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COVID-19: यूएई में फंसे भारतीय और पाकिस्तानी नागरिकों की क्‍यों नहीं हो रही है वापसी?

यूएई में हजारों ऐसे भारतीय, पाकिस्‍तानी हैं जिन्‍होंने आर्थिक मंदी के कारण अपनी नौकरी खोई है. अब ये लोग घर जाना चाहते हैं. फाइल फोटो/दुबई एयरपोर्ट
यूएई में हजारों ऐसे भारतीय, पाकिस्‍तानी हैं जिन्‍होंने आर्थिक मंदी के कारण अपनी नौकरी खोई है. अब ये लोग घर जाना चाहते हैं. फाइल फोटो/दुबई एयरपोर्ट

यहां काम करने वाले 20 हजार से ज्‍यादा पाकिस्तानियों की नौकरियां समाप्‍त हो चुकी हैं. इनमें पर्यटक और जायरीन भी शामिल हैं. ये सब घर जाना चाहते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 11, 2020, 3:04 PM IST
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अबूू धाबी. कोरोनोवायरस (Corona virus) महामारी का आर्थिक प्रभाव दुनिया भर में काफी  विनाशकारी रहा है. जहां देशों ने इसकी रोकथाम के लिए लॉकडाउन जैसे उपाय अपनाए हैं, वहीं इनसे अधिकांश आर्थिक गतिविधियों पर इसका असर पड़ा है और यह रुक गई हैं.

'गल्‍फ न्‍यूज' की खबर के हवाले से बताया गया है कि दुनिया भर में लाखों लोगों ने अपनी नौकरी खो दी हैं. संयुक्त अरब अमीरात में हजारों ऐसे प्रवासी हैं जिन्‍होंने आर्थिक मंदी के कारण अपनी नौकरी खोई है. अब इनमें से ज्‍यादातर लोग घर जाना चाहते हैं.

ये लोग ऐसे समय में जब कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है और लोगों को अपना शिकार बना रहा है, अपने परिवार के पास, अपने घर आना चाहते हैं, लेकिन इनमें से कई ऐसे हैं जो अपने देश की सरकारों की वजह से वहां फंसे हुए हैं. ये लोग खासतौर पर पाकिस्तान और भारत के नागरिक हैं और जाहिरी तौर पर सरकारें इनकी घर वापसी को लेकर अनिच्‍छुक लग रही हैं.



करीब 20 हजार पाकिस्‍तानी नागरिक भी यहां फंसे हुए हैं
हालांकि यूएई में उन सभी लोगों को इस प्रकोप से बचाए रखने के लिए अच्‍छी देखभाल की जा रही है, जो यहां के निवासी हैं या फिर वे जो यहां दूसरे देशों से आकर फंस चुके हैं. यहां उन लोगों का इलाज भी सावधानी से किया जा रहा है जिनमें इस वायरस के होने की पुष्टि हुई है. वहीं यहां की उन्नत चिकित्सा देखभाल की वजह से यहां सैकड़ों लोग इस वायरस से उबरने में कामयाब हुए हैं. फिर भी यहां ऐसे कई लोग हैं जो इस प्रकोप की वजह से बेरोजगार हो चुके हैं और अब बेकार हैं और अपने वतन वापसी चाहते हैं. मगर उनकी वापसी को लेकर अभी तक कोई अहम कदम नहीं उठाया गया है

उदाहरण के तौर पर यहां काम करने वाले 20 हजार से ज्‍यादा पाकिस्तानियों की नौकरियां समाप्‍त हो चुकी हैं. इनमें पर्यटक और जायरीन भी शामिल हैं, जिनका अपने घर जाने के लिए पिछले सप्ताह वाणिज्य दूतावास में रजिस्‍ट्रेशन हो चुका है. जैसा कि 5 अप्रैल को गल्फ न्यूज द्वारा बताया गया था.

भारत-पाकिस्‍तान के नागरिक वतन वापसी चाहते हैं
हालांकि इसके अगले दिन पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास ने घोषणा की कि वह दो सप्ताह के लिए अपने रास्‍ते बंद कर रहा है. वहीं दुबई में पाकिस्तान के महावाणिज्य दूत अहमद अमजद अली ने गल्फ न्यूज को बताया कि वाणिज्य दूतावास चावल, चीनी, आटा और अनाज जैसी जरूरी राशन को मुफ्त उपलब्ध कराना जारी रखेगा. मगर सच्चाई यह है कि जो 20 लोग इस मिशन के तहत रजिस्‍ट्रड हैं, वे राशन नहीं, बल्कि अपने घर वापसी चाहते हैं. यही हालात यूएई में फंसे हज़ारों अप्रवासी भारतीय नागरिकों के भी हैं. इनमें से कुछ यहां नौकरी करते थे, मगर अब उनकी नौकरी जा चुकी है. वहीं इनमें से कुछ लोग यहां
पर्यटक या जायरीन के तौर पर यात्रा पर आए थे.

यह उम्मीद की जा रही थी कि उनका देश उनकी वापसी कराएगा. मगर यूरोपीय देशों के विपरीत जो अपने नागरिकों को निकालने के लिए दौड़-भाग कर रहे हैं, भारत या पाकिस्तान की सरकारों की ओर से अपने नागरिकों के लिए ऐसी कोई योजना नहीं बनाई गई.

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