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WHO का जांच दल पहुंचा चीन, वुहान समेत कई राज्यों में लॉकडाउन घोषित

WHO का जांच दल पहुंचा चीन  (फोटो- AFP)
WHO का जांच दल पहुंचा चीन (फोटो- AFP)

WHO team in China: कोरोना वायरस की उत्पत्ति से जुड़े सबूत जुटाने के लिए WHO का 10 सदस्यीय जांच दल गुरूवार को चीन पहुंच गया है. इस बीच चीन के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के नए केस सामने आने के बाद लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 14, 2021, 10:45 PM IST
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बीजिंग. कोरोना वायरस (Coronavirus) की उत्पत्ति से जुड़े साक्ष्य इकठ्ठा करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के 10 लोगों की टीम गुरुवार को चीन (China) पहुंच गयी है. इस दल पर जिम्मेदारी है कि वुहान (Wuhan) मार्केट या लैब से कोरोना वायरस की उत्पत्ति के ठोस सबूत जुटाए. पहले चीन WHO की टीम को एंट्री देने में आनाकानी कर रहा रहा लेकिन वैश्विक दबाव के बाद वह जांच के लिए तैयार हो गया. उधर चीन के कई प्रान्तों में फिर से कोरोना वायरस के नए मामले सामने आने के बाद लॉकडाउन की घोषणा कर दी गयी है.

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (NHC) ने कहा कि 12 जनवरी को कई महीनों बाद वहां संक्रमण के 100 से ज्यादा नए मामले सामने आए. इन 115 मामलों में से 107 स्थानीय स्तर पर संक्रमण के हैं, बाकी बाहर से आए लोगों से जुड़े हैं. आयोग ने कहा कि 90 मामले हेबेई प्रांत, 16 मामले हेईलोंग जियांग राज्य और एक शांग्सी प्रांत में सामने आए. अगस्त के बाद से चीन में एक दिन में 100 से ज्यादा मामले नहीं देखे गए थे. चीन पर पिछले साल से कोरोना फैलाने का आरोप लग रहा है. अमेरिका ने तो यह भी दावा किया कि वायरस उसकी लैब में विकसित हुआ है, जिससे पूरी दुनिया संकट का सामना कर रही है. चीन में मंगलवार तक संक्रमण के 87,706 मामले थे, वहीं 4,634 लोगों की संक्रमण से मौत हो गई है.





चीन का टीका सबसे कम असरदार
ब्राजील ने चीन की वैक्सीन को लेकर बड़ा दावा किया है. उसके वैज्ञानिकों का कहना है कि सिनोवैक बायोटेक द्वारा विकसित कोरोनावैक वैक्सीन कोरोना के खिलाफ सिर्फ 50.4% ही असरदार है. अगर वैज्ञानिकों का ये दावा सही है तो ये टीका दुनिया में विकसित दूसरे टीकों में सबसे कम प्रभावी है. पिछले हफ्ते ही इस टीके के तीसरे चरण के ट्रायल का डेटा आया था. तब उसे 75% असरदार बताया गया था. हालांकि पाकिस्तान ने चीनी वैक्सीन के लिए बुकिंग कराई है.

चीन पर भरोसे न करने की पर्याप्त वजहें
चीन की वैक्सीन पर इसलिए भी लोग भरोसा नहीं कर रहे क्योंकि उसने बहुत से देशों को घटिया मास्क, टेस्ट किट और PPE सूट निर्यात किए थे. चीन के विदेश मंत्रालय ने ब्लूमबर्ग से कहा कि चीनी वैक्सीन दो फेज के ट्रायल में सुरक्षित पाई गई है. अब तक विपरीत प्रभाव नहीं दिखा.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजिआन ने सोमवार को सोशल मीडिया पर कहा कि जिन सरकारों ने वैक्सीन के डोज की बुकिंग नहीं करवाई है, उनके पास चीन की वैक्सीन की एकमात्र विकल्प होगा. क्योंकि अगले साल तक बनने वाले करीब 1200 करोड़ डोज का तीन चौथाई हिस्सा अमीर देश बुक करवा चुके हैं. चीन की वैक्सीन कंपनियों के 16 देशों में तीसरे चरण के ट्रायल चल रहे हैं. अब तक यूएई, पाकिस्तान और स्वयं चीन ने वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दी है.
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