कोरोना संकट: विदेशों में भारतीय दूतावासों की पहल, उड़ान शुरु होने पर होगी भारतीयों की वापसी

कोरोना संकट: विदेशों में भारतीय दूतावासों की पहल, उड़ान शुरु होने पर होगी भारतीयों की वापसी
रुस में फंसे छात्रों से बात करते भारतीय राजदूत डी बी वेंकटेश वर्मा

जहां भी भारतीय (Indian) फंसे हैं वहां दूतावास और उच्चायोग हर सम्भव मदद को तैयार हैं, लेकिन उनके जहन में सबसे बड़ा सवाल है की आखिर घर वापसी की तारीख कब आयेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2020, 11:15 AM IST
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लॉकडाउन (Lockdown) और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर पाबंदी की वजह से विदेशों में हजारों की संख्या में भारतीय फंसे हैं, जिनमें छात्रों (Student) की भी संख्या काफी अधिक है. विदेशों में भारतीय छात्र जल्द से जल्द अपने घर लौटना चाहते हैं तो दूसरी तरफ विदेशों में भारतीय दूतावास कोरोना संकट के बीच विभिन्न तरीकों से फंसे भारतीयों से संपर्क साधे हुए हैं, ताकी विदेशी धरती पर अपने आप को अलग-थलग न महसूस करें.

दुनियाभर में मौजूद तमाम भारतीय दूतावास और उच्चायोग विदेशों में फंसे भारतीयों से लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संपर्क में रहने की कोशिश कर रहे हैं. मास्को में भारतीय दूतावास रूस के 56 यूनिवर्सिटी में फंसे भारतीय छात्रों के लिए ऑनलाइन कला प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है, जिसमें आकर्षक प्राइज भी रखा गया है. इसके अलावा दूतावास योगा, हिन्दी भाषा, डांस और संगीत की ऑनलाइन क्लासेस भी चला रहा है. इससे पहले रूस में भारतीय राजदूत भारतीय छात्रों से बात भी कर चुके हैं. रूस में भारत के राजदूत डी बी वेंकटेश वर्मा ने हाल ही में अपने बयान में कहा की रूस के 56 विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की हर जरूरत को पूरा करने के लिए भारतीय दूतावास उपलब्ध है और वो कुछ छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के संपर्क में भी है. भारतीय दूतावास ने माना की वो भारतीय छात्रों की देश वापसी से जुड़ी चिंताओं से अवगत हैं, लेकिन ये तभी सम्भव है जब अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत होगी.

विदेशों में फंसे छात्र चिंतित



यूपी के मथुरा के रहने वाले अरुण प्रताप सिंह रूस में फंसे 15 हजार छात्रों में एक हैं. अरुण अपने दो साथियों के साथ मास्को के अपने कॉलेज के हॉस्टल में फिलहाल हैं. अरुण जैसे छात्रों की मांग है की भारत सरकार जल्द वापसी की व्यवस्था करे. मास्को में फंसे भारतीय छात्र अरुण कमार सिंह ने न्यूज़ 18 इण्डिया से बातचीत में भारत सरकार से जल्द वापसी कराने की अपील की है. अरुण ने कहा की रूस में भी मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए वो अपने आप को मास्को में सुरक्षित नहीं समझते.



भारतीय दूतावास भारतीयों के संपर्क में, लॉकडाउन में घर वापसी सम्भव नहीं

चीन में भारतीय राजदूत विक्रम मिसरी भी भारतीय समुदाय के लोगों से चर्चा कर रहे हैं जो अपने देश लौटना चाहते हैं. चीन में भी फंसे भारतीयों के लिए लगातार ऑनलाइन योगा क्लासेस का आयोजन किया जा रहा है. चीन में अब तक 4 योगा क्लासेस का आयोजन हो चुका है. जर्मनी में भी भारतीय दूतावास दूसरे संस्थानों के सहयोग से भारतीयों के लिए मेडिटेशन योगा और हिंदी संस्कृत भाषा सीखने की ऑनलाइन क्लासेस चला रहा है. हालांकि दूतावास हर समस्या का समाधान करने की पेशकश कर रहा है, लेकिन फिलहाल किसी भारतीय के लौटने में दूतावास ने असमर्थता जाहिर की है.

जर्मनी के भारतीय दूतावास में डिप्टी चीफ ऑफ़ मिशन पॉलमी त्रिपाठी ने कहा की दूतावास भारतीयों की वीजा बढ़ोतरी से लेकर हर ज़रूरत को पूरा करने को तैयार है. पॉलमी त्रिपाठी ने कहा की लॉकडाउन की अवधि के दौरान दूतावास भारत वापसी में किसी तरह की मदद नहीं कर सकता.

मलेशिया में भारतीय उच्चायोग हर हफ्ते फंसे हुए भारतीयों को फूड पैकेट के जरिए मदद कर रहा है. इसमें भारत से जुडे कई स्वंयसवी संगठन भी सामने आये है. दरअसल जहां भी भारतीय फंसे हैं वहां दूतावास और उच्चायोग हर सम्भव मदद को तैयार हैं, लेकिन विदेशों में फंसे भारतीयों में सबसे बड़ा सवाल है की आखिर घर वापसी की तारीख कब आयेगी.
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