बंगाल-ओडिशा के बाद ‘अम्फान’ ने बांग्लादेश में मचाई तबाही, अब तक 10 लोगों की मौत

चक्रवाती तूफान अम्फान ने बांग्लादेश के तटीय गांवों में मचाई भारी तबाही
चक्रवाती तूफान अम्फान ने बांग्लादेश के तटीय गांवों में मचाई भारी तबाही

चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ (Cyclone Amphan की वजह से बांग्लादेश में 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई तटीय गांवों में भारी तबाही हुई है. तूफान से अनेक इलाके जलमग्न और सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

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ढाका. बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान अम्फान (Cyclone Amphan) भारत के पंश्चिम बंगाल और ओडिशा में तबाही मचाने के बाद अब बांग्लादेश (Bangladesh) में तबाही मचा रहा है. प्रचंड तूफान ‘अम्फान’ से बांग्लादेश में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई तटीय गांवों में भारी तबाही हुई है. तूफान से अनेक इलाके जलमग्न और सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं. अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी.

करीब दो दशकों में क्षेत्र में अब तक के सबसे भीषण चक्रवाती तूफान बुधवार शाम बांग्लादेश पहुंचा. यह चक्रवात ‘सिद्र’ के बाद सर्वाधिक प्रचंड तूफान है. 2007 में ‘सिद्र’ चक्रवात से करीब 3,500 लोगों की मौत हो गई थी. स्वास्थ्य मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष की प्रवक्ता आयशा अख्तर ने कहा, ‘हमारी प्रारंभिक रिपोर्ट में हम कह सकते हैं कि चक्रवात से 10 लोगों की मौत हो गई.’

पेड़ और दीवार गिरने से लोगों की मौत



अख्तर ने बताया कि तटीय क्षेत्रों में तैनात अधिकारी अभी तक 6 मृतकों की पहचान कर पाए हैं, जबकि प्रभावित इलाके में चिकित्सा आवश्यकता और अन्य जानकारी के आकलन की प्रक्रिया चल रही है. तटीय इलाकों से मिल रही प्रारंभिक खबरों के अनुसार ज्यादातर मौत तूफान के चलते लोगों पर पेड़ और दीवार गिरने जैसी घटनाओं के कारण हुई हैं.
इस बीच, कालापाड़ा के उप-जिलाधिकारी अबू हसनत ने बताया कि चक्रवात तैयारी कार्यक्रम (सीपीपी) से जुड़े शाह आलम का शव नौ घंटे बाद बरामद हुआ. वह कालापाड़ा उपजिला में एक नहर में नौका डूबने के बाद लापता हो गए थे. खबर में बताया गया है कि आलम समेत सीपीपी स्वयंसेवकों को लेकर जा रही एक नौका तूफान की चपेट में आने के बाद बुधवार को एक नहर में डूब गई.

ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि बांग्लादेश के तटीय जिलों में चक्रवात से कई निचले इलाके डूब गए, तटबंध टूट गए, पेड़ उखड़ गए और मकान क्षतिग्रस्त हो गए. बांग्लादेश मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि चक्रवात के उत्तर-उत्तरपूर्व दिशा की ओर बढ़ने और फिर कमजोर पड़ने की संभावना है. ढाका ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक बर्गुना, सत्खिरा, पिरोजपुर, भोला और पटुआखली में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई.

60 वर्षीय बुजुर्ग की भी मौत

खबर में अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि बर्गुना में डूबने से 60 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि सत्खिरा में पेड़ गिरने से 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई. पिरोजपुर में 60 वर्षीय व्यक्ति पर दीवार गिरने से उसकी मौत हो गई. भोला में तूफान के कारण दो लोगों ने जान गंवाई. पटुआखली में पेड़ गिरने से छह वर्षीय लड़के की मौत हो गई. जेस्सोर जिले में 45 वर्षीय महिला और उसकी 13 साल की बेटी पर उनके घर में पेड़ गिरने से उनकी मौत हो गई. उन्होंने बताया कि चक्रवात के चलते भारी बारिश हुई जबकि खुलना क्षेत्र के ज्यादातर हिस्सों में ऊंची लहरें उठीं और भारी बारिश आई. बुधवार को चक्रवात ने पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश में हतिया द्वीप के बीच दोपहर ढाई बजे दस्तक दी.

20 लाख से अधिक लोगों को शिविरों में भेजा गया

बीडीन्यूज24डॉट कॉम ने मौसम विज्ञानी अब्दुल मन्नन के हवाले से बताया कि चक्रवात ‘अम्फान’ ने करीब 160 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बुधवार को शाम पांच बजे बांग्लादेश तट पार करना शुरू किया. बांग्लादेश ने 20 लाख से अधिक लोगों को शिविरों में भेजा है और इस भीषण तूफान से निपटने के लिए सेना को तैनात किया है.

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