत्री ने उनसे हाथ मिलाने से इनकार कर दिया.

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने का फिलहाल सावधानी ही उपाय है. ऐसे में लोग एक दूसरे के संपर्क में आने और हाथ मिलाने से कतरा रहे हैं. यही नज़ारा उस वक्त जर्मनी में दिखाई पड़ा जब जर्मनी के आंतरिक मंत्री होर्स्ट जेहोफान ने एंजिला मर्केल से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया.

दरअसल एक एक वीडियो सामने आया है जिसमें एंजेला मर्केल मीटिंग के बाद एक मिनिस्टर के करीब पहुंचती हैं और उनसे शेक हेंड करने के लिए हाथ बढ़ाती हैं. लेकिन मिनिस्टर होर्स्ट जेहोफान हाथ मिलाने से मना कर देते हैं. एंजेला मर्केल भी इसके बाद तुरंत हाथ वापस खींच लेती हैं. ये वीडियो बर्लिन में हुए माइग्रेशन समिट का है. इस घटना पर समूचा हॉल ठहाकों से गूंज उठता है. लेकिन इसके जरिए एंजेला मर्केल और उनके मंत्री जेहोफान अपने देश को एक संदेश देने में भी कामयाब हो गए. दअसल जर्मनी में भी कोरोना के कहर से 157 मरीज संक्रमित हो चुके हैं.


इसी तरह की तस्वीर दो साल पहले भारत की संसद में भी तब नज़र आई थी जब तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पीएम मोदी से हाथ नहीं मिलाया था. दरअसल, उस वक्त जेटली अपने इलाज के बाद पहली बार राज्यसभा आए थे. मेडिकल एडवाइस के तहत उनके हाथ मिलाने पर डॉक्टरों ने मना किया हुआ था.  उस वक्त संसद में उप सभापति पद के चुनाव का नतीजा घोषित होने के बाद पीएम मोदी ने जेटली की तरफ हाथ मिलाने के लिए बढ़ाया तो जेटली ने हाथ न मिलाकर मुस्कुराकर नमस्ते किया था.

कोरोना वायरस के संक्रमण के डर से ही इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने श्रीलंका दौरे पर हाथ न मिलाने का फैसला किया है. इंग्लैंड की टीम के खिलाड़ी हाथ मिलाने की जगह खिलाड़ी एक-दूसरे का अभिवादन मुट्ठियां टकराकर करेंगे.

दरअसल, सामान्य शिष्टाचार में हाथ मिलाने की पश्चिमी परंपरा के ठीक विपरीत है भारत का नमस्ते. इसमें सामने वाले के प्रति आदर का भाव भी है तो साथ ही किसी भी तरह के संक्रमण के फैलने की कोई गुंजाइश नहीं है. यही वजह है कि हाथ मिलाने से बेहतर दोनों हाथ जोड़कर नमस्ते करने के कई फायदे हैं. खासतौर से आज जब दुनिया भर में कोरोना वायरस के संक्रमण का डर फैला हो तो ऐसे में संक्रमण के डर को हाथ जोड़कर ही नमस्ते किया जा सकता है.

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First published: March 3, 2020, 4:50 PM IST
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