कोरोनावायरस बैन के चलते ट्रंप सरकार ने 9,000 प्रवासी बच्चों को देश से बाहर निकाला

कोरोनावायरस बैन के चलते ट्रंप सरकार ने 9,000 प्रवासी बच्चों को देश से बाहर निकाला
ट्रंप सरकार ने 9,000 प्रवासी बच्चों को अदालत की सुनवाई के बिना देश से बाहर निकाला.

संयुक्त राज्य अमेरिका की सीमा पर ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए कोरोनावायरस प्रतिबंधों (Coronavirus Ban) के तहत लगभग 9,000 प्रवासी बच्चों (Nine Thousand Migrant) को अदालत की सुनवाई के बिना देश से बाहर निकाल दिया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 13, 2020, 2:08 PM IST
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वाशिंगटन. संयुक्त राज्य अमेरिका की सीमा पर ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए कोरोनावायरस प्रतिबंधों (Coronavirus Ban) के तहत लगभग 9,000 प्रवासी बच्चों (Nine Thousand Migrant) को अदालत की सुनवाई के बिना देश से बाहर निकाल दिया गया है. शुक्रवार को अमेरिकी सीमा गश्ती (US Border Patrol) के उप प्रमुख राउल ओर्टिज़ की तरफ से आई एक अदालती घोषणा ने देश में अप्रवासी बच्चों की संख्या का खुलासा किया. यह संख्या इससे पहले जनता के लिए जारी नहीं की गई थी. ट्रंप प्रशासन ने 20 मार्च को सीमा पर नए प्रतिबंधों को लागू करने के लिए पब्लिक हेल्थ कानून लागू किया.

देश से 1 लाख 59 हजार से अधिक लोग निष्कासित

राउल ऑर्टिज़ के अनुसार 20 मार्च के बाद से लेकर अबतक एजेंसी ने 1 लाख 59 हजार से अधिक लोगों को निष्कासित कर दिया है. इस आंकड़े में अकेले यात्रा कर रहे 8,800 बच्चे शामिल थे और 7,600 के साथ परिवार के सदस्य थे. CBS न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, बॉर्डर पेट्रोल के अधिकारियों की फाइलिंग द्वारा उन लोगों के बारे में नए विवरण पता चले हैं जिन्हें सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिबंधों के तहत अमेरिका से बाहर निकाला गया है, को देश में प्रवेश करने से रोका गया है.



नागरिक अधिकारों के वकीलों ने दी ये चेतावनी
कोरोनोवायरस प्रतिबंध के एक विवादास्पद पहलू पर हालिया आये अदालती फैसले पर सरकार की अपील के तहत यह डिक्लेरेशन फाइल किया गया था कि लाइसेंस और निगरानी सुविधाओं के बजाय प्रवासी बच्चों को हिरासत में लेकर होटलों में रखने का विचार है. इमिग्रेंट्स और सिविल अधिकारों के अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यह छुपा हुआ गुप्त सिस्टम बच्चों की जान को खतरे में डाल रहा है. कठोर इमीग्रेशन प्रतिबंध लगाने के नाम पर पब्लिक हेल्थ के दावों की आलोचना की जा रही है.

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पिछले हफ्ते यूएस डिस्ट्रिक्ट जज डॉली एम. जी ने फैसला सुनाया कि प्रवासी बच्चों को पकड़ कर होटलों में बंद रखना सुरक्षित नहीं है और अकेले नाबालिग की जिम्मेदारी के लिहाज से भी ठीक नहीं है. डिस्ट्रिक्ट जज डॉली ने सरकार को 15 सितंबर तक इस प्रथा को बंद करने का आदेश दिया है लेकिन अन्य अमेरिकी अधिकारियों का तर्क है कि ऐसा करने से जनता को संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा. इस कदम से सेंटर फॉर डीसिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Centers for Disease Control and Prevention) कोरोना के संक्रमण को रोकने से जुड़े कामों पर असर पड़ेगा. इसके साथ ही यूएस कस्टम और बॉर्डर प्रोटेक्शन एजेंट और हिरासत में बच्चों की देखभाल करने वाले अन्य लोगों को कोरोना संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाएगी.
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