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डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ चलेगा महाभियोग, दूसरी बार प्रस्ताव पास

 (AP Photo/Alex Brandon)
(AP Photo/Alex Brandon)

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने एक प्रस्ताव पारित करके देश के निवर्तमान उपराष्ट्रपति माइक पेंस से अपील की थी कि वह डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को पद से हटाने के लिए 25वां संशोधन लागू करें. इस प्रस्ताव को मंगलवार को 205 के मुकाबले 223 मतों से पारित किया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 14, 2021, 12:05 PM IST
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वॉशिंगटन. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald  Trump) पर बुधवार को अमेरिकी संसद द्वारा दूसरी बार महाभियोग (Impeachment) चलाने का प्रस्ताव पास हो गया है. ट्रंप पर यूएस कैपिटल हिल (US Capitol Hill Violence) में बीते दिनों हुई घटना में  भीड़ को 'विद्रोह के लिए उकसाने' का आरोप लगा था. ट्रंप एकमात्र अमेरिकी राष्ट्रपति हैं, जिनके खिलाफ दो बार महाभियोग की प्रक्रिया चलाई गई. ट्रंप के खिलाफ महाभियोग को मंजूरी देने के लिए 10 रिपब्लिकन्स ने भी डेमोक्रेट्स का साथ दिया. समाचार एजेंसी AFP के अनुसार अमेरिकी सदन के अधिकतर सदस्यों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग चलाने के लिए वोट किया. अब सीनेट में 19 जनवरी को ये प्रस्ताव लाया जाएगा

सदन की कार्यवाही के दौरान हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने अब्राहम लिंकन और बाइबिल को याद करते हुए,संसद के सदस्यों से अपील की कि वे सभी घरेलू और बाहरी दुश्मनों से संविधान की रक्षा के लिए अपनी शपथ को बरकरार रखें. उन्होंने कहा- 'उसे (ट्रंप को) जाना चाहिए, वह राष्ट्र के लिए एक स्पष्ट और वर्तमान खतरा हैं जिसे हम सभी प्यार करते हैं.' उन्होंने कहा आज द्विदलीय तरीके से सदन ने प्रदर्शित किया कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. अमेरिका का राष्ट्रपति भी नहीं.

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ट्रंप के खिलाफ जैमी रस्किन, डेविड सिसिलिने और टेड लियू सरीखे सांसदों ने महाभियोग का प्रस्ताव तैयार किया है जिसे प्रतिनिधि सभा के 211 सदस्यों ने सह-प्रायोजित किया. इसे सोमवार को पेश किया गया था.
इससे पहले प्रतिनिधि सभा ने 18 दिसंबर, 2019 को ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के आरोप को पारित किया था, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाले सीनेट ने फरवरी 2020 में उन्हें आरोपों से बरी कर दिया था. उस दौरान आरोप लगाए गए थे कि ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति पर दबाव डाला कि वे बाइडन और उनके बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार के दावों की जांच करवाए.



ट्रंप ने की हिंसा की निंदा
महाभियोग पर वोटिंग शुरू होने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो संदेश जारी कर कैपिटल हिल पर हुई घटना की निंदा की. उन्होंने कहा कि चाहे आप राइट या लेफ्ट पर हों, डेमोक्रेट हों या रिपब्लिकन हों, हिंसा का कोई औचित्य नहीं है.

ट्रंप ने कहा, कोई बहाना नहीं, कोई अपवाद नहीं, अमेरिका कानूनों का देश है।.जो लोग पिछले सप्ताह हमलों में शामिल थे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. राष्ट्रपति ने कहा कि मैंने संघीय एजेंसियों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों का उपयोग करने का निर्देश दिया है. वाशिंगटन डीसी में, हम हजारों नेशनल गार्ड सदस्यों को शहर को सुरक्षित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए ला रहे हैं ताकि सत्ता का हस्तांतरण बिना किसी हिंसा के हो सके.

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उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने ट्रंप को बचाया
वहीं अमेरिका के निवर्तमान उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने देश के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कार्यालय से हटाने के लिए संविधान के 25वें संशोधन को लागू करने से इनकार कर दिया. पेंस ने प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी को लिखे पत्र में कहा, ‘हमारे संविधान में, 25वां संशोधन सजा देने या अधिकार छीनने का जरिया नहीं है. इस प्रकार से 25वां संशोधन लागू करना खराब उदाहरण पेश करेगा.’

पेलोसी और प्रतिनिधि सभा पेंस और कैबिनेट पर दबाव बना रहे थे कि वे राष्ट्रपति के हजारों समर्थकों द्वारा यूएस कैपिटल (संसद भवन) में छह जनवरी को किए गए हमले के मद्देनजर ट्रंप को पद से हटाने की कार्रवाई करें.

पेंस ने एक पत्र में कहा था, ‘जैसा कि आप भली-भांति जानते हैं कि 25वां संशोधन राष्ट्रपति के अक्षम होने की स्थिति से निपटने के लिए तैयार किया गया था.’ पेंस ने कहा कि पिछले सप्ताह की भयावह घटना के बाद प्रशासन की ऊर्जा सत्ता के व्यवस्थित हस्तांतरण पर केंद्रित हैं.

पेंस ने कहा था, ‘लेकिन अब जब राष्ट्रपति के कार्यकाल में मात्र आठ दिन शेष हैं, तब आप और डेमोक्रेटिक कॉकस मांग कर रहे हैं कि मैं और कैबिनेट 25वां संशोधन लागू करें. मुझे नहीं लगता कि यह हमारे देश के हित में होगा या हमारे संविधान के अनुरूप होगा.’ उपराष्ट्रपति 25वें संशोधन के तहत कैबिनेट की बैठक कर सकता है, जिसमें इस बात पर मतदान हो सकता है कि राष्ट्रपति कार्यभार संभालने के उपयुक्त नहीं है या नहीं.
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