UN चीफ ने कहा- दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया के लिए सबसे बड़ा संकट है कोरोना, आएगी मंदी

UN चीफ ने कहा- दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया के लिए सबसे बड़ा संकट है कोरोना, आएगी मंदी
संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतरेस

संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतरेस (Antonio Guterres)ने मंगलवार को एक नई योजना को पेश किया है, जिसमें विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 (Coronavirus) के विनाशकारी नतीजों से निपटने की रूपरेखा बनाई गई है.

  • Share this:
न्यूयॉर्क. भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर बढ़ता जा रहा है. दुनिया भर में कोरोना के संक्रमण के 73639 नए केस के साथ रिकॉर्ड कायम हुआ है. इसी के साथ कुल संक्रमितों (Covid19) की संख्या बढ़कर 8,58,337 हो गयी है. इतना ही नहीं बीते 24 घंटों में इस संक्रमण से 4373 लोगों ने अपनी जान भी गंवा दी और कुल मौतों का आंकड़ा बढ़कर 42140 पहुंच गया है. इस बीच संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतरेस (Antonio Guterres) ने कहा है कि दूसरे विश्व युद्ध (World War II) के बाद दुनिया सबसे चुनौतीपूर्ण संकट का सामना कर रही है. हर देश में लोगों को एक महामारी का सामना करना पड़ रहा है. कोरोना वायरस एक ऐसी मंदी लाएगा, जो शायद हाल के दिनों अब तक नहीं आया है.

गुतरेस आगे कहते हैं, 'कोरोना महामारी और अर्थव्यवस्था पर इसका असर दोनों मिलकर एक बड़ा खतरा पैदा करते हैं. इससे आर्थिक अस्थिरता, असंतोष और संघर्ष बढ़ता जा रहा है.' संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने मंगलवार को कोविड-19 के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव की रिपोर्ट पेश करते हुए ये बातें कही.

युक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने मंगलवार को एक नई योजना को पेश किया है, जिसमें विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के विनाशकारी नतीजों से निपटने की रूपरेखा बनाई गई है. साथ ही निम्न व मध्य आय वाले देशों के लिए एक ग्लोबल फंड बनाया गया है. गुतरेस ने कहा, 'कोरोना वायरस महामारी समाजों की बुनियाद और लोगों की आजीविका के साधनों पर हमला कर रही है. बड़ी संख्या में लोगों की मौत का कारण बन रही है और मौजूदा हालात से वैश्विक अर्थव्यवस्था व देशों पर दूरगामी दुष्प्रभाव होने की आशंका प्रबल हो रही है.



उन्होंने कहा कि समाजों में उथल-पुथल का माहौल है, अर्थव्यवस्था में गिरावट दर्ज की जा रही है और वायरस के कारण हर क्षेत्र में इस सामाजिक-आर्थिक तबाही से निपटने के लिए एकसाथ मिलकर निर्णायक कार्रवाई की ज़रूरत है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतरेस ने ‘Shared responsibility, global solidarity: Responding to the socio-economic impacts of COVID-10’ नाम की इस रिपोर्ट में सभी से एक साथ मिलकर काम करने और सामाजिक व आर्थिक स्तर पर पड़ने वाले असर को कम करने की पुकार लगाई है.

साझा ज़िम्मेदारी और वैश्विक एकजुटता के इस रोडमैप में तीन प्रमुख बातों पर ध्यान केंद्रित किया गया है:

- विश्वव्यापी महामारी पर क़ाबू पाने के लिए उसके फैलाव को रोकना
- लोगों के जीवन और उनकी आजीविका की रक्षा करना
- मानवीय संकट से सबक लेकर बेहतर पुनर्निर्माण सुनिश्चित करना
रिपोर्ट दर्शाती है कि कितनी तेज़ी से यह महामारी फैली है और उसका दायरा किस तरह विस्तृत और गंभीर होता गया है. साथ ही कोविड-19 से समाजों और अर्थव्यवस्थाओं पर होने वाले असर का भी ज़िक्र किया गया है. (एजेंसी इनपुट के साथ)

ये भी पढ़ें: कोरोना वायरस: टूटे सारे रिकॉर्ड, 24 घंटे में 4,373 लोगों की हुई मौत, सामने आए 73,639 नए केस

coronavirus: क्‍या पलायन कर इटली वाली गलती कर बैठे हैं भारतीय?

Fact Check: क्या गर्म पानी से गरारे करने पर मर जाता है कोरोना वायरस?
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading