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लॉकडाउन में घरेलू हिंसा के मामलों में 20 फीसदी के इजाफा की संभावना

लॉकडाउन में घरेलू हिंसा के मामलों में 20 फीसदी के इजाफा की संभावना

घरेलू हिंसा के मामले में दिल्ली तीसरे स्थान पर

घरेलू हिंसा के मामले में दिल्ली तीसरे स्थान पर

यूएन पॉपुलेशन फंड के आंकड़ों के मुताबिक लॉकडाउन (lockdown) के दौरान घरेलू हिंसा (domestic violence) के मामले बढ़ेंगे.

    कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जारी प्रतिबंधों (restriction) का एक उलटा असर देखने को मिल सकता है. बताया जा रहा है कि लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा (domestic violence) के मामलों में 20 फीसदी का इजाफा हो सकता है.

    इस साल पूरी दुनिया में घरेलू हिंसा के करीब 1 करोड़ 50 लाख मामले ज्यादा दर्ज होने की संभावना जताई गई है. बताया जा रहा है कि ये मामले महामारी की वजह से दर्ज किए जाएंगे. संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था तरफ से ये डाटा जारी किया गया है.

    नया डाटा आने वाले दशक में महिलाओं की हालत और खराब होने की ओर इशारा करती है. यूएन पॉपुलेशन फंड की गणना के मुताबिक करीब 1 करोड़ महिलाओं को इस साल गर्भनिरोधक गोली नहीं मिल पाएगी. यूएन पॉपुलेशन फंड की तरफ से कहा गया है कि 2030 तक लाखों लड़कियों की कम उम्र में शादी करवाई जा सकती है.

    लॉकडाउन के दौरान बढ़ेंगे घरेलू हिंसा के मामले
    द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक यूएन पापुलेशन फंड की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नतालिया कनेम ने इस बारे में चिंता जाहिर की है. फंड का कहना है कि उनके पास घरेलू हिंसा के बढ़ते मामले दर्ज किए जाने लगे हैं. महामारी की वजह से जारी लॉकडाउन के चलते घरेलू हिंसा के मामलों में इजाफा हुआ है.

    यूएनएफपीए, अमेरिकी की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी और ऑस्ट्रेलिया की विक्टोरिया यूनिवर्सिटी ने अपनी स्टडी में बताया है कि यूएन के सभी 193 सदस्य देशों में 3 महीने के लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा के मामलों में 20 फीसदी का इजाफा हो सकता है. बताया जा रहा है कि ये आंकड़ा भी तब है, जब कई मामलों को रिपोर्ट ही नहीं किया जाएगा.

    हर 3 महीने के लॉकडाउन के दौरान बढ़ेंगे मामले

    रिसर्च में कहा जा रहा है कि हर तीन महीने के लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने पर कम से कम 1 करोड़ 50 लाख घरेलू हिंसा के मामले बढ़ेंगे.

    रिसर्च में इस बात का भी जिक्र है कि 114 कम और मिडिल इनकम वाले देशों में करीब 4 करोड़ 40 लाख महिलाओं को लॉकडाउन और दूसरे प्रतिबंधों की वजह से गर्भनिरोधक गोलियां नहीं मिल पाएंगी. या उन्हें गोलियां मिलने में दिक्कत आएंगी. इसकी वजह से करीब 10 लाख अनचाही प्रेगनेंसी के मामले सामने आएंगे.

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    Tags: Domestic violence, Lockdown

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