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महाभियोग प्रस्ताव पारित होने के बाद ट्रंप के सुर बदले, संसद पर हमले की कड़ी निंदा की

ट्रंप के खिलाफ दूसरी बार महाभियोग प्रस्ताव पारित   (फोटो-AP)
ट्रंप के खिलाफ दूसरी बार महाभियोग प्रस्ताव पारित (फोटो-AP)

Donald Trump impeached for second time: डोनाल्ड ट्रंप इतिहास में एक ही कार्यकाल में अपने खिलाफ प्रतिनिधि सभा से दो बार महाभियोग प्रस्ताव पारित कराने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए हैं. हालांकि महाभियोग प्रस्ताव पारित होने के बाद उन्होंने सार्वजनिक तौर पर संसद में हुई हिंसा (US Capitol Riot) की आलोचना की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 14, 2021, 10:47 PM IST
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वाशिंगटन. अमेरिकी संसद के निचले सदन से अपने खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित (Donald Trump impeached for second time) होने के बाद गुरुवार को निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर बदले-बदले नज़र आए. ट्रंप ने कैपिटल हिल पर पिछले सप्ताह हुए हमले की न सिर्फ कड़ी निंदा की बल्कि ये भी कह दिया कि इस तरह की हिंसा (US Capitol Riot) को लेकर कोई सफाई नहीं दी जा सकती. एक वीडियो संदेश जारी कर ट्रंप ने कहा- 'हिंसा और बर्बरता की हमारे देश में कोई जगह नहीं है... और न ही हमारी मुहिम में इसके लिए कोई स्थान है.'

ट्रंप ने कहा, 'अमेरिका को फिर से महान बनाने का अभियान हमेशा से कानून के शासन का बचाव करने, कानून लागू करने वाली एजेंसियों से जुड़े पुरुषों तथा महिलाओं का सहयोग करने और देश की सबसे पवित्र परंपराओं एवं मूल्यों को बनाए रखने से जुड़ा रहा है. यूएस कैपिटल पर हुए हमले ने हमारे गणतंत्र को ठेस पहुंचाई है. इसने करोड़ों अमेरिकियों को दुखी और नाराज किया है, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल में विश्वास रखते हों. मैं पिछले सप्ताह हुए हमले की स्पष्ट रूप से निंदा करता हूं. भीड़ द्वारा हिंसा करना, उन सभी चीजों के खिलाफ है, जिन पर मैं विश्वास हूं. मेरा सच्चा समर्थक कभी ऐसी राजनीतिक हिंसा का समर्थन नहीं करेगा. मेरा सच्चा समर्थक कभी कानून या हमारे अमेरिका के महान झंडे का निरादर नहीं करेगा. मेरा कोई समर्थक कभी अपने साथी अमेरिकियों को डराएगा या धमकाएगा नहीं.'








मुश्किलों भरा था पिछ्ला साल
ट्रंप ने कहा कि निश्चित तौर पर कोविड-19 की वजह से पिछला साल मुश्किलों भरा था और देश ने राजनीतिक हिंसा को अनियंत्रित होते भी देखा. उन्होंने कहा, 'हमने कई दंगे, कोलाहल करने वाली भीड़, डराने-धमकाने और तबाही मचाने के कई कृत्य देखे. इसे निश्चित रूप से रोकना होगा. चाहे आप, दक्षिणपंथी हों या वामपंथी, डेमोक्रेट हों या रिपब्लिकन, हिंसा की कोई सफाई नहीं दी जा सकती. कोई बहाना नहीं बनाय जा सकता, कोई छूट नहीं दी जा सकती. पिछले सप्ताह हिंसा में शामिल सभी लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.' राष्ट्रपति ने कहा कि वह उनके ‘एजेंडे’ में विश्वास रखने वाले सभी लोगों से देश में शांति बनाए रखने में मदद करने की भी अपील करते हैं.

ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव किया पारित
उधर डेमोक्रेटिक नेताओं के नियंत्रण वाली अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने पिछले सप्ताह कैपिटल बिल्डिंग (अमेरिकी संसद भवन) में हुई हिंसा के मद्देनजर अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित कर दिया. इसके साथ ही ट्रंप अमेरिका के इतिहास में पहले ऐसे राष्ट्रपति बन गए हैं, जिनके खिलाफ दो बार महाभियोग चलाया जा रहा है. इस प्रस्ताव को 197 के मुकाबले 232 मतों से पारित किया था. रिपब्लिकन पार्टी के भी 10 सांसदों ने इसके समर्थन में मतदान किया. इस महाभियोग प्रस्ताव में निर्वतमान राष्ट्रपति पर अपने कदमों के जरिए छह जनवरी को 'राजद्रोह के लिए उकसाने' का आरोप लगाया गया है.



इसमें कहा गया है कि ट्रंप ने अपने समर्थकों को कैपिटल बिल्डिंग (संसद परिसर) की घेराबंदी के लिए तब उकसाया, जब वहां इलेक्टोरल कॉलेज के मतों की गिनती चल रही थी और लोगों के धावा बोलने की वजह से यह प्रक्रिया बाधित हुई. इस घटना में एक पुलिस अधिकारी समेत पांच लोगों की मौत हो गई. चार सांसदों ने मतदान नहीं किया. चारों भारतीय-अमेरिकी सांसदों एमी बेरा, रो खन्ना, राजा कृष्णमूर्ति और प्रमिला जयपाल ने महाभियोग के समर्थन में मतदान किया. अब इस प्रस्ताव को सीनेट में भेजा जाएगा, जो ट्रंप को कार्यालय से हटाने के लिए सुनवाई करेगी और मतदान करेगी. सीनेट 19 जनवरी तक के लिए स्थगित है. इसके एक दिन बाद 20 जनवरी को जो बाइडन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे.

राजद्रोह स्वीकार नहीं करेंगे: स्पीकर
प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने कहा, 'हम जानते हैं कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने हमारे देश के खिलाफ यह राजद्रोह, यह हथियारबंद विद्रोह भड़काया. उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए.' सदन में बहुमत के नेता स्टेनी होयर ने कहा कि राष्ट्रपति ने जो काम किया, उसके खिलाफ संसद की ओर से तत्काल कदम उठाए जाने की आवश्यकता है. सीनेट में बहुमत के नेता मिच मैकोनल ने यह नहीं बताया कि सदन में सुनवाई किस तारीख को होगी, लेकिन उन्होंने एक बयान में कहा कि बाइडन के राष्ट्रपति पद संभालने से पहले ऐसा होने की संभावना नहीं है.



इससे पहले, प्रतिनिधि सभा ने 18 दिसंबर, 2019 में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के आरोप को पारित किया था, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाले सीनेट ने फरवरी 2020 में उन्हें आरोपों से बरी कर दिया था. उस दौरान आरोप लगाए गए थे कि ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति पर दबाव डाला कि वे बाइडन और उनके बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार के दावों की जांच करवाए. डेमोक्रेटिक सांसदों के पास ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित करने के लिए प्रतिनिधि सभा में पर्याप्त मत है, लेकिन सीनेट में रिपब्लिकन नेताओं के पास 50 के मुकाबले 51 का मामूली अंतर से बहुमत है. सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव पारित करने के लिए दो तिहाई सदस्यों के मतों की आवश्यकता होती है.
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