Coronavirus: कोरोना के नए स्ट्रेन से मुसीबत में पड़ सकते हैं दुनियाभर के देश- ब्रिटेन के शोध में दावा

सांकेतिक तस्वीर

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New SARS-CoV-2 variant: रिसर्च में ये भी पता चला है कि नवंबर के महीने में कोरोना का ये नया स्ट्रेन काफी तेजी से फैला है. ब्रिटेन में करीब 3 गुना नए केस में इज़ाफा हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 3, 2021, 2:55 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना के नए स्ट्रेन ( new SARS-CoV-2 variant) से दुनिया भर में हड़कंप मच गया है. ब्रिटेन (Britain) के अलावा ये वायरस दुनिया के कई देशों में फैल गया है. वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोना का ये नया रूप युवाओं में तेजी से फैल रहा है. इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन (Imperial College London) हुए एक रिसर्च से पता चला है कि वायरस का ये नया स्ट्रेन 20 साल से कम उम्र के लोगों में तेज़ी फैल रहा है.

रिसर्च में ये भी पता चला है कि नवंबर के महीने में कोरोना का ये नया स्ट्रेन काफी तेजी से फैला है. ब्रिटेन में करीब 3 गुना नए केस में इज़ाफा हुआ है. वैज्ञानिकों के मुताबिक सिर्फ 20 साल से कम उम्र के लोग ही नहीं बल्कि दूसरों उम्र के लोगों को भी ये वायरस तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है. इंपीरियल कॉलेज ने रिसर्च के लिए ये डेटा पिछले साल नवंबर के महीने में लिया था जब ब्रिटेन में सारे स्कूल खुले थे. रिसर्च में ब्रिटेन को क्रिसमस के बाद भी स्कूल बंद करने की सलाह दी गई है. सरकार ने फिलहाल 11 जनवरी तक के लिए छुट्टियां बढ़ा दी है.

चल रहा है वैक्सीनेशन का काम

बता दें कि ब्रिटने में इन दिनों कोरोना की वैक्सीन लगाई जा रही है. अब तक वहां करीब 9 लाख 40 हजार लोगों को वैक्सीन की डोज़ दी जा चुकी है. यहां ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्रेजेनेका की कोविशील्ड और फाइजर की वैक्सीन दी जा रही है. इस बीच अच्छी खबर ये है कि वैज्ञानिकों ने कहा है कि कोरोना की वैक्सीन नए स्ट्रेन पर भी असरदार है.
भारत को कामयाबी

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने शनिवार को कहा कि ब्रिटेन में सामने आये कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन का भारत ने सफलतापूर्वक 'कल्चर' किया है. 'कल्चर' एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके तहत कोशिकाओं को नियंत्रित परिस्थितियों के तहत उगाया जाता है और आमतौर पर उनके प्राकृतिक वातावरण के बाहर ऐसा किया जाता है.

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