चीन की धमकी पर ट्रंप का जवाब- आपके दूसरे कॉन्स्युलेट भी बंद कर सकते हैं

चीन की धमकी पर ट्रंप का जवाब- आपके दूसरे कॉन्स्युलेट भी बंद कर सकते हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (रॉयटर्स)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा है कि चीन किसी और मुगालते में न रहे, हम अमेरिका (US) में चीन के अन्य कॉन्स्युलेट भी बंद कर सकते हैं. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका अब चीन के कुछ और डिप्लोमैटिक मिशन यानी दूतावास बंद करने जैसा सख्त कदम उठा सकता है.

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वाशिंगटन. ट्रंप सरकार (Trump Government) के ह्यूस्टन स्थित चीनी महावाणिज्य दूतवास (Chinese consulates) बंद करने के आदेश के बाद चीन (China) ने भी पलटवार की धमकी दी है. इस धमकी के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा है कि चीन किसी और मुगालते में न रहे, हम अमेरिका (US) में चीन के अन्य कॉन्स्युलेट भी बंद कर सकते हैं. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका अब चीन के कुछ और डिप्लोमैटिक मिशन यानी दूतावास बंद करने जैसा सख्त कदम उठा सकता है.

ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने ह्यूस्टन में चीनी कॉन्स्युलेट शुक्रवार शाम चार बजे तक बंद करने के आदेश दिए हैं. अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता मॉर्गन ऑर्टागस ने कहा कि अमेरिकी बौद्धिक संपदा और अपने नागरिकों की निजी जानकारी की सुरक्षा के लिए ह्यूस्टन स्थित चीनी वाणिज्यिक दूतावास को बंद करने का निर्णय लिया गया है.' उन्होंने आरोप लगाया कि 'चीन इस दूतावास के ज़रिये अमरीकी में देश विरोधी गतिविधियां कर रहा था.' लेकिन चीन ने भी आक्रामक तेवर दिखाते हुए 'जवाबी कार्रवाई की बात' कही है. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि 'हम अमेरिकी सरकार से अपने अनुचित फ़ैसले को तुरंत रद्द करने का आग्रह करते हैं.' आरोप है कि यहां मंगलवार रात कुछ संवेदनशील दस्तावेज जलाए गए थे.








अभी तक दो कॉन्स्युलेट बंद
ह्यूस्टन के बाद अमेरिका ने टेक्सॉस में भी चीनी कॉन्स्युलेट बंद करने के आदेश दिए हैं. अमेरिकी विदेश विभाग ने इस बारे में एक बयान जारी किया. बयान में कहा गया- पिछले कुछ साल में चीन के कॉन्स्युलेट अमेरिका में जासूसी करते पाए गए हैं. इसके अलावा भी गैर कानूनी चीजें की जाती रही हैं और अमेरिका ये सब बर्दाश्त नहीं करेगा. मंगलवार को इमारत के भीतर मौजूद कुछ अज्ञात व्यक्तियों को फ़िल्माया भी गया था जो कागज़ों से भरे कुछ बड़े डिब्बों में आग लगा रहे थे.

इसके बाद उन्होंने आग बढ़ती देख, उसे पानी डालकर बुझाने की कोशिश की. ह्यूस्टन पुलिस ने ट्वीट किया कि 'उनकी एक टीम वहाँ गई थी, लेकिन उन्हें दूतावास के भीतर नहीं जाने दिया गया.' पुलिस ने भी दूतावास के भीतर से धुंआ उठने की पुष्टि की थी. लेकिन चीनी विदेश मंत्रालय ने इसपर कोई टिप्पणी नहीं की, बल्कि ये कहा कि 'सब कुछ सामान्य है और पहले की तरह चल रहा है.'

चीन की धमकी
दो कॉन्स्युलेट बंद होने के बाद चीन ने अमेरिका को जवाबी कार्रवाई की धमकी दी. चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा- यह कदम सियासी वजहों से उठाया गया है. हम इसकी निंदा करते हैं. हम इसका उचित जवाब देंगे. माना जा रहा है कि चीन अब अमेरिका का वुहान स्थित कॉन्स्युलेट बंद कर सकता है. चीन की सरकार ने अमरीका के इस निर्णय को दोनों देशों के संबंधों के लिए 'बहुत बुरा' बताया है और कहा है कि 'इससे तनाव में अभूतपूर्व वृद्धि होगी.'

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वान्ग वेनबिन ने कहा, 'यह अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन है. अमेरिका अपने माथे पर लगे कलंक हमारे माथे पर थोपना चाहता है. इसी वजह से ऐसे अनुचित हमले किये जा रहे हैं.' वान्ग ने ट्रंप प्रशासन से इस बारे में 'फिर से विचार करने का आग्रह' किया है और अगर अमेरिका ऐसा नहीं करता, तो चीन ने चेतावनी दी है कि 'वो भी जवाबी कार्रवाई को मजबूर होगा.' वान्ग ने कहा, "ज़मीनी हक़ीक़त की अगर बात करें और देखें कि चीन और अमरीका के एक दूसरे के यहां कितने वाणिज्य दूतावास हैं और कितने राजनयिक और कर्मचारी एक दूसरे के यहाँ मौजूद हैं, तो आप पायेंगे कि चीन में काम करने वाले अमरीकियों की संख्या ज़्यादा है.'
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