जनता है मंहगाई से परेशान, फिर भी न्यूक्लियर बम बनाने में जुटा है पाकिस्तान

रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में सामने आया है, पाकिस्तान की आर्थिक मंदी और जनता के बढ़ी मंहगाई से परेशान होने के बाद भी वह अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमता बढ़ाने के सीक्रेट प्रोग्राम में लगा हुआ है.

News18Hindi
Updated: July 18, 2019, 10:59 PM IST
जनता है मंहगाई से परेशान, फिर भी न्यूक्लियर बम बनाने में जुटा है पाकिस्तान
खराब आर्थिक हालत के बावजूद न्यूक्लियर बम बनाने में जुटा है पाक (पाक पीएम की फाइल फोटो)
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Updated: July 18, 2019, 10:59 PM IST
पाकिस्तान जबरदस्त आर्थिक मंदी से जूझ रहा है. जहां पाकिस्तान के नागरिकों को खाने को लाले पड़े हुए है, फिर भी पाकिस्तान की आलाकमान बेहयाई से अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने में जुटी हुई है. रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान की सैन्य ताक़त को बढ़ाने की स्पीड धीमी नहीं पड़ी है. वो लगातार अपनी मिलिट्री ताक़त, ख़ास तौर पर मिसाइल और परमाणु हथियारों की क्षमता को बढ़ा रहा है.

रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट 2018-2019 इसके बारे में बताया गया है. आर्थिक मंदी से जूझने के साथ ही पाकिस्तान में राजनैतिक हालात भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं और पाकिस्तान की सेना ने चुनाव के बाद पाकिस्तान की विदेश, सुरक्षा और रक्षा नीतियों को चलाने वाले संस्थान के तौर पर अपनी स्थिति को और मज़बूत कर लिया है. आर्थिक मंदी के बावजूद पाकिस्तान अपनी मिलिट्री ताक़त ख़ास तौर पर मिसाइल और परमाणु हथियारों की क्षमता को लगातार बढ़ाने में लगा है.

आतंकियों की भारत में घुसपैठ कराने में पाकिस्तानी सेना देती है साथ
पाकिस्तान की इस हरकत पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की बारीक नज़र है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पाकिस्तान में धार्मिक कट्टरपंथ बढ़ रहा है और सेना ने जिहादी और अन्तरराष्ट्रीय प्रतिबंधित संगठनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं की है. जिसके चलते इन संगठनों के आतंकी आज भी भारत जैसे पाकिस्तान के पड़ोसियों को निशाना बना रहे है. यही नहीं रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना लगातार आतंकी संगठनों को समर्थन दे रही है. और सीमापार से सीजफायर वायलेशन की आड़ में आतंकियों को जम्मू कश्मीर में घुसपैठ करा रही है.

भारतीय सेना ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों के साथ मिलकर नाकामयाब कर दिए पाक के मंसूबे
सीमा पार आतंकियों की ट्रेनिग और घुसपैठ की कोशिश लगातार जारी है लेकिन भारतीय सेना की चौकसी के चलते पिछले साल के मुक़ाबले इस साल घुसपैठ की घटनाओं में भारी कमी आई है. 2018 में सेना ने 15 घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम किया जिसनें 35 आतंकियों को मार गिराया गया तो वही साल 2017 में 33 घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करते हुए 59 आतंकवादियों को ढेर किया था. घाटी में सेना , पुलिस और अर्धसैनिक बलों के आपसी सहयोग के चलते पूरे साल सफल ऑपरेशन किए गए.

ज्यादातर घुसपैठ पर भारत ने लगा दी है लगाम
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जिनमें आतंकी संगठनों के कमांडर और आतंकियों को निशाना बनाया है. 2018 में कुल 254 आतंकियों को सुरक्षा बलो ने ढेर किया. हालाकि सेना के आंकड़ों के मुताबिक़ इस साल 2019 में अब तक अलग-अलग मुठभेड़ में सेना ने 121 आतंकियों को अब तक ढेर किया है जिनमें 21 पाकिस्तानी आतंकवादी है. अकेले जून के महीनों में सेना और आतंकियों के बीच हुए 13 मुठभेड़ में 23 आतंकियो को ढेर किया था. रिपोर्ट में ये भी लिखा गया है कि सुरक्षा बलों के ऑपरेशन और लगातार बढ़ते दबाव के चलते. नॉर्थ कश्मीर में आतंकी संगठनों की आतंकवाद की जड़ों को दोबारा ज़माने की कोशिशों को विफल किया गया. और इसे साउथ कश्मीर के कुछ जिलों तक ही सीमित कर दिया गया है.

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First published: July 18, 2019, 10:59 PM IST
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