अमेरिका में चीनी कंपनी टिकटॉक को खरीदेगा Oracle, ट्रंप ने दी मंजूरी

प्रतीकात्मक तस्वीर.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

अमेरिका में टिकटॉक पर मंडरा रहा बैन का खतरा करीब करीब खत्म हो गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Oracle के साथ TikTok की डील को मंजूरी दे दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 20, 2020, 4:36 PM IST
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वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी ओरेकल को चीन की वीडियो शेयरिंग ऐप कंपनी बाइटडांस को खरीदने की मंजूरी दे दी है. ट्रंप ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि वालमार्ट भी इस समझौते में हिस्सा लेगा. वह टेक्सॉस प्रांत में नई कंपनी के निमार्ण को देखेगा. अमेरिका टिकटॉक (Tik Tok) का संचालन करेगा. उन्होंने कहा यह भी कहा कि इस समझौते में एक शिक्षा कार्यक्रम के लिए पांच अरब डालर का दान शामिल होगा. शुक्रवार को बाइटडांस ने कोलंबिया की जिला अदालत में ट्रंप प्रशासन के टिकटॉक को अमेरिका में अवरूद्ध करने को चुनौती देते हुए एक अभियोग दर्ज कराया गया था.

वहीं इससे पहले, चीन ने वीचैट और टिकटॉक ऐप की डाउनलोडिंग को रोकने के अमेरिका के कदम का पुरजोर विरोध किया. उसने चीन की कंपनियों के हितों की रक्षा के लिये जवाबी कदम उठाने की चेतावनी भी दी. अमेरिका ने लोकप्रिय चीनी सोशल मीडिया ऐप टिकटॉक और वीचैट को राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर प्रतिबंधित करने का शुक्रवार को आदेश जारी किया. इसके कुछ हफ्ते पहले भारत ने भी देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिये चीन के कई ऐप पर रोक लगा दी थी. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 15 सितंबर तक टिकटॉक और वीचैट का मालिकाना हक किसी अमेरिकी कंपनी के पास नहीं आ जाने की स्थिति में इन्हें प्रतिबंधित करने के आदेश पर पिछले महीने हस्ताक्षर किया था. चीन से वाणिज्य मंत्रालय ने टिकटॉक और वीचैट पर प्रतिबंध लगाने के ट्रम्प सरकार के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए शनिवार को कहा कि चीन अमेरिका के इस कदम का पुरजोर विरोध करता है.

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भारत में टिकटॉक बैन
अमेरिका ने किसी भी साक्ष्य के अभाव में बार-बार गैर-कानूनी कारणों से दो उद्यमों को दबाने के लिये सरकार की शक्ति का उपयोग किया है, जिसने उनकी सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों को गंभीर रूप से बाधित किया है. इस कदम ने अमेरिकी निवेश के माहौल में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के विश्वास को कम कर दिया है और सामान्य वैश्विक आर्थिक व व्यापार गतिविधियों को नुकसान पहुंचाया है. मंत्रालय ने कहा कि चीन अपनी कंपनियों के हितों की रक्षा के लिये जवाबी कदम उठाने की तैयारी में है. हालांकि मंत्रालय ने इस बारे में विस्तार से कुछ भी नहीं बताया कि चीन किस तरह के कदम उठाने की तैयारी में है. भारत ने 29 जून को टिकटॉक और वीचैट के साथ चीन के 59 ऐप पर रोक लगाने की घोषणा की थी. बाद में भारत ने ऐसे ऐप का दायरा बढ़ा दिया और अभी चीन के 224 ऐप पर भारत में रोक है.
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