हज यात्रा: बिना परमिट मक्का में प्रवेश किया तो लगेगा 2 लाख रुपए का जुर्माना

हज यात्रा के दौरान नियम उल्लंघन पर 2 लाख रुपए जुर्माना

सऊदी अरब (Saudi Arabia) के गृह मंत्रालय ने नई गाइडलाइंस जारी करते हुए रविवार को बताया कि बिना परमिट के पवित्र स्थलों जैसे मक्का में जाने वालों पर दस हज़ार सऊदी रियाल (2666 US डॉलर) या फिर करीब 2 लाख रुपए का भारी जुर्माना लगाया जाएगा.

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    रियाद. सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने सीमित संख्या में हज यात्रा (Hajj Yatra 2020) के लिए अनुमति दे दी है लेकिन कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के मद्देनज़र काफी एहतियात बरती जा रही है. सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने नई गाइडलाइंस जारी करते हुए रविवार को बताया कि बिना परमिट के पवित्र स्थलों जैसे मक्का में जाने वालों पर दस हज़ार सऊदी रियाल (2666 US डॉलर) या फिर करीब 2 लाख रुपए का भारी जुर्माना लगाया जाएगा. अगर कोई दूसरी बार प्रवेश करने की कोशिश करता पकड़ा गया तो जुर्माना डबल यानी के चार लाख रुपए होगा. अगर कोई बार-बार ऐसा करता है तो उसे जेल भेज दिया जाएगा. इसके आलावा हज यात्रा के मद्देनज़र 21 दिन के कर्फ्यू की भी घोषणा कर दी गई है.

    खलीज टाइम्स के मुताबिक सऊदी अरब ने इस साल कोरोना वायरस की वजह से हज यात्रा के लिए सऊदी अरब आने वाले लोगों की संख्या को कम किया है. सऊदी गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ये प्रतिबंध 19 जुलाई (धुल क़दाह) से 2 अगस्त (धुल हिज्जाह) तक चलेगा. सऊदी प्रेस एजेंसी ने सऊदी अरब सरकार के गृह मंत्रालय के मुताबिक बताया- 'गृह मंत्रालय के एक आधिकारिक सूत्र ने सभी नागरिकों और बाशिंदों से आगामी धार्मिक यात्राओं के दौरान नियमों का पालन करने को कहा है.

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    उन्होंने ज़ोर दिया है कि हज के दौरान सुरक्षाकर्मी नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए पवित्र स्थलों तक जाने वालीं सभी सड़कों और रास्तों पर तैनात रहेंगे.' सऊदी अरब के प्रशासकों का कहना है कि कोरोना वायरस की वजह से उन्होंने हज करने वालों की संख्या लगभग दस हज़ार तक करने का फ़ैसला किया है. सऊदी अरब से बाहर रहने वाले लोगों के लिए इस साल हज करने की डेडलाइन बीते शुक्रवार ख़त्म हो गई.

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    हज के लिए रखीं गयीं थीं शर्तें
    इस साल हज यात्रा में सिर्फ 30 फ़ीसदी हाजी सऊदी के नागरिक होंगे और इसमें भी उन लोगों को जगह मिलेगी जो स्वास्थ्यकर्मी और सुरक्षाकर्मी हैं और ये कोरना से संक्रमित होने के बाद ठीक हुए हैं. सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक जिन्होंने कोरोना वायरस की लड़ाई में अपनी जान की फ़िक्र नहीं की सरकार उन्हें हज यात्रा तोहफे के रूप में देना चाहती है. प्रशासन फ़्रंटलाइन पर काम करने के दौरान संक्रमित होने और फिर ठीक होने वाले लोगों की पहचान करेगा.



    सऊदी में रहने वाले 20 से 50 साल की उम्र वाले ग़ैर-सऊदी नागरिकों को प्राथमिकता दी जाएगी. एक अनुमान के मुताबिक सिर्फ 1000 लोगों को ही हज की अनुमति दी जाएगी. हज पर जाने वाले यात्रियों के लिए अन्य दस्तावेजों के अलावा पीसीआर टेस्ट सर्टिफिकेट होना चाहिए और इसमें निगेटिव रिजल्ट होना अनिवार्य है. इसके आलावा पहले हज पर जा चुके लोगों को इस बार मौका नहीं मिलेगा. स्वास्थ्य मंत्रालय के के नए नियम के मुताबिक हज से पहले और बाद में क्वॉरंटीन के नियमों का पालन करना भी अनिवार्य है.

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