डोनाल्ड ट्रंप ने हिंदू समुदाय के साथ हिंदू-अमेरिकी को अपने प्रचार दस्ते में किया शामिल

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

US ELECTION 2020: डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल करने के लिए अमेरिका में हिंदू समुदाय (Hindu Community) के साथ हिन्दू-अमरीकी महिलाओं (Hindu-Americans) को भी अपने पक्ष में प्रचार करने के लिए खड़ा कर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 10:46 PM IST
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वाशिंगटन. डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल करने के लिए अमेरिका में हिंदू समुदाय (Hindu Community) के योगदान को स्वीकार करने के साथ हिन्दू-अमरीकी महिलाओं (Hindu-Americans) को भी अपने पक्ष में प्रचार करने के लिए खड़ा कर दिया है. अमेरिकी समाज के अलग अलग क्षेत्रों से आईं हिंदू-अमेरिकी महिलाओं के एक पैनल ने एक ऑनलाइन सत्र में भाग लेते हुए राष्ट्रपति ट्रम्प के पक्ष में अपने विचार प्रकट किये.

'ट्रंप हैं उदारवादी नेता'

डलास की करिश्मा हिमत सिंघानी नाम की एक मीडिया उद्यमी ने कहा कि वे न तो वामपंथी हैं और न ही दक्षिणपंथी बल्कि उदारवादी है, जिसे लगता है कि ट्रंप ने कार्यक्रमों और नीतियों में एक मध्यमार्गी रास्ता बनाया है. उनके अनुसार यह वामपंथी मीडिया है, जिसने राजनैतिक फायदे के लिए ट्रंप की छवि एक दक्षिणपंथी की बनाई है. डेमोक्रेट्स ने ओकलैंड, सिएटल और अन्य जगहों पर हाल के दंगों में दंगाइयों का समर्थन किया है. ट्रंप अमेरिकी इतिहास में एकमात्र राष्ट्रपति हैं जिन्होंने हिंदू समुदाय को खुले तौर पर स्वीकार किया है और 'हाऊडी मोदी' कार्यक्रम में उनके योगदान की सराहना की.



'ट्रंप ने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत किया है'
हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेटर श्रीलेखा ने डेमोक्रेटिक पार्टी की विचारधारा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत किया है और आतंकवाद पर भारत की चिंताओं और चीन द्वारा उत्पन्न खतरे को पहचानने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं. मिनियापोलिस की वंदना मंगलिक आजीवन डेमोक्रेट रहीं लेकिन कश्मीर और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) पर डेमोक्रेट रुख की आलोचना करते हुए कहती हैं कि छह डेमोक्रेट द्वारा नियंत्रित सिटी कौंसिल्स ने भारत विरोधी प्रस्तावों को पारित किया.

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डलास की एक उद्यमी रमन भौमिक ने कहा कि रिपब्लिकन ने हमेशा छोटे व्यवसायों का समर्थन किया है और एक स्तर तक सरकारी नियमों को कम करने की कोशिश भी की है. कोविड-19 के दौरान भी व्यापार को बढ़ाने के लिए क्विक लोन मिले हैं. इंडो-अमेरिकन रिपब्लिकन ऑफ ग्रेटर ह्यूस्टन की चेयरपर्सन संगीता दुआ ने सड़कों पर स्वतंत्र रक्षा, कानून और व्यवस्था, अमेरिकियों के लिए मुक्त स्वास्थ्य, अमेरिकियों के लिए रोजगार, अमेरिकी उद्योग के पुनर्निर्माण और शांति बनाए रखने के लिए वैश्विक मामलों में अमेरिका की मजबूत उपस्थिति के चलते रिपब्लिकन पार्टी और राष्ट्रपति ट्रम्प के पक्ष में मजबूत रक्षा, कानून और व्यवस्था के पक्ष में एक प्रस्ताव पेश किया.
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