दुनिया में कोरोना : हज यात्रा शुरू, एक बार में सिर्फ 20 जायरीन को इजाजत

दुनिया में कोरोना : हज यात्रा शुरू, एक बार में सिर्फ 20 जायरीन को इजाजत
सोशल डिस्टेंसिग के साथ हज यात्रा शुरू (File Photo)

सऊदी अरब में बुधवार से हज शुरू हो गया. हालांकि, इसमें सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का ध्यान रखा जा रहा है. एक बार में सिर्फ 20 जायरीनों को मक्का आने की इजाजत दी जा रही है.

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  • Last Updated: July 29, 2020, 10:03 PM IST
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नई दिल्ली. अमेरिका (US), भारत (India) और ब्राजील (Brazil) में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) अभी भी चरम पर बना हुआ है. मंगलवार को दुनीया भर में कोरोना संक्रमण (Covid-19) के 2 लाख 47 हज़ार नए केस सामने आए जिसके बाद कुल मामले बढ़कर अब 1 करोड़ 68 लाख से भी ज्यादा हो गए हैं. बीते 24 घंटों में संक्रमण से 5500 लोगों की मौत हो गयी जिसके बाद कुल मौतों की स्नाख्या बढ़कर अब 6 लाख 62 हज़ार से भी ज्यादा हो गयी है. अमेरिका में 64 हज़ार, भारत में 49 हज़ार और ब्राजील में 41 हज़ार नए केस मिले हैं.

#सोशल डिस्टेंसिंग के साथ हज शुरू

सऊदी अरब में बुधवार से हज शुरू हो गया. हालांकि, इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जा रहा है. एक बार में सिर्फ 20 जायरीनों को मक्का आने की इजाजत दी जा रही है. यहां आने से पहले सभी को एक दिन आइसोलेशन में रहना जरूरी है. हज के दौरान जायरीनों को मास्क लगाए रहना भी जरूरी होगा. इस बार किसी भी विदेशी जायरीन को यहां आने की इजाजत नहीं है.



#रूस 10 अगस्त से पहले लाएगा कोरोना वैक्सीन
रूस के वैज्ञानिकों का दावा है कि अगस्त के मध्य तक कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन (First Vaccine Of Coronavirus in the World) को मंजूरी दे सकता है. इसका मतलब यह हुआ कि रूस कोरोना वायरस की वैक्सीन बाजार में बहुत जल्दी ला रहा है. रूसी अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने सीएनएन चैनल को बताया कि वे वैक्सीन की मंजूरी के लिए 10 अगस्त या उससे पहले लाने की दिशा में काम कर रहे हैं.

#इटली ने लॉकडाउन बढ़ाया
इटली ने लॉकडाउन का समय 15 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है. प्रधानमंत्री ​​​​​​जुसेप कोंटे ने बढ़ते मामलों को देखते हुए संसद में पाबंदियां बढ़ाने का सुझाव रखा था. मंगलवार को संसद के ऊपरी सदन में इस पर चर्चा होने के बाद इसे मंजूरी दे दी गई.

#अमेरिका में कोविड-19 टीके का अंतिम चरण का परीक्षण शुरू
अमेरिका में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ तथा मॉडर्ना इंक द्वारा विकसित कोविड-19 टीके का अंतिम चरण का परीक्षण शुरू हो गया है जिसमें लगभग 30 हजार अमेरिकी भाग ले रहे हैं. अंतिम चरण का परीक्षण अमेरिका में विभिन्न स्थानों पर सोमवार को शुरू हुआ. बिंघमटन, न्यूयॉर्क में टीका लगवाने वाली 36 वर्षीय नर्स मेलिसा हार्टिंग ने कहा, 'मैं इसका हिस्सा बनकर रोमांचित हूं. यह बहुत बड़ी चीज है.' उन्होंने कहा, 'इस बीमारी के उन्मूलन के लिए हमारी तरफ से यह प्रयास मेरे लिए महत्वपूर्ण है.'

टीके के अंतिम चरण के परीक्षण के परिणाम आने में महीनों लगेंगे और इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि परिणाम सकारात्मक ही होंगे. पूरी दुनिया में कोरोना वायरस लगभग साढ़े छह लाख लोगों की जान ले चुका है. अमेरिका में इससे लगभग डेढ़ लाख लोगों की मौत हुई है. वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने खुलासा किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ के निदेशक फ्रांसिस कोलिन्स ने अंतिम चरण के परीक्षण में सावन्नाह, जॉर्जिया में सुबह पौने सात बजे पहला टीका दिए जाने के बाद कहा, 'यह महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.' मॉडर्ना कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी स्टीफन बैंसेल ने कहा, 'हम गति पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं क्योंकि हमारे लिए हर दिन मायने रखता है.'

#क्या किसी व्यक्ति को दोबारा हो सकता है कोरोना वायरस का संक्रमण?
क्या किसी व्यक्ति को कोराना वायरस का संक्रमण दोबारा हो सकता है? यह एक ऐसा सवाल है जिसका शत-प्रतिशत जवाब अभी तक वैज्ञानिक भी नहीं जान पाए हैं, लेकिन उनका मानना है कि ऐसा होने की संभावना नहीं है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 से पीड़ित व्यक्तियों में किसी न किसी तरह की रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाएगी, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि इस क्षमता का स्तर क्या होगा और यह कब तक टिकेगी.

ऐसी खबरें हैं कि ठीक होने के कई सप्ताह बाद लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है. इस तरह की खबरों ने कई विशेषज्ञों को यह सोचने को मजबूर कर दिया है कि क्या व्यक्ति दोबारा भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकता है? कई विशेषज्ञों को लगता है कि लोग समान बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं या फिर जांच रिपोर्ट में पहले संक्रमण के शेष अवशेषों का पता चल रहा है. ऐसी भी संभावना है कि जांच रिपोर्ट गलत आ रही हो और इनमें इस वजह से लोगों के दोबारा संक्रमित होने की बात कही जा रही हो.

वैज्ञानिकों का कहना है कि ठीक होने के बाद जांच रिपोर्ट में फिर से संक्रमित पाए जाने के बाद किसी व्यक्ति से दूसरों को संक्रमण होने का कोई दस्तावेजी साक्ष्य नहीं है. अन्य विषाणुओं के संबंध में हुए अध्ययनों में पाया गया है कि लोग अपने पहले संक्रमण के बाद तीन महीने से लेकर एक साल के भीतर फिर से बीमार हो सकते हैं, लेकिन कोरोना वायरस के मामले में ऐसा हो सकता है या नहीं, इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा. बोस्टन कॉलेज में वैश्विक जनस्वास्थ्य कार्यक्रम के निदेशक डॉ. फिलिप लांद्रिगन ने कहा कि यह काफी कुछ एक उभरता विज्ञान है.

#ट्रंप ने फिर कहा, हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन है कोविड-19 की दवा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि मलेरिया रोधी दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन कोरोना वायरस संक्रमण की प्रभावी दवा है. उन्होंने देश के अग्रणी संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. एंथनी फौसी की विश्वसनीयता को भी चुनौती दी. वहीं, फौसी ने कहा कि वह अपना काम करना जारी रखेंगे. कई अध्ययनों से निष्कर्ष निकला है कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन कोविड-19 का प्रभावी उपचार नहीं है. यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने भी हाल में कोविड-19 के आपात उपचार में इस दवा के इस्तेमाल की अनुमति को वापस ले लिया था.

कोविड-19 टीके के विकास को प्रोत्साहन देने के लिए नॉर्थ कैरोलिना गए ट्रंप ने वहां से लौटने के बाद सिलसिलेवार ट्वीट किए और महामारी के उपचार में मलेरिया रोधी दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का समर्थन किया. ट्रंप ने एक ऐसा पोस्ट भी साझा किया जिसमें फौसी पर हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के मुद्दे पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है. व्हाइट हाउस कोरोना वायरस कार्यबल के अग्रणी सदस्य फौसी मंगलवार को एबीसी के ‘गुड मॉर्निंग अमेरिका’ कार्यक्रम में दिखे और कहा कि वह मुद्दे पर एफडीए के साथ हैं तथा वह अपना काम करना जारी रखेंगे.

#भारतीय मूल की अफ्रीकी कार्यकर्ता की कोविड-19 से मौत
भारतीय मूल की वयोवृद्ध दक्षिण अफ्रीकी कार्यकर्ता सईदा कछालिया की कोविड-19 से मौत हो गई. सईदा (80) ट्रांसवाल इंडियन कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष और अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) के कद्दावर नेता रहे इस्माइल ‘मौलवी’ कछालिया की बेटी थीं. सईदा की मौत इस सप्ताहांत कोविड-19 की वजह से हुई. सईदा के दादा अहमद कछालिया ने महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका प्रवास के दौरान आजादी के संघर्ष में वहां उनके साथ काम किया था.

नस्लभेद के खिलाफ काम करने वाले अहमद कथरादा फाउंडेशन ने कहा, 'सईदा अपने आप में एक कार्यकर्ता थीं.' फाउंडेशन ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, '1950 के दशक में एक युवा लड़की के तौर पर वह अपने माता-पिता के साथ विरोध सभाओं और राजनीतिक कार्यक्रमों में जाती थीं. ये कार्यक्रम 1952 के अवज्ञा अभियान और 1956 के महिला मार्च से जुड़ी थीं.' सईदा ने अपने माता-पिता की विरासत को आगे बढ़ाया और ट्रांसवाल इंडियन यूथ कांग्रेस में सक्रिय रहीं बाद में 1983 में ट्रांसवाल इंडियन कांग्रेस से भी जुड़ीं जब इसका पुनर्गठन हुआ.

#भारत-ब्रिटेन के बीच दवाओं पर अनुसंधान के लिए 80 लाख पाउंड का नया समझौता
भारत और ब्रिटेन 80 लाख पाउंड राशि की पांच परियोजनाओं के साथ विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में अपने सहयोग को आगे बढ़ाएंगे. ब्रिटेन इस अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए ब्रिटिश अनुसंधान और नवोन्मेष (यूकेआरआई) निधि से 40 लाख पाउंड की राशि देगा और भारत अपने संसाधनों का उपयोग कर इतनी ही राशि का योगदान देगा. इस तरह से कुल योगदान 80 लाख पाउंड होगा. ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशिया और राष्ट्रमंडल मामलों के मंत्री तारिक अहमद ने मंगलवार को इस नए समझौते की घोषणा की. अहमद ने कहा, 'ब्रिटेन कोविड-19 के टीके के निर्माण के लिए भारत के सीरम इंस्टीट्यूट के साथ पहले ही साझेदारी कर चुका है, अगर क्लिनिकल ट्रायल सफल हुए तो, हमारी योजना टीके को विकासशील देशों के अरबों लोगों के बीच बांटने की है.'

उन्होंने कहा, 'लेकिन हम साथ मिलकर दुनिया की आपात वैश्विक स्वास्थ्य समस्याओं के निवारण के लिए और कुछ कर सकते हैं. अनुसंधान और नवोन्मेष के क्षेत्र में हमारी साझेदारी से ब्रिटेन, भारत और अन्य देशों को लाभ होगा.' दुनिया में दवाओं की आपूर्ति के क्षेत्र में भारत सूक्ष्मजीवी रोधी दवाओं का प्रमुख उत्पादक है, और अनुसंधान परियोजना का लक्ष्य इस बात की बेहतर समझ विकसित करना है कि सूक्ष्मजीवी रोधी दवाओं के उत्पादन से निकलने वाले अपशिष्ट का उपयोग सूक्ष्मजीवी रोधी दवाओं के प्रतिरोध को कम करने के लिए कैसे किया जा सकता है. इस निधि के तहत पांच परियोजनाएं सितंबर में शुरू होने की योजना है, अगर उन्हें समय पर मंजूरी मिल जाए.

#नेपाल में कोरोना वायरस के मामले 311 के इजाफे के साथ 19,063 हो गये
नेपाल में मंगलवार को कोविड-19 के 311 नये मरीज सामने आने के साथ ही देश में इस महामारी के मामले बढ़कर 19,063 हो गये. स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्रालय के अनुसार 24 जुलाई को इस संक्रमण से अपनी जान गंवाने वाले 65 वर्षीय बुजुर्ग की गणना के बाद देश में संक्रमण से मरने वालों की संख्या 49 पहुंच गई. मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'कोविड-19 के 311 नये मरीज सामने आने के साथ ही नेपाल में इस महामारी के मामले बढ़कर 19,063 हो गये.' मंत्रालय के अनुसार कोरोना वायरस के 121 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी गयी जिसके साथ ही अब तक 13,875 रोगी ठीक हो चुके हैं. मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार फिलहाल देश के विभिन्न अस्पतालों में कोविड-19 के 5,139 मरीज उपचाराधीन हैं.

#सिंगापुर में कोरोना वायरस संक्रमण के 359 नए मामले आए
सिंगापुर में मंगलवार को 359 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 51,197 हो गई है. नए संक्रमितों में एक साल का भारतीय बच्चा भी शामिल है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि संक्रमित पाए गए इन 359 लोगों में अधिकतर कार्य अनुमति प्राप्त और डारमेट्री में रहने वाले विदेशी हैं. 'स्ट्रेट टाइम्स' की खबर के अनुसार मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की कि है कि दूसरे देशों से यहां लौटे 15 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें एक भारतीय बच्चा भी शामिल है.

#इटली में बिल्लियों और कुत्तों के शरीर में मिले एंटीबॉडिज
वैज्ञानिकों ने इटली के एक छोटे हिस्से में पालतू कुत्ते और बिल्लियों में सार्स सीओवी-2 वायरस को निष्क्रिय करने वाले एंटीबॉडिज पाए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि पालतू जानवरों को भी यह बीमारी हो सकती है. ब्रिटेन के लिवरपुल विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं समेत अन्य ने उत्तरी इटली से 500 पालतू जानवरों के नमूने लिए. अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि कोई भी जानवर पीसीआर जांच में संक्रमित नहीं पाया गया लेकिन 3.4 फीसदी कुत्तों और 3.9 फीसदी बिल्लियो में सार्स-सीओवी-2 वायरस को निष्क्रिय करने वाले एंटीबॉडिज गौर करने लायक मात्रा में पाए गये.

वेबसाइट बायोआरएक्सईव वेबसाइट पर प्रकाशित अध्ययन में यह परिणाम सामने आया कि कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के परिवारों में कुत्तों के संक्रमित होने की संभावना निगेटिव परिणाम आने वाले घरों के मुकाबले ज्यादा है. अभी इस अध्ययन की समीक्षा बाकी है. लिवरपूल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एलन रेडफोर्ट ने कहा कि कोई भी जानवर संक्रमित नहीं पाये गये. लोगों को यह जानने की जरूरत है कि संक्रमित हुए लोगों के घरों के जानवरों में लगभग निश्चित रूप से वायरस होगा और अनुसंधान में यह भी सबूत मिले हैं कि वे संक्रमित भी हुए होंगे. रेडफोर्ड ने कहा, 'हालांकि यह भी ध्यान देने की बात है कि पालतु जानवरों से इंसानों में इस वायरस के फैलने के सबूत नहीं मिले है.'

#ठीक हुए कोविड-19 मरीजों के हृदय में सूजन पाई गई : अध्ययन
नये कोरोना वायरस संक्रमण से हाल में ठीक हुए करीब 100 मरीजों के एक विश्लेषण में खुलासा हुआ कि उनमें से करीब 80 प्रतिशत के हृदय पर इसका असर नजर आया है. शोधकर्ताओं का मानना है कि यह नतीजे संकेत देते हैं कि कोविड-19 के दीर्घकालिक परिणामों को समझने के लिये और शोध किये जाने की जरूरत है. ‘जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल असोसिएशन’ में प्रकाशित अध्ययन में जर्मनी के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल फ्रेंकफर्ट (यूएचएफ) से अप्रैल और जून 2020 के बीच कोविड-19 बीमारी से ठीक होने वाले 100 लोगों का विश्लेषण किया गया.

शोधकर्ताओं के मुताबिक, 78 मरीजों में हृदय संबंधी मामले शामिल थे और 60 लोगों के हृदय में सूजन थी. शोधकर्ताओं में अस्पताल के विशेषज्ञ भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि यह लक्षण पूर्व से नहीं थे और न ही शुरुआती जांच में कोई गंभीर रोग ही पाया गया था. अध्ययन में वैज्ञानिकों ने आरटी-पीसीआर जांच में नये कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 से संक्रमित होने के बाद हाल में ठीक हुए मरीजों का विश्लेषण किया था. शोधकर्ताओं ने मरीजों की जनसांख्यिकी विशेषताएं, हृदय के स्वास्थ्य के रक्त सूचक और हृदयवाहिनी चुंबकीय अनुनाद (सीएमआर) जांचों का अध्ययन किया.

इस अध्ययन में शामिल 53 मरीज पुरुष थे और औसत उम्र 49 वर्ष थी. अध्ययन के मुताबिक 67 मरीज घर पर ही ठीक हो गए जबकि 37 को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी. हृदय की जांच के बाद वैज्ञानिकों ने कहा कि हाल में कोविड-19 से ठीक हुए 100 में से 71 मरीजों के रक्त के नमूनों में उच्च-संवेदनशीलता वाले ट्रोपोनिन टी (एचएसटीएनटी) अणु मिले, जबकि पांच में यह महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा हुआ था. उन्होंने कहा कि हाल में कोविड-19 से ठीक हुए 78 मरीजों की सीएमआर जांच के नतीजे असामान्य थे. शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि हृदय के उत्तक के नमूनों के विश्लेषण में प्रतिरोधी तंत्र के कारण सूजन देखने को मिली. वैज्ञानिकों ने अध्ययन में लिखा, 'हमारा अध्ययन बीमारी के शुरुआती चरण में ठीक होने वालों में हृदयवाहिनी के शामिल होने के बारे में महत्वपूर्ण नजरिया देता है.'

#चीन में कोरोना वायरस संक्रमण के 68 नए मामले
चीन में कोरोना वायरस संक्रमण के 68 नए मामले सामने आए हैं. इनमें से 64 मामले स्थानीय संक्रमण के हैं. वहीं नए मामलों में से ज्यादातर उइगर मुस्लिम बहुल शिनजियांग प्रांत से सामने आए हैं. यहां की राजधानी उरूमकी में हाल में संक्रमण के मामले सामने आए हैं. चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने मंगलवार को नियमित जानकारी देते हुए कहा कि सोमवार को इस खतरनाक वायरस से किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई. स्थानीय संक्रमण के 64 नए मामलों में से शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र से 57 मामले हैं. वहीं छह मामले लियाओनिंग प्रातं और एक मामला बीजिंग नगर निगम से सामने आया है.

एनएचसी ने बताया कि सोमवार को 68 नए मामले सामने आए हैं और देश में संक्रमण के 83,959 मामले हैं. देश में अब तक 78,934 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और इनमें से 391 का इलाज चल रहा है जिनमें से 20 की हालत गंभीर हैं. इनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में हो रहा है. वायरस से चीन में 4,634 लोगों की मौत हो चुकी है. सरकारी ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार शिनजियांग में संक्रमण के लक्षण नहीं दिखने वाले भी 38 मामले हैं.
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