दुनिया में कोरोना: साउथ कोरिया में संक्रमण बढ़ने के बाद प्रतिबंधों में सख्ती

दुनिया में कोरोना: साउथ कोरिया में संक्रमण बढ़ने के बाद प्रतिबंधों में सख्ती
साउथ कोरिया में संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद दोबारा से प्रतिबंध लगाए गए हैं.

साउथ कोरिया (South Korea) में संक्रमण (Coronavirus) के मामले कम होने पर 6 मई को प्रतिबंधों में छूट दी गई थी लेकिन अब संक्रमण के मामले बढ़ने पर दोबारा से सख्ती से प्रतिबंध लागू किए हैं.

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नई दिल्ली. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की चेतावनी के अगले दिन ही अमेरिका (US), ब्राजील (Brazil), भारत (India) और कुछ लैटिन-अमेरिकी देशों में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के मामलों में तेजी देखी गयी है. बुधवार को दुनिया भर में संक्रमण (Covid-19) के 1,06, 400 से ज्यादा नए केस सामने आए हैं जिसके बाद कुल मामले बढ़कर 5784,600 से भी ज्यादा हो गए हैं. बीते 24 घंटे में दुनिया भर में 5200 से ज्यादा लोगों ने संक्रमण के चलते जान गंवा दी और कुल मौतें बढ़कर अब 3,57,000 से भी ज्यादा हो गयी हैं. मिडिल ईस्ट के देशों जैसे सऊदी अरब (Saudi Arabia), क़तर और UAE में भी संक्रमण के मामलों में तेजी देखी गयी है.

#कोरोना के इलाज में रूस नहीं बैन करेगा मलेरिया की दवा, ट्रंप ने भी की थी वकालत
कोरोना वायरस के इलाज में मलेरिया की दवा हाइक्सोक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल को रूस  बैन नहीं करेगा. रूस की हेल्थ मिनिस्ट्री ने इस बारे में जानकारी दी है. हालांकि इस दवा के कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों पर इस्तेमाल के खतरे सामने आए हैं. इसी के बाद यूरोपियन यूनियन के कुछ देशों ने अपने यहां कोरोना के इलाज में इस दवा के इस्तेमाल को बैन कर दिया है. फ्रांस, इटली और बेल्जियम ने अपने यहां इस दवा के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है. गुरुवार को रूस की हेल्थ मिनिस्ट्री ने अपने वेबसाइट पर ये जानकारी दी कि कोरोना वायरस के इलाज में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के असर और उसकी सुरक्षा को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है. इसलिए मिनिस्ट्री अभी इस पर पाबंदी लगाने पर विचार नहीं कर रही है.

#साउथ कोरिया में संक्रमण बढ़ने के बाद प्रतिबंधों में सख्ती
साउथ कोरिया में लॉकडाउन दोबारा लगाया गया है. सियोल के मेट्रोपॉलिटन इलाकों में लॉकडाउन को दोबारा सख्ती से लागू किया गया है. देश की आधी आबादी इस हिस्से में रहती है. दो महीने में इस इलाके में संक्रमण के मामलों में तेजी आई है. साउथ कोरिया में म्यूजियम, पार्क्स और आर्ट गैलरियों को दोबारा से बंद करवाया गया है. कंपनियों से कहा जा रहा है कि वो काम के सुविधाजनक माहौल बनाएं. जून 14 तक के लिए यहां क्वारंटाइन के नियम भी बढ़ा दिए गए हैं. लोगों से भीड़भाड़ इकट्ठा नहीं करने को कहा गया है. 6 मई को संक्रमण के मामले कम होने पर प्रतिबंध हटा लिए गए थे. लेकिन अब प्रतिबंधों को दोबारा से लागू किया गया है.



#एलन मस्क के SpaceX लॉन्च में बच्चों को लेकर पहुंच गईं इवांका, NASA ने घरों में रहने को कहा था
एलन मस्क के SpaceX लॉन्च में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी और व्हाइट हाउस की सलाहकार इवांका ट्रंप बच्चों को साथ लेकर पहुंच गई. कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से NASA ने कहा था कि स्पेसएक्स लॉन्च को लोग अपने घरों में बैठकर देखें. लेकिन इसके बावजूद इवांका ट्रंप बच्चों को लेकर स्पेसएक्स लॉन्च देखने चली गईं. स्पेसएक्स का डेमो-2 का टेस्ट फ्लाइट 27 मई को होना था. हालांकि खराब मौसम की वजह से ये टल गया. 2011 के बाद नासा का ये पहला क्रू के साथ लॉन्च था.

#आतंकवादियों की बजाए कोरोना मरीजों के पीछे भाग रही है पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां इनदिनों आंतकवादियों की बजाए कोरोना के मरीजों के पीछे भाग रही हैं. कोरोना के मरीजों को पकड़ने के लिए बाकायदा टेररिस्ट ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां अपनी सारी सर्विलांस टेक्नोलॉजी को कोरोना के मरीजों को पकड़ने में इस्तेमाल कर रही है. पहले जिस सिस्टम का इस्तेमाल आंतकवादियों के लोकेशन का पता लगाने में किया जाता था, उससे अब कोरोना मरीजों और उसके संपर्क में आए लोगों को लोकेट करने में किया जा रहा है. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI कोरोना के संक्रमितों को पकड़ने में लगी है. पाकिस्तान में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. इसलिए इसे रोकने के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं.

#यूरोपियन यूनियन के देशों ने बैन की कोरोना के इलाज में मलेरिया की दवा का इस्तेमाल
यूरोपियन यूनियन की सरकारों ने बुधवार को कोरोना वायरस के इलाज में इस्तेमाल हो रहे एंटी मलेरिया की दवाई हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को बैन कर दिया है. इसके साथ ही इस दवा को लेकर दूसरा ग्लोबल ट्रॉयल भी रोक दिया गया है. इस दवा के इस्तेमाल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने काफी प्रोत्साहित किया था. कोरोना के इलाज में इस दवा के इस्तेमाल के उनकी उम्मीदों को भी झटका लगा है.एंटी मलेरिया दवा बैन करने वाले देशों में फ्रांस, इटली और बेल्जियम जैसे देश शामिल हैं. इसके पहले सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के बड़े पैमाने पर ट्रॉयल पर रोक लगा दी थी. ऐसा सुरक्षा के नजरिए से किया गया था.

#चीन में कोरोना वायरस के बिना लक्षण वाले 23 मरीज सामने आए
चीन में कोरोना वायरस के दो नए मामलों की पुष्टि हुई है और दोनों मामले विदेश से आए लोगों में सामने आए हैं तथा 23 बिना लक्षण वाले मरीज भी सामने आए हैं जिनमें से अधिकांश मामले कोविड-19 का केंद्र रहे वुहान से हैं. चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने बृहस्पतिवार को बताया कि बुधवार को दो आयातित मामले सामने आए जिनमें से एक शंघाई में और दूसरा फुजियान में था. हालांकि घरेलू संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है. देश में बुधवार को 23 ऐसे लोग संक्रमित पाए गए जिनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिखे जिनमें से 19 वुहान में सामने आए. बिना लक्षण वाले सभी 413 मरीज चिकित्सा निगरानी में हैं. इनमें से 344 मरीज वुहान में हैं. अप्रैल में 76 दिन का लॉकडाउन हटाए जाने के बाद वुहान में छह नए मामलों की पुष्टि हुई थी. वहां बिना लक्षण वाले कई मरीज सामने आ रहे हैं जिससे शहर के अधिकारियों को अपनी सभी 1.12 करोड़ की आबादी की जांच करानी पड़ रही है. आधिकारिक मीडिया खबरों के अनुसार अभी तक 65 लाख लोगों की जांच की गई है.

#WHO ने कोरोना के लिए बनाया नया फाउंडेशन
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने एक फाउंडेशन बनाया है जो फंडिंग के नए स्रोतों को खोजेगा. इसमें आम लोगों से भी आर्थिक मदद ली जा सकती है. WHO फाउंडेशन जेनेवा में स्थित होगा लेकिन यह मुख्य संगठन से स्वतंत्र होगा. शुरुआत में किसी भी आर्थिक मदद को महामारी में लगाया जाएगा लेकिन बाद में दूसरी हेल्थ इमर्जेंसी की ओर भी ध्यान दिया जाएगा. WHO प्रमुख डॉ टेड्रोस ने कहा कि भविष्य की सफलता के लिए दानकर्ताओं का दायरा को बढ़ाना ज़रूरी है. WHO को फंड सदस्य देशों से मिलता है. यह फीस के तौर पर होता है और इसका आधार अमीरी और आबादी पर निर्भर करता है.

#रूस ने टाला ब्रिक्स सम्मेलन
रूस ने अपने एक बयान मे ब्रिक्स सम्मेलन को फिलहाल टालने की घोषणा की है. यह सम्मेलन इस साल जुलाई महीने में सेंट पीटर्सबर्ग में होने वाला था. कोरोना वायरस संक्रमण के कारण तमाम आयोजन या तो रद्द हो गए हैं या पिर उन्हें टाल दिया गया है और अब उनमें ब्रिक्स सम्मेलन का भी नाम शामिल हो गया है.

#मिस्र में बीते 12 घंटे में 910 नए मामले
मिस्र के स्वास्थ्य मंत्री ने बीते 12 घंटे में संक्रमण के 910 मामलों की पुष्टि की है. मिस्र में ये एक दिन में आए संक्रमण के ये सबसे अधिक नए मामले हैं. इसके अलावा बीते 12 घंटे में 19 लोगों की मौत भी हुई है. बुधवार को जो आंकड़े सामने आए हैं, उनके मुताबिक़, मिस्र में कोविड19 से अभी तक 816 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं देश में संक्रमण के मामले 19 हज़ार से अधिक हैं.

#अमेरिका
चार दिन तक संक्रमण के मामलों और मौतों में कमी देखे जाने के बावजूद बुधवार का दिन अमेरिका के लिए बुरा साबित हुआ है. बुधवार को यहां संक्रमण के 20,000 से ज्यादा नए केस सामने आए जिसके बाद कुल मामले बढ़कर 17,45,800 से भी ज्यादा हो गए हैं. बीते 24 घंटे में यहां संक्रमण से 1535 लोगों ने अपनी जन गंवा दी और कुल मौतों की संख्या 1 लाख से भी ज्यादा हो गयी.

#ब्राजील
ब्राजील में बुधवार को संक्रमण के 22,300 नए केस आमने आए जिसके बाद कुल मामले बढ़कर 4,14,661 हो गए हैं. यहां बीते 24 घंटे में 1148 लोगों की मौत हो गयी जिसके बाद कुल मौतों का आंकड़ा बढ़कर अब 25,697 हो गया है.

#पाकिस्तान में कुल संक्रमितों की संख्या 60 हजार के पार
पाकिस्तान में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 1446 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या 60,000 से ज्यादा हो गयी है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि इस खतरनाक वायरस से 28 और मरीजों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 1,225 तक पहुंच गई है. सिंध प्रांत में सबसे ज्यादा 23,507 मामले हैं. इसके बाद पंजाब में 21,118, खैबर पख्तूनख्वा में 8,259, बलूचिस्तान में 3,536, इस्लामाबाद में 1,879, गिलगित-बाल्टिस्तान में 638 और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 214 मामले हैं. मंत्रालय ने बताया कि अब तक 499,399 जांच हुई है, जिनमें से पिछले 24 घंटे में सिर्फ 8,491 जांच की गई है. अब तक 19,412 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं. हालांकि अधिकारी लगातार कह रहे हैं कि पाकिस्तान नियमित रूप से 30,000 जांच कर सकता है लेकिन अब तक ऐसा हो नहीं पाया है.

#सिंगापुर में कोविड-19 के 533 नये मामले
सिंगापुर में बुधवार को कोरोना वायरस के 533 नए मामले सामने आए, जिनमें ज्यादातर ‘डॉर्मेटरी’ में रहने वाले विदेशी श्रमिक हैं. इन नये मामलों के साथ देश में संक्रमित लोगों की कुल संख्या 32,876 तक पहुंच गई है. नए 533 मामलों में से केवल तीन सिंगापुर के नागरिक हैं या स्थायी निवासी हैं. मंत्रालय ने कहा कि बाकी 530 मरीज ‘डॉर्मेटरी’ में रहने वाले सभी विदेशी श्रमिक हैं. इन नए मामलों के साथ ही सिंगापुर में संक्रमण के कुल मामलों का आंकड़ा 32,876 पहुंच गया. मंत्रालय ने बताया कि मंगलवार तक 577 मरीज अस्पताल में भर्ती थे। उनमें से आठ गहन चिकित्सा इकाई में थे. हल्के लक्षण वाले 15,291 मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पृथकवास में रखा गया है और उनकी देखभाल की जा रही है.

#स्पेन में कोविड-19 से जान गंवाने वालों की याद में 10 दिनों का शोक
मैड्रिड, 27 मई (एपी) स्पेन में कोरोना वायरस से जान गंवाने वाले लोगों के शोक में देश की 14 हजार से अधिक सरकारी इमारतों पर झंडे आधे झुके हुए हैं. स्पेन में कोरोना वायरस से जान गंवाने वालों के लिए 10 दिन के शोक की घोषणा की गई है. कोविड-19 संक्रमण से जान गंवाने वाले 27 हजार से अधिक लोगों की याद में स्पेन के राजा फिलिप षष्ठम के नेतृत्व में बुधवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर में कुछ देर का मौन रखा गया. प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज और अन्य सांसदों के अलावा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं अन्य नागरिकों ने भी इस महामारी के कारण जान गंवाने वालों लोगों के सम्मान में सभी गतिविधियां रोक दी. 1970 के दशक के आखिर में स्पेन में लोकतंत्र बहाल होने के बाद ये यह देश में सबसे लंबी घोषित शोक अवधि है.

#सिंगापुर में भारतीय मूल के युवक को छह सप्ताह की जेल
सिंगापुर की एक अदालत ने घर पर रहने के नोटिस का उल्लंघन करने के लिये भारतीय मूल के युवक को छह सप्ताह की जेल की सजा सुनाई है. पेशे से सुरक्षाकर्मी कुरैश सिंह संधू 17 मार्च को इंडोनेशिया के बातम से सिंगापुर लौटा था और उसे घर पर रहने का नोटिस दिया गया था. इसके तहत उसे 17 मार्च से 31 मार्च तक अपने घर में ही रहना था. 'न्यूज एशिया' चैनल की खबर के मुताबिक वह अपने काम पर जाता रहा। साथ ही उसने अन्य लोगों के साथ कमरा भी साझा किया, जिससे उसके साथ रहने वालों के संक्रमण की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया था।

#कपड़े के बने मास्क से रोका जा सकता है कोरोना वायरस
आजकल विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर घर में मास्क बनाने का तरीका बताने वाले वीडियो की भरमार आई हुई है और ये वीडियो काफी फायदेमंद भी साबित हो सकते हैं. एक नए अध्ययन के अनुसार सूती के कपड़े की कई परतों से बने मास्क छींकने या खांसने से पर्यावरण में गिरने वाली छीटों को अवरुद्ध कर सकते हैं, जिससे कोरोना वायरस फैलने का खतरा कम हो सकता है. कनाडा में मैकमास्टर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने कहा कि विषाणु का सबसे अधिक संक्रमण बोलते, खांसते या छींकते हुए गिरने वाली छींटों से होता है और कुछ संक्रमण तब फैलता है जब इन कणों या छींटों से पानी वाष्पीकृत होकर एयरोसोल के आकार के कणों में बदलता है.

सूक्ष्म ठोस कणों अथवा तरल बूंदों के हवा या किसी अन्य गैस में कोलाइड को एरोसोल कहा जाता है. अध्ययन के अनुसार मास्क पर रहने वाला विषाणु से संक्रमित हर कण एयरोसोल के रूप में हवा में लटका नहीं रहता या सतह पर नहीं गिरता जिससे कि बाद में सतह को छूने से संक्रमित होने की आशंका बने. यह अध्ययन पत्रिका एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है.

#नेपाल में कोविड- 19 के 114 नये मामले सामने आये
नेपाल में बुधवार को कोविड-19 के 114 नये मामले सामने आये जो देश में एक दिन में संक्रमण के मामलों में सबसे बड़ी बढ़ोतरी है. इससे इस पर्वतीय देश में कोविड-19 के कुल मामले बढ़कर 886 हो गए. नेपाल ने कोविड-19 के प्रसार पर रोक के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन दो जून तक बढ़ा दिया है. नेपाल उन कुछ देशों में शामिल है जहां कोविड-19 के सबसे कम मामले सामने आये हैं. नेपाल में कोविड-19 से अभी तक चार मौतें हुई हैं. स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्रालय के अनुसार बुधवार को कोरोना वायरस के 114 नये मामले सामने आने से कुल मामले बढ़कर 886 हो गए. मंत्रालय ने कहा कि देश में संक्रमण से ठीक हुए मरीजों की संख्या 183 है. मंत्रालय ने कहा कि देश में ऐसे मरीजों की संख्या 699 है जिनका अभी इलाज चल रहा है.

#दक्षिण कोरिया में लॉकडाउन से राहत में संक्रमण के मामलों में भारी वृद्धि
लॉकडाउन से राहत के तहत भूमध्यसागरीय समुद्र तटों और लास वेगास के कसीनो के पर्यटकों के लिए फिर से खोले जाने की खबरों के बीच बुधवार को दक्षिण कोरिया में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखने को मिली. संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखने के बाद सामाजिक दूरी के प्रतिबंधों को फिर से लागू करने पर विचार किया जा रहा है साथ ही इससे लॉकडाउन हटाने के दुष्परिणामों का भी खुलासा हो रहा है.

यूरोपीय संघ के देशों ने दक्षिण कोरिया के जांच, संपर्कों की पहचान और उपचार की रणनीति को बहुत सराहा था जिसे देखते हुए यूरोपीय संघ ने बुधवार को संघ की अर्थव्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए एक प्रोत्साहन पैकेज का अनावरण किया. दक्षिण कोरिया में बुधवार को संक्रमण के 40 नए मामले सामने आए हैं. यह पिछले 50 दिनों में सामने आने वाला सर्वाधिक आंकड़ा है. इससे बुधवार को स्कूल लौटे रहे लाखों बच्चों के लिए खतरा बढ़ गया है.

 

#कोविड-19 मरीजों में प्रभावी एंटीबॉडी मिलीं: अध्ययन
कोविड-19 बीमारी से ठीक होने वाले 149 लोगों पर किये गए एक अध्ययन में पाया गया कि अधिकांश व्यक्तियों में कम से कम कुछ एंटीबॉडी विकसित हुईं, जो कुदरती रूप से सार्स-सीओवी-2 विषाणु को रोकने में सक्षम हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह नतीजे बीमारी के एक सार्वभौमिक टीके के विकास में मदद कर सकते हैं. अमेरिका में रॉकफेलर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा इन मरीजों के प्रतिरोधक अध्ययन के पहले नतीजे में यह भी पाया गया कि प्रत्येक व्यक्ति में बनी एंटीबॉडी की मात्रा में काफी अंतर था. शोधकर्ताओं ने पाया कि एंटीबॉडी की प्र‍भावोत्पादक क्षमता में भी काफी अंतर था.

कुछ जहां वायरस को प्रभावित करती हैं तो वहीं कुछ ही ऐसी थीं जो वास्तव में उसके “प्रभाव को कम कर” रही थीं, यानी वास्तव में वे विषाणु को कोशिकाओं में प्रवेश करने से रोक रही थीं. वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशन से पूर्व बायोआरएक्सआईवी सर्वर पर साझा किये गए अध्ययन के नतीजों के मुताबिक वैज्ञानिकों ने कोविड-19 से ठीक हो चुके मरीजों के रक्त के नमूने एकत्र किये थे. शोधकर्ताओं ने कहा कि जिन नमूनों का अध्ययन किया गया उनमें से अधिकतर ने “वायरस गतिविधि को बेअसर करने में” खराब से लेकर औसत प्रदर्शन किया, जो कमजोर एंटीबॉडी प्रतिक्रिया का संकेत है.

#पता चला कोशिका में कैसे प्रवेश करता है कोरोना वायरस
वैज्ञानिकों ने नए कोरोना वायरस की एक विशेषता की पहचान की है जिससे यह मेजबान के प्रतिरोधक तंत्र से बचते हुए प्रभावी रूप से कोशिका में प्रवेश करता है. इस खोज से कोविड-19 के खिलाफ दवा विकसित करने में मदद मिल सकती है. अमेरिका के माउंट सिनाई स्थित ईक्हैन स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधार्थियों समेत शोधकर्ताओं का मानना है कि यह समझने से कि नया कोरोना वायरस, सार्स-सीओवी-2 कैसे कोशिका में प्रवेश करता है और अन्य कोरोना वायरसों से इसकी तुलना कोविड-19 का इलाज तलाश करने की दिशा में अहम कड़ी है.

पीएनएएस नामक पत्रिका में छपे नए अध्ययन के मुताबिक वैज्ञानिकों ने यह पता लगा लिया है कि कैसे सार्स-सीओवी-2 और 2002-03 में महामारी का सबब बना. सार्स-सीओवी वायरस मानव एसीई-2 अभिग्राही प्रोटीन को कोशिका में घुसने के लिये प्रवेश द्वार के तौर पर इस्तेमाल करता है. नया कोरोना वायरस और सार्स-सीओवी कोशिकाओं में कैसे प्रवेश करते हैं, यह समझने के लिये प्रयोगशाला में संश्लेषित संस्करण के परीक्षण से शोधकर्ताओं ने उस अहम तंत्र की पहचान की जिससे सार्स-सीओवी-2 मेजबान के प्रतिरोधी तंत्र से बचते हुए कोशिका में प्रवेश करता है.

#अमेरिकी उपराष्ट्रपति की प्रेस सचिव काम पर लौटीं
अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस की प्रेस सचिव कैटी मिलर कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने के बाद काम पर लौट आयी हैं. मिलर ने मंगलवार को एक ट्वीट में कहा कि वह काम पर लौट आयी हैं. साथ ही उन्होंने बीमारी के दौरान सहयोग के लिए चिकित्सा कर्मियों एवं अपने परिजनों को धन्यवाद दिया. मिलर व्हाइट हाउस के उन तीन कर्मचारियों में शामिल थीं जो कोविड-19 से संक्रमित पाये गए थे।

उन्होंने ट्वीट किया, 'कोविड-19 की तीन जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद काम पर लौट आयी हूं. उन सभी चिकित्सकों और सभी को धन्यवाद जिन्होंने मुझे सहयोग दिया. मैं यह अपने पति के बिना नहीं कर पाती जिन्होंने गर्भवती पत्नी की काफी देखभाल की.' कैटी का विवाह ट्रंप के शीर्ष सलाहकार स्टीफेन मिलर से हुआ है और वह आठ मई को कोविड- 19 से संक्रमित पायी गई थीं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वयं इसकी पुष्टि की थी और कहा था कि वह व्हाइट हाउस में वायरस के फैलने को लेकर चिंतित नहीं हैं.

#अमेरिका की आधी आबादी को ही नसीब होगा टीका: सर्वेक्षण
अमेरिका के लोगों को लगता है कि जिस तत्परता के साथ वैज्ञानिक कोरोना वायरस संक्रमण का टीका बनाने के काम में लगे हैं, अगर उसमें उन्हें सफलता मिल भी जाती है तो देश की केवल आधी आबादी को ही यह टीका नसीब होगा. बुधवार को जारी ‘एसोसिएटेड प्रेस-एनओआरसी सेंटर फॉर पब्लिक अफेयर्स रिसर्च’ के सर्वेक्षण में पाया गया कि 31 फीसदी लोगों को इस बात का भरोसा नहीं है कि उन्हें यह टीका मिल भी पाएगा. इसके अलावा हर पांच में से एक व्यक्ति का कहना है कि वह इसे नहीं लगवाएगा.

स्वस्थ्य विशेषज्ञों को इस बात का डर है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी तक देश में 30 करोड़ टीकों का भंड़ार होने का जो वादा किया है अगर वह पूरा नहीं हुआ तो क्या होगा. वैंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ विलियम शेफ़नर ने कहा, 'वादे कम करना और काम ज्यादा करना हमेशा अच्छा होता है.' जिन लोगों ने टीका नहीं लगवाने की बात कही है उनमें से अधिकतर को स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा की चिंता है. कोलराडो के मेलानी ड्राइज (56)कहते हैं, 'मैं टीके के खिलाफ नहीं हूं लेकिन कोविड-19का टीका साल भर में आने का मतलब है कि इसके साइड इफेक्ट पर ठीक तरह से जांच नहीं हो पाएगी.'

 

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