कोरोना वायरस से बचने के लिए डॉक्टर खुद ही बना रहे अपना मास्क

मलेशिया में मास्क की कमी की वजह से डॉक्टर खुद ही अपना मास्क बना रहे हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
मलेशिया में मास्क की कमी की वजह से डॉक्टर खुद ही अपना मास्क बना रहे हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमित मरीजों को रोज देखने वाले डॉक्टरों (doctors) के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है. उनके पास सुरक्षा के उपायों की कमी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 27, 2020, 7:47 PM IST
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क्वालालंपुर: कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण की वजह से हालात इतने बुरे बन पड़े हैं कि कुछ जगहों पर डॉक्टरों (Doctors) को खुद ही अपना मास्क बनाना पड़ रहा है. मलेशिया (Malaysia) के डॉक्टर इनदिनों अपने लिए मास्क बनाने में जुटे हैं. कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों को रोज देखने वाले डॉक्टरों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है. उनके पास सुरक्षा के उपायों की कमी है. खुद को बचाने के लिए डॉक्टर और हेल्थ वर्कर्स खुद ही मास्क बना रहे हैं.

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक मलेशिया में कोरोना वायरस का संक्रमण तीसरी बार फैल सकता है. इसको देखते हुए वहां लॉक डाउन 14 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया गया है. इस दौरान डॉक्टर और हेल्थ वर्कर्स अपने बचाव के उपाय में जुटे हैं. वो संक्रमण से बचने के लिए खुद से मास्क बना रहे हैं.

संक्रमण को फैलने से रोकने की कोशिश में जुटा है मलेशिया
मलेशिया के हेल्थ मिनिस्ट्री के डायरेक्टर जनरल डॉक्टर नूर हिशम अब्दुल्ला ने कहा है कि उन्हें आशा है कि को वो संक्रमण को 6 हजार मामलों तक रोक ले जाएंगे. उनका कहना है कि लोगों को मूवमेंट को कंट्रोल करने और संक्रमित मामलों की पहचान कर उन्हें आइसोलेट करने के बाद संक्रमण के नए मामलों को रोका जा सकता है. डॉक्टर नूर हिशम ने कहा कि उन्हें लगता है कि हमारी कोशिशों और भगवान के आशीर्वाद के साथ हम संक्रमण के मामलों को 6 हजार तक रोक पाएंगे. यही हमारा लक्ष्य है.
हेल्थ डिपार्टमेंट की कोशिश है कि संक्रमण के तीसरे चरण को रोका जाए. संक्रमण का पहला चरण चीन से मलेशिया तक पहुंचा. दूसरे चरण में संक्रमण फरवरी में हुए एक धार्मिक समारोह की वजह से फैला. मलेशिया में लोगों के ट्रैवल हिस्ट्री को छिपाने और क्वारांटाइन में लोगों के नहीं रहने की वजह से संक्रमण के मामले बढ़े.



अभी भी मलेशिया में हजारों की संख्या में हैं संदिग्ध संक्रमित
कई लोग संक्रमण से बचने के लिए जरूरी सामानों की किल्लत बात कह रहे हैं. इसी कड़ी में कुछ डॉक्टरों के स्टेशनरी स्टोर से प्लास्टिक जैसी चीजें खरीद कर खुद ही मास्क तैयार करने की खबरें सामने आईं.
कुछ डॉक्टरों का कहना है कि लॉक डाउन के हटने के बाद बाहर रहने वाले लोग अपने घरों को लौट सकते हैं. जिसकी वजह से संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं. इसलिए लॉक डाउन को बढ़ाने का फैसला किया गया है.

मलेशिया में एक धार्मिक समारोह में लोगों के हिस्सा लेने की वजह से संक्रमण तेजी से फैला. सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक क्वालालंपुर के बाहरी इलाके में हुए एक धार्मिक आयोजन में करीब 16 हजार लोगों ने हिस्सा लिया. इसमें दक्षिणीपूर्वी एशिया के लोग भी शामिल थे. तबलीग नाम की इस प्रार्थना सभा में शामिल होने वाले करीब 1 हजार लोगों को फरवरी में वायरस संक्रमण में पॉजिटिव पाया गया था. प्रशासन को लगता है कि संक्रमण के मामले और बढ़ सकते हैं. क्योंकि करीब 2700 से ज्यादा लोगों की जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है. प्रार्थना सभा में शामिल होने वाले हजारों लोगों की पहचान तक नहीं हो पाई है.

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