अब कोरोना वायरस की दूसरी लहर का खतरा, कई देशों में मिले सबूत

अब कोरोना वायरस की दूसरी लहर का खतरा, कई देशों में मिले सबूत
कोरोना वायरस का खतरा टला नहीं है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में कहा कि कोरोना वायरस (Coronavirus) एक बड़ी लहर में सामने आ रहा है. यह भविष्यवाणी की जाती है कि महामारी लंबे समय तक चलने की संभावना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 6, 2020, 7:42 AM IST
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नई दिल्‍ली. दुनियाभर में जारी कोरोना वायरस संकट (Coronavirus) अभी और बढ़ सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार अब कई देशों में इसकी दूसरी लहर शुरू हो सकती है. कुछ देशों में तो इसके सबूत भी मिलने लगे हैं. उदाहरण के तौर पर स्‍पेन को ले लीजिये. वहां 1 जून को शून्‍य मौत हुई थीं. हालांकि कोरोना वायरस (Covid 19) के 71 नए केस सामने आए थे. 1 जून को कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले 2,39,638 थे. कुल मौतों की संख्‍या 27,127 थी. लेकिन 30 जुलाई के बाद से हर रोज स्‍पेन में कारोना वायरस संक्रमण के 1000 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं. अब मैड्रिड, बार्सिलोना और एरागॉन में लॉकडाउन हटा लिया गया है. स्‍पेन में कुल मौतों का आंकड़ा 28,499 और कुल केस का आंकड़ा 3,52,847 हो गया है.

फ्रांस और नॉर्वे जैसे कुछ देशों ने आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है. वहीं ब्रिटेन ने स्‍पेन से आने वाले लोगों के लिए क्वॉरंटाइन नियम जरूरी कर दिया है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा, 'हमारे कुछ यूरोपीय दोस्तों में से यूरोप में क्या हो रहा है, इस बारे में पूरी तरह से स्पष्ट होने दें. मुझे डर है कि आप कुछ जगहों पर महामारी की दूसरी लहर के संकेत देख रहे हैं.'

वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि भारत ने कोरोनो वायरस मामलों के शिखर को अभी नहीं छुआ है. उन्होंने कहा, 'हम भारत में पहली चोटी पर भी नहीं पहुंचे हैं. हमारा ग्राफ अभी भी एक सीधी रेखा में ऊपर जा रहा है.'



इजराइल में पहले कोरोना वायरस पर नियंत्रण हो चुका था. लेकिन अब वहां रोजाना 1700 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में आपदा की स्थिति घोषित की गई है. विक्‍टोरिया प्रांत देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का केंद्र है. यहां मामलों में बड़ा इजाफा हुआ है. नए नियमों में रात के समय का कर्फ्यू लागू है और निवासियों के घरों को छोड़ने की क्षमता पर प्रतिबंध है. ऑस्ट्रेलिया में 17,000 से अधिक मामले और 718 मौतें हुई हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में कहा कि वायरस एक बड़ी लहर में सामने आ रहा है, जिसका कोई सबूत नहीं है कि यह मौसम से प्रभावित होता है. लेकिन यह भविष्यवाणी की जाती है कि महामारी लंबे समय तक चलने की संभावना है.
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