दुनिया में कोरोना: यूके में मरने वालों का आंकड़ा 32 हजार के पार, इटली से भी ज्यादा हुईं मौतें

ब्रिटेन में कोरोना वायरस का डेथ रेट दुनिया में सबसे ज्यादा है.
ब्रिटेन में कोरोना वायरस का डेथ रेट दुनिया में सबसे ज्यादा है.

यूरोपिय देशों में यूके (UK) में कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से सबसे अधिक मौतें हुई हैं. यहां मरने वालों का आंकड़ा 32 हजार के पार चला गया है.

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नई दिल्ली. अमेरिका (US) के आलावा अब रूस (Russia) और ब्राजील (Brazil) कोरोना संक्रमण (Coronavirus) की बुरी तरह चपेट में हैं. यूरोप (Europe) में लगातार संक्रमण (Covid-19) के मामलों में कमी के बाद सोमवार को दुनिया भर में संक्रमण के करीब 80,000 नए केस दर्ज किए गए जिसके बाद कुल मामले बढ़कर अब 36,43,000 से भी ज्यादा हो गए हैं. बीते 24 घंटे में संक्रमण से 4000 से ज्यादा लोगों की मौत भी हो गयी जिसके बाद कुल मौतों की संख्या बढ़कर अब 2,52,200 से भी ज्यादा हो गयी है. उधर ब्रिटेन में भी हजारों की संख्या में नए केस सामने आ रहे हैं. इटली, स्पेन, तुर्की, ईरान, भारत, कनाडा, पेरू, इक्वाडोर, सऊदी अरब और मेक्सिको में सोमवार को भी एक हज़ार से ज्यादा संक्रमण के नए केस सामने आए हैं.

#अमेरिका के शॉपिंग स्टोर में फेस मास्क न पहनने पर सिक्यूरिटी गार्ड ने रोका तो सिर पर मार दी गोली
कोरोनावायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए चेहरे पर मास्क सुरक्षा कवच का काम करता है. लेकिन अमेरिका के मिशिगन में मास्क को लेकर टोकना एक सुरक्षा गार्ड की मौत की वजह बन गया. फेस मास्क नहीं पहनने पर एक लड़की को स्टोर के अंदर जाने से रोकने पर नाराज़ परिवार वालों ने गार्ड की हत्या कर दी. पुलिस ने इस मामले में एक अमेरिकी महिला, उसके जवान बेटे और पति को आरोपी बनाया है. मिशिगन के फ्लिंट में फैमिली डॉलर स्टोर में सुरक्षा गार्ड की हत्या का मामला सामने आया है.

#यूरोप के अमीर देशों पर कोरोना ने क्यों बरपाया है ज्यादा कहर
कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरी दुनिया त्रस्त है. दुनिया का सबसे ताकतवर और अमीर मुल्क अमेरिका कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. कोरोना के संक्रमण से लेकर मौत तक के मामले अमेरिका में सबसे ज्यादा दर्ज हुए हैं. यूरोपिय देशों में भी यही पैटर्न है. यूरोप के अमीर और संपन्न देशों पर कोरोना का ज्यादा कहर टूटा है. द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी यूरोप के साधन संपन्न और अमीर देश कोरोना से ज्यादा प्रभावित हुए हैं. वहीं पश्चिमी यूरोप की तुलना में यूरोपियन यूनियन का पूर्वी हिस्सा कम प्रभावित हुआ है. सेंट्रल और ईस्टर्न यूरोप की तुलना में वेस्टर्न यूरोप कोरोना के ज्यादा भयावह असर में है.



फ्रांस के एक शख्स का देश के पहले कोरोना मरीज़ होने का दावा
फ्रांस के एक मछुआरे ने दावा किया है कि वो फ्रांस का पहला कोरोना पॉज़िटिव था. खास बात ये है कि ये शख्स कभी चीन नहीं गया इसके बावजूद दिसंबर 2019 में दिए गए सैंपल का उसने जब दोबारा टेस्ट कराया तो वो कोरोना पॉज़िटिव निकला. डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक 43 साल के मछुआरे एमिरोश हैमर ने दावा किया है कि वो फ्रांस का ‘पेशेंट ज़ीरो’ है और उसे दिसंबर में ही कोरोना संक्रमण हो गया था. पेरिस के एक हॉस्पिटल में हुए इलाज के बाद हैमर ने हाल में अपने पुराने सैंपल का दोबारा टेस्ट कराया तो कोरोना पॉज़िटिव रिपोर्ट देखकर हैरान रह गया.

#यूके में मरने वालों का आंकड़ा 32 हजार के पार, इटली से भी ज्यादा हुईं मौतें
यूरोपिय देशों में कोरोना वायरस की वजह से अब यूके में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं. यूके में कोरोना वायरस की वजह से मरने वालों का आंकड़ा 32 हजार के पार चला गया है. ये किसी भी यूरोपिय देश में हुई सबसे अधिक मौत के मामले हैं. ब्रिटेन की नेशनल स्टैटिसटिक्स ने इंग्लैंड और वेल्स में 2 मई तक मौत के 29,648 मामले दर्ज किए हैं. स्कॉटलैंड और नॉर्दन आयरलैंड को मिलाकर मौत का आंकड़ा 32,313 हो जाता है. इसके पहले यूरोपिय देशों में इटली में सबसे अधिक 29,029 मौतें दर्ज की गई थीं.

#लॉकडाउन खोलने को लेकर भारत और जापान के लोग सबसे ज्यादा नर्वस
कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान अब कई देशों ने लॉकडाउन में छूट देने की तैयारी शुरू की है. हालांकि लॉकडाउन में छूट को लेकर एक हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है. सरकारों के लॉकडाउन में छूट देने के नफा नुकसान के आकलन के बीच लोगों से पूछा गया है कि वो लॉकडाउन मे छूट को लेकर क्या महसूस करते हैं. लोगों ने इस पर हैरान करने वाली प्रतिक्रिया दी है. करीब 14 देशों में इसको लेकर IPSOS ने सर्वे किया है. इसमें चार देशों- चीन, भारत, इटली और रूस के ज्यादातर लोगों ने लॉकडाउन खोलकर अर्थव्यवस्था में गति लाने की कोशिश पर जोर दिया है. हालांकि इन सभी देशों में वायरस संक्रमण पर काबू पाया नहीं जा सका है. सर्वे में भारत और जापान के लोग लॉकडाउन खोलने को लेकर नर्वस दिखे हैं. भारत और जापान के लोगों ने कहा है कि वो लॉकडाउन खुलने के बाद बाहर निकलने में नर्वस फील करेंगे.

#यूएन चीफ ने मांगा 62 हजार करोड़ का फंड, बोले- हममें से कोई सेफ नहीं
संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने कोरोना वायरस को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा है कि कोरोना वायरस से निपटने में इतिहास में सबसे बड़ी कोशिश करनी होगी. उन्होंने कहा है कि आज पूरी दुनिया एकदूसरे से जुड़ी है, ऐसे में अगर सभी सुरक्षित नहीं रहते हैं तो इसका मतलब है कि कोई सुरक्षित नहीं है. यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए और उसके इलाज की दवा खोजने में रिसर्च के लिए करीब 8.2 बिलियन डॉलर यानी करीब 62 हजार करोड़ रुपए के फंड की मांग की है. कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से अब तक पूरी दुनिया में 2.5 लाख लोगों की मौत हो चुकी है. पूरी दुनिया में संक्रमण के मामले बढ़कर 36 लाख तक पहुंच गए हैं.

#ब्रिटेन में दाढ़ी की वजह से सिख डॉक्टरों को नहीं दी जा रही ड्यूटी
ब्रिटेन में नेशनल हेल्थ सर्विस में काम करने वाले कुछ सिख डॉक्टर विरोध कर रहे हैं. ब्रिटेन में कोरोना वायरस की महामारी फैलने के वक्त से ये सिख डॉक्टर मरीजों की सेवा में आगे रहे हैं. लेकिन अब इन्हें कोरोना वायरस के वार्ड में ड्यूटी नहीं दी जा रही है. जिसकी वजह से डॉक्टरों ने विरोध करना शुरू कर दिया है. सिख डॉक्टरों को उनकी दाढ़ी की वजह से कोरोना वायरस के वार्ड में उनकी ड्यूटी नहीं लगाई जा रही है. ब्रिटेन के सिख डॉक्टर्स एसोसिएशन ने जानकारी दी है कि करीब 5 डॉक्टरों को उनकी दाढ़ी की वजह से कोरोना वायरस के वार्ड में ड्यूटी करने से रोका गया है. सिख डॉक्टरों को उनकी दाढ़ी की वजह से ऐसे वार्ड में काम करने के लिए फिट नहीं माना जा रहा है.

#अमेरिका में कोरोना के कहर के बीच भारतीय छात्रों की मदद के लिए आगे आए NRI
कोरोना वायरस महामारी की वजह से विदेश में फंसे भारतीय मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं. ऐसे भारतीयों के लिए भारत के साथ-साथ विदेश में मौजूद भारतीय संगठन सक्रिय हैं और जरूरतमंद लोगों को मदद मुहैया करवा रहे हैं. अमेरिका के लॉस एंजिलिस में इंडियन कल्चरल सोसायटी ऑफ नॉर्दन अमेरिका रोजाना करीब 6000 फूड पैकेट्स जरूरतमंद लोगों को मुहैया करवा रही है. इसमें लास एंजलिस के स्थानीय नागरिकों के अलावा वह भारतीय छात्र हैं जो अमेरिका में अपनी पढ़ाई कर रहे हैं. पिछले 1 महीने से अमेरिका में कोरोनावायरस का कहर शुरू होने पर लॉस एंजिलिस में बसा भारतीय समुदाय सक्रिय हो गया है.

#अमेरिका में फंसे भारतीयों की वापसी के लिए इस सप्‍ताह शुरू होंगी उड़ानें
कोरोना वायरस महामारी के कारण लगाए गए वैश्विक यात्रा प्रतिबंधों की वजह से अमेरिका में फंसे हजारों भारतीयों को निकालने के लिए विशेष उड़ानों के सैन फ्रांसिस्को और अन्य शहरों से इस हफ्ते रवाना होने की संभावना है. अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी तारीख की घोषणा नहीं की गई है. विशेष विमान सैन फ्रांसिस्को, न्यूयॉर्क, शिकागो और वाशिंगटन डीसी से उड़ान भर सकते हैं. कोरोना वायरस महामारी की वजह से लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों की वजह से अमेरिका में फंसे भारतीय छात्रों और लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुए आने वाले हफ्तों में उड़ानों की संख्या को बढ़ाया जा सकता है. समुदाय के नेताओं ने भारत सरकार के कदम का स्वागत किया. सरकार ने सोमवार को ऐलान किया कि विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की वापसी के लिए विशेष उड़ानों से मदद की जाएगी जो सात मई से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी.

#दो विशेष उड़ानों के जरिये यूएई में फंसे भारतीयों की होगी वतन वापसी
कोविड-19 वैश्विक महामारी के चलते संयुक्त अरब अमीरात में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए बृहस्पतिवार को दो विशेष उड़ानों का परिचालन किया जाएगा. दुबई में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने यह घोषणा की है. सोमवार को जारी एक बयान में बताया गया कि अबु धाबी से कोच्चि और दुबई से कोझिकोड तक की इन दो उड़ानों के लिए यात्रियों की सूची पर अंतिम निर्णय दुबई में भारतीय दूतावास और भारतीय महावाणिज्य दूतावास लेंगे. बयान में कहा गया कि यह सूची दूतावास या महावाणिज्य दूतवास के डेटाबेस में मौजूद पंजीकरणों के आधार पर बनाई जाएगी. इस आशय के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया कुछ दिनों पहले शुरू की गई थी. बयान के मुताबिक प्राथमिकता संकट में फंसे श्रमिकों, बुजुर्गों, आवश्यक चिकित्सा मामलों, गर्भवती महिलाओं के साथ ही कठिन परिस्थिति में फंसे अन्य लोगों को दी जाएगी.

#कोरोनावायरस पर चीन के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को सरकार कर रही है ख़ामोश
चीन में कोरोनावायरस के शिकार लोगों में अब सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ने लगा है. कोरोनावायरस में अपने परिजनों को खो देने वाले लोग सरकार से सवाल पूछ रहे हैं. सोशल मीडिया पर उनकी कड़ी टिप्पणियां आ रही हैं. लेकिन चीनी प्रशासन अपने खिलाफ आवाज़ उठाने वाले लोगों का मुंह डरा-धमका कर बंद कर रहा है. चीन में वुहान कोरोनावायरस का एपिसेंटर बना था. यहीं से वायरस की महामारी की शुरुआत हुई थी. अब वुहान से ही चीनी सरकार के खिलाफ आक्रोश के सुर तेज होने लगे हैं. यहां के लोग तमाम एक्टिविस्ट को मैसेज कर पूछ रहे हैं कि चीन की सरकार के खिलाफ मुकदमा किस तरह से चलाया जाए. सवाल पूछने वाले में किसी ने कोरोनावायरस की वजह से अपनी मां को खोया है तो किसी ने अपने पिता को. आधिकारिक तौर पर वुहान में तकरीबन 4 हज़ार लोगों की कोरोना से जान गई. जबकि स्थानीय लोगों का मानना है कि मौत का आंक़ड़ा इससे कहीं ज्यादा है. वुहान में लोग अपने परिजनों की मौत का मुआवज़ा मांग रहे हैं तो साथ ही महामारी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी सज़ा की मांग कर रहे हैं.

#चीन में कोरोना वायरस के 16 नए मामले, 15 में नहीं थे कोई लक्षण
चीन में कोरोना वायरस के 16 नए मामले सामने आने के बाद देश में वायरस के मामले बढ़कर 82,881 हो गए हैं. राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने बताया कि इन 16 लोगों में से 15 में कोविड-19 के कोई लक्षण नहीं थे लेकिन वे जांच में संक्रमित पाए गए. वहीं एक अन्य व्यक्ति शंघाई में संक्रमित मिला जो विदेश से आया था. उसने बताया कि इसके साथ ही बिना लक्षण के संक्रमित पाए गए 15 नए मामलों के साथ ऐसे मामलों की संख्या अब 947 हो गई है, जिनमें से 94 बाहर से आए थे. ये सभी चिकित्सीय निगरानी में हैं.

ये बिना लक्षण वाले वे मरीज हैं, जिनमें कोरोना वायरस के बुखार, खांसी या गले में दर्द जैसे कोई लक्षण नहीं थे लेकिन फिर भी ये जांच में संक्रमित पाए गए. इनसे दूसरों के संक्रमित होने का खतरा भी है. उसने बताया कि सोमवार को स्थानीय संक्रमण का कोई नया मामला नहीं आया. कोविड-19 से संक्रमित 395 लोगों का इलाज जारी है. सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के अनुसार देश में कोविड-19 से सोमवार को किसी की जान नहीं गई और मृतक संख्या 4,633 ही रही. एनएचसी ने बताया कि कोविड-19 के मामले देश में बढ़कर 82,881 हो गए हैं। इनमें से 395 का इलाज अभी जारी है. वहीं 77,853 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है.

 

#ऑस्ट्रिया की करीब 13% आबादी हुई बेरोजगार
ऑस्ट्रिया की समाचार एजेंसी एएनए की रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रिया में अप्रैल के महीने में रिकॉर्ड बेरोजगारी दर दर्ज की गई है. आकड़ों के मुताबिक 5,71,477 लोग यहाँ बेरोजगार हुए हैं जो आबादी का 12.8 फीसदी है. यह पिछले साल के इस महीने की तुलना में 2,10,000 अधिक है. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक ऑस्ट्रिया में अब तक 15,621 कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं और वहीं 600 लोगों की मौत हो चुकी है. यहाँ अप्रैल के मध्य से पाबंदियों में छूट देते हुए कुछ दुकानों को खोलने की इजाज़त दी गई थी.

#तुर्की में भी लॉकडाउन की पाबंदियों में छूट
तुर्की के राष्ट्रपति रिचैप तैय्यप अर्दोआन ने तुर्की में मध्य मई तक लॉकडाउन की पाबंदियों में छूट देने की बात कही है. इसके तहत कुछ दुकानों, हेयर सैलून और मार्केटिंग सेंटर 11 मई को खोले जाएंगे. वहीं युनिवर्सिटीज़ 15 जून तक बंद रहेंगी. 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को 10 मई के बाद कुछ घंटों के लिए 'पैदल कुछ दूर तक' चहल-कदमी करने की इजाज़त होगी. बच्चों के ऊपर भी यही नियम लागू होगा. तुर्की के 31 शहरों में पिछले कुछ हफ्तों से कर्फ़्यू लगा हुआ है.

#अमेरिका
अमेरिका के कुछ राज्यों में लॉकडाउन से रहत दी गयी है लेकिन सोमवार को भी यहां संक्रमण के 25,000 नए केस सामने आए जिसके बाद कुल मामले बढ़कर 12,12,700 से भी ज्यादा हो गए. बीते 24 घंटे में यहां 1300 से ज्यादा लोगों की संक्रमण से मौत हो गयी जिसके बाद कुल मौतों का आंकड़ा अब 70,000 के करीब पहुंच गया है. अमेरिका में अभी भी 9,55,000 से ज्यादा कोरोना के एक्टिव केस हैं.

#रूस
सोमवार को रूस में लगातार दूसरे दिन 10 हज़ार से ज्यादा संक्रमण के नए केस सामने आए जिसके बाद कुल मामले बढ़कर 1,45,268 से भी ज्यादा हो गए हैं. यहां बाकी देशों के मुकाबले मृत्यु दर कम है. बीते 24 घंटे में यहां संक्रमण से 76 लोगों की मौत हो गयी जिसके बाद कुल मौतों की संख्या बढ़कर 1350 से ज्यादा हो गयी है.

#ब्राजील
ब्राजील में सोमवार को भी संक्रमण के 7119 नए केस सामने आए जिसके बाद कुल मामले बढ़कर अब 1,08,266 हो गए हैं. बीते 24 घंटे में यहां 318 लोगों की मौत हो गयी जिसके बाद कुल मौतों का आंकड़ा बढ़कर अब 7343 हो गया है.

#पाकिस्तान
पाकिस्तान में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,083 नए मामले सामने आने के बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या 20,000 से ज्यादा हो गई. पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 1,083 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या 20,186 तक पहुंच गई है. इस अवधि में कुल 22 मौतें हुई और मृतकों की कुल संख्या अब 462 है. देश में 5,590 मरीजों का इलाज अब तक हो चुका है. अधिकारियों ने बताया कि देश में अब तक 212,511 जांच की गई है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्रालय ने बताया कि पंजाब में 7,524 मामले, सिंध में 7,465 मामले, खैबर पख्तुनख्वा में 3,129 मामले, बलूचिस्तान में 1,218, इस्लामाबाद में 415, गिलगित-बाल्टिस्तान में 364 और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 71 मामले हैं.

#स्पेन में छह हफ्ते में रोजाना मौत का आंकड़ा सबसे कम
स्पेन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कोरोना वायरस से 164 लोगों की मौत होने की पुष्टि की है जो पिछले छह हफ्ते में रोजाना होने वाली मौतों का लगातार दूसरा सबसे कम आंकड़ा है. देश में कोरोना वायरस से अब तक 25,428 लोगों की मौत हो गई है. ये आंकड़े देश के लिए राहत देने वाले हैं जहां सात हफ्तों से कड़ा लॉकडाउन लागू है और चार चरणों में लगे लॉकडाउन में सोमवार को राहत दी गई. लोग बाल कटाने, बाहर से खाना लाने जैसी गतिविधियों के लिए पहली बार सड़कों पर निकले. कई छोटी दुकानें अब भी बंद हैं और व्यवसायी सरकार की तरफ से रविवार को घोषित स्वास्थ्य एवं साफ-सफाई संबंधी कड़े आदेशों का पालन करने की तैयारी कर रहे हैं. सार्वजनिक परिवहन में मास्क अनिवार्य है और सरकार 1.4 करोड़ मास्क बड़े परिवहन केंद्रों पर वितरित कर रही है.

#सिंगापुर में संक्रमण के 573 नए मामले
सिंगापुर में कोरोना वायरस संक्रमण के 573 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से ज्यादातर प्रवासी श्रमिक हैं. इसके साथ ही देश में कुल संक्रमितों की संख्या 18,778 तक पहुंच गई है. देश में महामारी से निपटने के लिए कड़े प्रतिबंध को एक सप्ताह तक आगे बढ़ा दिया गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार नए संक्रमित मामलों में से सिर्फ पांच ही सिंगापुर के नागरिक और स्थायी निवासी (विदेशी) हैं जबकि देश में शयन स्थलों (डॉरमेट्री) पर रहने वाले श्रमिकों में संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्री गान किम योंग ने संसद को बताया है, 'हम अन्य देशों में संक्रमण के दर समेत उन्होंने वायरस के संक्रमण पर नियंत्रण के लिए क्या कदम उठाए गए, इसकी समीक्षा करेंगे.' मंत्री ने देश में प्रवासी श्रमिकों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों को कम करने की जरूरत पर जोर दिया.

#बांग्लादेश में लॉकडाउन 16 मई तक बढ़ाया
बांग्लादेश ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगाये गये राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को सोमवार को 16 मई तक आगे बढ़ा दिया. देश में इस महामारी के मामले 10,000 के पार चले गये हैं. ढाका ट्रिब्यून की खबर के अनुसार, जन प्रशासन मंत्रालय ने गजट अधिसूचना में सरकार के इस निर्णय की घोषणा की. सरकार ने प्रारंभ में 26 मार्च को दस दिनों के लिए आम छुट्टी की घोषणा की थी. उसके बाद, देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने और कई मरीजों की मौत के बाद उसे 25 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया. फिर सरकार ने इस राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को पांच मई तक के लिए बढा दिया था. बीडीन्यूज 24 डॉट कॉम की खबर के अनुसार, बांग्लादेश में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 688 नये मामले सामने आने के बाद इस महामारी के मामले बढ़कर 10,143 हो गये. देश में इस रोग से 1,209 लोगों की मौत हो गयी.

#कोविड-19: वियतनाम में खुले स्कूल
वियतनाम में कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए तीन महीने तक बंद किए गए स्कूल सोमवार से खुल गए. राजधानी हनोई के एक माध्यमिक स्कूल में कक्षा छह के चू कुआंग अन्ह ने कहा, 'मैं दोबारा स्कूल जाने के लिए बेताब हूं. तीन महीने बाद मैं अपने अध्यापकों और सहपाठियों से मिल पाऊंगा.' संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्कूल में मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. अध्यापक दीन्ह बिच हीन ने कहा, 'इस समय एहतियाती उपाय बरतना बहुत आवश्यक है. हमने यहां सैनिटाइजर की व्यवस्था की है. स्कूल के प्रवेश द्वार पर छात्रों के तापमान की जांच की जा रही है. जब छात्र कक्षा में होते हैं तब उनके स्वास्थ्य का रिकॉर्ड रखा जा रहा है.' वियतनाम में कोविड-19 के 271 मामले सामने आए थे. पिछले तीन सप्ताह से वहां संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया.

#इटली ने लंबे समय से लागू लॉकडाउन में ढील दी
यूरोप में सबसे लंबे समय तक लॉकडाउन लागू करने वाले देश इटली में ढील देने के साथ सोमवार को लाखों लोग काम पर लौट आए. साथ ही आइसलैंड से लेकर भारत तक विभिन्न देशों में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन से कुछ रियायत देने के विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं. यूनान में हज्जाम सहित तमाम काम-धंधे शुरू हो गए जबकि लेबनान में नयी शर्तों के साथ रेस्तरां खोले गये. विभिन्न देशों में अर्थव्यवस्था को दोबारा शुरू करने के लिए दबाव बढ़ता जा रहा है. वहीं राजनीतिक नेता कोविड-19 का टीका बनाने के लिए चल रहे अनुसंधान के वास्ते धन बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि कोरोना वायरस के संक्रमण का इलाज करने के लिए कोई टीका आने वाले महीनों में उपलब्ध हो सकता है लेकिन यह भी चेताया है कि इसमें समय भी लग सकता है.

#मलेशिया में लॉकडाउन समाप्त
मलेशिया में लॉकडाउन समाप्त होने से पहले कई कारोबारों का फिर खुलना शुरू हो गया है. प्रधानमंत्री मुहयिद्दीन यासिन की सरकार की कोशिश कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने और अर्थव्यवस्था को फिर से चालू करने के बीच संतुलन बनाने की है. हालांकि इसे लेकर आमराय बंटी हुई है. एक धड़े का मानना है कि कारोबारी गतिविधियां अचानक से शुरू करने पर वायरस का नए सिरे से प्रसार शुरू हो सकता है. देश के 13 में से नौ राज्यों ने कारोबारी गतिविधियां फिर शुरू करने से या तो मना कर दिया है या कारोबार करने वाली कंपनियों की सीमित सूची बनायी है. इन नौ राज्यों में देश का सबसे समृद्ध राज्य सेलनगोर भी शामिल है. देश में अंतरराज्यीय परिवहन और लोगों के ज्यादा संख्या में जुटने पर प्रतिबंध बरकरार है. देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या में हाल के दिनों में तेज गिरावट देखने को मिली लेकिन सप्ताहांत पर 227 नए मामले आने से चिंता फिर बढ़ गयी.

#चीन या तो कोविड-19 को फैलने से रोकने में असक्षम था या उसने जानबूझकर किया: ट्रंप
अमेरिका में कोरोना वायरस संकट से निपटने के अपने तौर तरीके को लेकर आलोचना से घिर गये राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि चीन या तो इस घातक वायरस को दुनिया में फैलने से रोकने में अक्षम रहा या उसने जानबूझकर किया. पिछले तीन महीने में अमेरिका में 68000 से अधिक अमेरिकियों की कोरोना वायरस से मौत हुई है और 11 लाख लोग संक्रमित पाये गये हैं. दुनिया में इस संक्रमण के सबसे अधिक मामले और मौतें अमेरिका में हुई है. वैश्विक स्तर पर अबतक दो लाख 47 हजार मरीजों की मौत हो गयी और 35 लाख संक्रमित पाये गये.

ट्रंप ने रविवार को फॉक्स न्यूज द्वारा आयोजित टाउनहॉल में कहा, ;यह (कोरोना वायरस) भयावह चीज है, एक ऐसी भयावह जो हमारे देश में हुई. यह चीन से आया. इसे रोका जाना चाहिए था. उसे उसी स्थान पर रोका जा सकता था.' उन्होंने कहा, 'उन्होंने ऐसा नहीं करना (रोकना) पसंद किया या कुछ ऐसा हो गया. या तो अक्षमता थी या उन्होंने जानबूझकर ऐसा किया (फैलने से नहीं रोका) और हम पता लगाने जा रहे हैं कि कारण क्या था.' ट्रंप ने कहा कि यदि उन्होंने उपाय नहीं किया होता तो 20 लाख से अधिक अमेरिकी मर जाते लेकिन अब मरने वालों की संख्या 75000 से 100000 के बीच हो सकती है. उन्होंने कहा, 'वह एक भयावह चीज है। हमें एक भी व्यक्ति को इसमें गंवाना नहीं चाहिए. इसे चीन में रोका जाना चाहिए था. इसे रोका जाना चाहिए था.'

#शीर्ष चीनी स्वास्थ्य अधिकारी को कोविड-19 के लौटने का अंदेशा
चीन के एक शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी ने सोमवार को आगाह किया कि देश में कोरोना वायरस के लौटने का खतरा बरकरार है क्योंकि बीते दो हफ्तों में प्रांत-स्तरीय 10 क्षेत्रों में इनके प्रसार के स्थानीय स्तर पर नए मामले सामने आए हैं. राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने कहा कि रविवार को कोरोना वायरस के तीन नए मामलों की पुष्टि हुई. ये तीनों मामले विदेश से चीन पहुंचे थे. इसके अलावा 13 ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें कोई लक्षण नहीं दिख रहे थे. इन मामलों में दो विदेश से आए थे. एनएचसी ने कहा कि रविवार तक 962 उन मामलों को निगरानी में रखा गया है, जिनमें बीमारी का कोई लक्षण नहीं दिखा था. इनमें 98 मामले विदेश से आए हैं. सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के मुताबिक एनएचसी के प्रवक्ता मी फेंग ने कहा कि प्रांत-स्तरीय 10 क्षेत्रों में पिछले 14 दिन में स्थानीय तौर पर प्रसार के नए मामले या ऐसे मामले आए हैं जिनमें कोई लक्षण नहीं था. उन्होंने कहा कि यह बताता है कि महामारी के प्रसार का खतरा अब भी है.

 

 

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