कोरोना वायरस: ब्रिटेन में मृतकों का आंकड़ा 20,000 के पार, हजार से ज्यादा भारतीयों के मारे जाने की आशंका

कोरोना वायरस: ब्रिटेन में मृतकों का आंकड़ा 20,000 के पार, हजार से ज्यादा भारतीयों के मारे जाने की आशंका
ब्रिटेन (Britain Coronavirus)में कोरोना वायरस संक्रमण ( Coronavirus) के चलते मृतकों की संख्या शनिवार को बढ़कर 20 हजार पार हो गई.

ब्रिटेन (Britain Coronavirus)में कोरोना वायरस संक्रमण ( Coronavirus) के चलते मृतकों की संख्या शनिवार को बढ़कर 20 हजार पार हो गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 26, 2020, 1:52 PM IST
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लंदन. ब्रिटेन (Britain Coronavirus)में बीते एक दिन में 813 लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मौत के बाद मृतकों की संख्या शनिवार को बढ़कर 20 हजार हो गई. इस सप्ताह एक दिन में हुई मौतों का यह सबसे बड़ा आंकड़ा हैं. ब्रिटेन के स्वास्थ्य एवं सामाजिक देखभाल विभाग द्वारा जारी इन आंकड़ों में अस्पताल या स्वास्थ्य केन्द्रों से बाहर हुई मौतों की संख्या शामिल नहीं है, लिहाजा मृतकों की संख्या और अधिक हो सकती है.

आधिकारिक रिपोर्ट्स द्वारा मिली जानकारी के अनुसार ब्रिटेन में कोरोना के चलते हुई मौतों में बड़ी संख्या अल्पसंख्यकों की है. ब्रिटेन में हुई मौतों की संख्या में 35-40 फीसदी अल्पसंख्यक शामिल हैं. यानी 6000- 8000 अल्पसंख्यकों के ब्रिटेन में मारे जाने की आशंका है. यहां अल्पसंख्यकों में भारतीयों की संख्या ज्यादा है. लंदन में जिस इलाके में भारतीय रहते हैं वहां से मौतों के मामले ज्यादा सामने आए हैं. अधिकतर भारतीय लंदन में रहते हैं जो ब्रिटेन में कोरोना का केंद्र बना हुआ है. माना जा रहा है कि यहां रह रहे हजार से ज्यादा भारतीय कोरोना के चलते मारे जा चुके हैं.

ब्रिटेन के हिन्दू काउंसिल के चेयरमैन उमेश चंदर शर्मा ने कहा कि सभी भारतीयों का अंतिम संस्कार पूरे रीति रिवाज के साथ होगा. जब स्थितियां सामान्य हो जाएंगी तो परिजन अस्थियां इकट्ठी कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि एक पुजारी समेत परिवार के 10 लोगों के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी गई है.





पिछले महीने राष्ट्रीय स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा निदेशक स्टीफन पोविस ने डाउनिंग स्ट्रीट में दैनिक ब्रीफिंग के दौरान कहा था कि अगर मृतकों की संख्या 20 हजार से कम हो तो बेहतर होगा. हालांकि ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमण से पहली मौत के बाद 51 दिन के भीतर ही मृतकों की संख्या इस आंकड़े को पार कर गई है.

ब्रिटेन में भारतीय, अल्पसंख्यक समुदाय के चिकित्साकर्मियों को कोविड-19 से खतरा ज्यादा
वहीं ब्रिटेन में भारतीय और जातीय आधार पर अल्पसंख्यक समुदाय की पृष्ठभूमि वाले चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पेशेवरों पर घातक कोरोना वायरस से संक्रमित होने का अत्यधिक खतरा है. देश में चिकित्साकर्मियों के बीच किए गए एक अनोखे सर्वेक्षण में यह परिणाम सामने आए हैं. भारतीय मूल के चिकित्सकों के ब्रितानी संघ (बीएपीआईओ) के ‘अनुसंधान एवं नमोन्मेष मंच’ ने जोखिम के कारकों और स्वास्थ्य पेशेवरों के बीच उभरती चिंताओं का पता लगाने और उन्हें निर्धारित करने के लिए 14 अप्रैल से 21 अप्रैल के बीच ऑनलाइन सर्वेक्षण किया.

सभी पृष्ठभूमियों से करीब 2,003 प्रतिवादियों ने प्रश्नावली लौटाई, जिसमें अधिकांश (66 प्रतिशत) अस्पताल के डॉक्टर और प्राथमिक देखभाल कर्मी (24 प्रतिशत) थे. सर्वेक्षण में शामिल 86 प्रतिशत लोग अश्वेत, एशियाई और अल्संख्यक जातीय समुदायों से थे जिनमें सबसे अधिक 75 प्रतिशत लोग दक्षिण एशियाई मूल के थे.

सर्वेक्षण में यह भी पाया गया निजी सुरक्षात्मक उपकरण (पीपीई) का अभाव चिकित्सा कर्मियों के लिए बड़ी चिंता है. बीएपीआईओ के अध्यक्ष रमेश मेहता ने कहा, 'हम सरकार से इन लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील कर रहे हैं ताकि अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे कर्मी खुद बीमार न पड़ें.'

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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