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क्या नोट के जरिए भी फ़ैल रहा है कोरोना संक्रमण? रिसर्च में सामने आयी बड़ी जानकारी

क्या नोट से भी फ़ैल रहा है कोरोना संक्रमण?
क्या नोट से भी फ़ैल रहा है कोरोना संक्रमण?

Coronavirus Update: ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट की माने तो बैंक ऑफ इंग्लैंड ने पाया है कि नोट यानी कैश के जरिए कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा कम है. नोट पर सिर्फ 6 घंटे तक ही कोरना वायरस जीवित रहता है वो भी तब जब उसे पॉकेट या पर्स में न रखा जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 25, 2020, 10:06 AM IST
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लंदन. कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र वैज्ञानिक इसके फैलने के विभिन्न माध्यमों का पता लगाने में जुटे हुए हैं. एक बड़ा सवाल बार-बार सामने आता है कि क्या करेंसी यानी नोटों के जरिए भी कोरोना (Covid-19) फैलने का ख़तरा है? इसी सवाल के जवाब ढूंढते हुए वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि नोटों के जरिए कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका बेहद कम है. रिसर्च में सामने आया है कि संक्रमित व्यक्ति अगर नोट पर छींक भी दे तो वह सिर्फ छह घंटे तक ही खतरनाक होता है.

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट की माने तो बैंक ऑफ इंग्लैंड ने पाया है कि नोट यानी कैश के जरिए कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा कम है. इस अध्ययन के दौरान कोरोना के सबसे खराब स्थिति पर शोध किया गया है. जहां एक कोरोना से संक्रमित व्यक्ति को खांसी हुई या किसी नोट पर छींक हुई. शोधकर्ताओं ने पाया कि सतह पर कोरोना के वायरस का स्तर एक घंटे के बाद कम हो गया और छह घंटे के बाद यह घटकर सिर्फ पांच फीसद या उससे भी कम हो गया.

अध्ययन के दौरान यह भी पाया गया कि इस तरह की संभावना अपेक्षाकृत कम है क्योंकि नकदी यानी कैश को आमतौर पर पर्स में रखा जाता है. इसलिए अध्ययन में कहा गया है कि एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति के नोटों को छूने की संभावना से कोरोना का संक्रमण फैलने की संभावना कम ही बचती है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बैंक नोटों पर Sars-Cov-2 का अस्तित्व अन्य छूने वाली सतह क्षेत्रों की तुलना में कम दिखाई देता है जहां लोग नियमित संपर्क में आते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि संक्रमण के कुछ घंटों बाद भी उच्च मात्रा में संक्रमण का जोखिम कम रहता है.



क्या महामारी में बाहर खाने के लिए टेंट सुरक्षित तरीका है ?
क्या मौजूदा कोरोना वायरस महामारी के दौरान बाहर भोजन करने वाले लोगों के लिए ‘डाइनिंग टेंट’ एक सुरक्षित तरीका है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि खुले में बने ‘डाइनिंग टेंट’ आम तौर पर बंद स्थानों की तुलना में अधिक सुरक्षित होते हैं, लेकिन सावधानी यह होनी चाहिए है कि वे सभी समान नहीं हों. कई रेस्तरां एक साथ भोजन करने वाले लोगों के लिए व्यक्तिगत टेंट या अन्य बाहरी संरचनाओं का निर्माण कर रहे हैं. बंद स्थानों पर कोरोना वायरस आसानी से फैलता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि संरचनाओं को अच्छी तरह से हवादार बनाया जाना चाहिए. उदाहरण के लिए चार दीवारों और छत वाला टेंट ‘इनडोर’ भोजन कक्ष की तुलना में ज्यादा हवादार नहीं हो सकता है. कॉर्नेल विश्वविद्यालय के लोक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ आइजैक वीज्फ्यूज कहते हैं कि संरचनाओं में हवा का जितना अधिक प्रवाह होता है, वह उतना ही अच्छा होता है. ‘यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ’ के प्राध्यापक क्रेग हेडबर्ग के अनुसार ‘इग्लू’ या व्यक्तिगत टेंट एक रचनात्मक समाधान हैं, लेकिन इसे उन लोगों के साथ साझा नहीं किया जाना चाहिए जो आपसे संबंधित नहीं हैं.



‘यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ’ में सहायक प्राध्यापक ऑबरी गॉर्डन ने कहा कि दो पार्टियों के बीच टेंट को साफ किया जाना चाहिए और कम से कम 20 मिनट के लिए उसे खुला छोड़ देना चाहिए. उनका सुझाव है कि संपर्क कम करने के लिए भेाजन बाहर ही किसी ट्रे पर रखा जाना चाहिए. कई रेस्तराओं के लिए टेंट मौजूदा दौर में आर्थिक मददगार भी साबित हो रहे हैं. कई रेस्तरां अपने ग्राहकों से इसके लिए अतिरिक्ति पैसे ले रहे हैं. रेस्तरां पार्टी खत्म होने देने के बाद टेंटों की सफाई करते हैं और आधे घंटे तक वहां से हवा को बाहर निकाला जाता है.
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