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अमेरिका में प्रेस की आजादी के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है असांजे का मामला, जानिए कैसे?

असांजे ने 2006 में विकीलीक्स को जब बनाया था तो ये एक नई तरह की गतिविधि थी. ये एक ऐसी एक वेबसाइट थी जो गुप्त दस्तावेज एकत्र करती थी और उन्हें ऑनलाइन प्रकाशित करती थी. (फाइल फोटो)

असांजे ने 2006 में विकीलीक्स को जब बनाया था तो ये एक नई तरह की गतिविधि थी. ये एक ऐसी एक वेबसाइट थी जो गुप्त दस्तावेज एकत्र करती थी और उन्हें ऑनलाइन प्रकाशित करती थी. (फाइल फोटो)

2009 में विकीलीक्स ने अमेरिका के लगभग 750,000 गोपनीय दस्तावेज और राजनयिक केबल प्रकाशित करके दुनिया में तहलका मचा दिया थ ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को अमेरिका को सौंपने को ब्रिटेन ने शुक्रवार को मंजूरी दे दी. असांजे एक ऐसे मामले में जासूसी के आरोपों का सामना कर रहे हैं, जो प्रेस की आजादी के अधिकारों के लिए एक अभूतपूर्व कानूनी लड़ाई साबित हो सकता है. 2009 में विकीलीक्स ने अमेरिका के लगभग 750,000 खुफिया दस्तावेजों और राजनयिक केबलों को प्रकाशित करके दुनिया में तहलका मचा दिया, जिसमें अमेरिकी सेना के लोगों को यातना देने और गुप्त सैन्य अभियानों के बारे में जानकारी दी गई थी.

विकीलीक्स को खुफिया फाइलें लीक करने के आरोप में एक अमेरिकी सैन्य खुफिया अधिकारी चेल्सी मैनिंग को गिरफ्तार किया गया और जेल की सजा सुनाई गई. एनडीटीवी की एक खबर के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि असांजे ने पेंटागन कंप्यूटर सिस्टम के पासकोड को तोड़ने में उसकी मदद की और फाइलों को चुराने के लिए मैनिंग को उकसाया. अमेरिकी न्याय विभाग ने अप्रैल, 2019 में राष्ट्रीय रक्षा से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए एक गोपनीय कंप्यूटर सिस्टम में सेंध लगाने की साजिश के आरोप में ब्रिटेन से असांजे के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था.

इसके बाद विभाग ने असांजे पर अमेरिकी जासूसी कानून के तहत 17 मामलों में आरोप लगाया था. अमेरिका का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया के नागरिक असांजे ने अमेरिकी रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी खुफिया जानकारी चुराई और अमेरिका, उसके अधिकारियों और खुफिया स्रोतों को खतरे में डालते हुए उसका सार्वजनिक तौर पर खुलासा कर दिया.

असांजे ने 2006 में विकीलीक्स को जब बनाया था तो ये एक नई तरह की गतिविधि थी. ये एक ऐसी एक वेबसाइट थी जो गुप्त दस्तावेज एकत्र करती थी और उन्हें ऑनलाइन प्रकाशित करती थी. यह तरीका पारंपरिक मीडिया से बहुत अलग नहीं था. इस हिसाब से देखा जाए तो असांजे की गतिविधियों को अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन से संरक्षण मिल सकता है, जो स्पष्ट रूप से प्रेस की आजादी की गारंटी देता है. असांजे पर लगे आरोप सरकारी स्रोत से खुफिया सामग्री हासिल करने और प्रकाशित करने पर लगे हैं.

2009 से 2017 तक राष्ट्रपति रहे बराक ओबामा की सरकार ने असांजे के मामले पर जोर नहीं देने का विकल्प चुना. पत्रकारिता क्या है और क्या नहीं है, वे इस संवैधानिक लड़ाई से बचना चाहते थे. जबकि रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने असांजे को एक विदेशी खतरा और विकीलीक्स को ‘शत्रुतापूर्ण खुफिया सेवा’ करार देते हुए सख्त रुख अपनाया. ट्रंप प्रशासन का कहना था कि ‘वे लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका को गंभीरता से लेता है. लेकिन जूलियन असांजे कोई पत्रकार नहीं हैं.’

Explained: जूलियन असांजे के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ, जानें अब अमेरिका पहुंचने पर क्या होगा?

असांजे को अगर अमेरिका भेज दिया जाता है, तो उन पर एक संघीय अदालत में मुकदमा चलाएगा. पेंटागन के कंप्यूटरों में सेंध लगाने के प्रयास में मदद करने के लिए असांजे पर लगे मूल आरोप में उनको पांच साल तक की जेल का सामना करना पड़ेगा, लेकिन जासूसी अधिनियम के तहत आरोपों में उन्हें 175 साल तक की जेल हो सकती है. इस तरह देखा जाए तो उनको अपना बाकी जीवन जेल में बिताना होगा.

Tags: Britain, Julian Assange, United States (US)

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