Corona काल में शराब से होने वाली बीमारियों के बढ़े मामले, 48.5% का इजाफा

फोटो सौ. (मनी कंट्रोल)

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लंदन के किंग्स कॉलेज अस्पताल में लीवर यूनिट के सर्वे में यह बात सामने आई है. इसके मुताबिक महामारी काल के दौरान अस्पताल (Hospital) में भर्ती होने वाले एआरएलडी रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जो कि शराब (Liquir) से होने वाली यकृत संबंधी बीमारियों से ज्यादा ग्रसित थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 4, 2021, 7:37 PM IST
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लंदन. कोरोना महामारी (Coronavirus) के बारे में चिंता के चलते लोगों ने जहां एक ओर खुद को घरों में कैद रखना शुरू कर दिया. वहीं दूसरी ओर लोगों ने शराब का सेवन भी बढ़ा दिया है. लंदन के किंग्स कॉलेज अस्पताल में लीवर यूनिट के सर्वे में यह बात सामने आई है. इसके मुताबिक महामारी काल के दौरान अस्पताल (Hospital) में भर्ती होने वाले एआरएलडी रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जो कि शराब से होने वाली यकृत संबंधी बीमारियों से ज्यादा ग्रसित थे. विशेषज्ञों के बीच अब यह एक चिंता का विषय बना हुआ है कि कई लोग महामारी के बारे में चिंता करने के कारण ज्यादा पी रहे हैं.

किंग्स कॉलेज अस्पताल में लीवर यूनिट के सर्वे के अनुसार, इस साल जून 2020 में जून 2019 की तुलना में इन बीमारियों से पीड़ित लोगों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है. ऐसे रोगियों की संख्या में 48.5 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जिसमें से करीब एक चौथाई लोगों को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया. पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के द्वारा किए गए एक हालिया विश्लेषण के अनुसार कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए लागू कोविड लॉकडाउन के बाद फरवरी और मार्च के बीच अत्यधिक पीने वाले लोगों की संख्या दोगुनी हो गई. गौरतलब है कि एआरएलडी का तात्पर्य अत्यधिक शराब के सेवन से यकृत को होने वाली क्षति से है. आंकड़ों के मुताबिक हर साल लगभग 8,000 लोग इस गंभीर स्थिति से मर जाते हैं.

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इस बीच, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने रविवार को चेतावनी दी कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए वर्तमान प्रतिबंधों को और कड़ा किया जा सकता है क्योंकि देश कोरोना वायरस के नए प्रारूप (स्ट्रेन) से जूझ रहा है. वायरस के नए प्रारूप के तेजी से फैलने के कारण शिक्षक संगठन कुछ हफ्ते के लिए देश भर में सभी स्कूलों को बंद करने की अपील कर रहे हैं. जॉनसन ने कहा कि अभिभावकों को सोमवार से अपने बच्चों को उन इलाकों के स्कूलों में भेजना चाहिए जहां वे खुले हुए हैं क्योंकि खतरनाक वायरस से बच्चों को खतरा ''काफी कम" है. बहरहाल, उन्होंने कहा कि आगामी हफ्तों में लोगों के लिए कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं क्योंकि देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में इस सप्ताहांत 57,725 की वृद्धि हुई, वहीं मृतकों की कुल संख्या बढ़कर करीब 75,000 हो गई.

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