ट्रंप और जुकरबर्ग को ट्विटर के CEO का जवाब- आगे भी करते रहेंगे ऐसे फैक्ट चेक

ट्रंप और जुकरबर्ग को ट्विटर के CEO का जवाब- आगे भी करते रहेंगे ऐसे फैक्ट चेक
ट्विटर ने कहा आगे भी करते रहेंगे ट्रंप जैसे फैक्ट चेक

ट्विटर (Twitter) के CEO जैक डोर्से (Jack Dorsey) ने कहा है कि हम इस तरह की 'भ्रामक जानकारियों' को लोगों के सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और आगे भी ऐसा जारी रहेगा.

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वाशिंगटन. अमेरिकी (US) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के ट्वीट्स का फैक्ट चेक (Fact check) कर विवादों में घिरे ट्विटर (Twitter) के CEO जैक डोर्से (Jack Dorsey) ने कहा है कि हम इस तरह की 'भ्रामक जानकारियों' को लोगों के सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और आगे भी ऐसा जारी रहेगा. ट्रंप की चेतावनी के बाद अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक (Facebook) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने भी ट्विटर के इस तरह राष्ट्रपति के ट्वीट्स का फैक्ट चेक करने की आलोचना की थी. व्हाइट हाउस ने बुधवार को कहा था कि ट्रंप ने इस विवाद के बाद सोशल मीडिया कंपनियों पर कंट्रोल के लिए एक एक्जीक्यूटिव आर्डर पर दस्तखत किये हैं.

क्या बोले जैक डोर्से?
जैक ने एक ट्वीट कर कहा- 'बतौर एक कंपनी इस कदम (ट्रंप के ट्वीट का फैक्ट चेक) के लिए अगर कोई जिम्मेदार है तो वह सिर्फ मैं हूं. कृपा करके मेरी कंपनी के कर्मचारियों को इस विवाद से दूर रखें. हम भविष्य में भी दुनिया भर में होने वाले चुनावों में गलत, भ्रामक और विवादित सूचनाओं को सामने लाने का काम ऐसे ही करते रहेंगे. इस दौरान हमसे अगर कोई गलती होगी तो हम उसे भी स्वीकार करने के लिए तैयार हैं.'

 






जुकरबर्ग पर किया पलटवार
बता दें कि जुकरबर्ग ने फॉक्स से बातचीत में कहा था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स चलाने वालीं प्राइवेट कंपनियों को खुद को इस तरह के मामलों में पंच या फिर मध्यस्थ नहीं बनाना चाहिए. जुकरबर्ग के इस आरोप का जवाब देते हुए जैक ने ट्वीट किया- 'ऐसा करना हमें सच का फैसला करने वाला पंच या मध्यस्थ नहीं बनता है. हमारा उद्द्देश्य किसी भी विवादित स्टेटमेंट या सूचना के बारे में सही जानकारी उपलब्ध कराना है, जिसके जरिए लोग खुद उसके बारे में सही फैसला ले सकें. हम लगातार पारदर्शिता लाने की कोशिश करते हैं जिससे यूजर्स को पता चलता रहे कि हम ऐसा क्यों कर रहे हैं.'

 



इससे पहले जुकरबर्ग ने इस विवाद के बारे में कहा था- 'इस बारे में हमारी पॉलिसी अलग है, ट्विटर इस बारे में अलग तरीके से काम करता है.' जुकरबर्ग ने आगे कहा- 'मेरा मानना है कि लोग ऑनलाइन क्या लिख रहे हैं इस मामले में हम हर बार पंच या मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभा सकते. ऐसे मामलों में निजी कंपनियों खासकर ऐसी जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स चलाती हैं, उन्हें ये तय करने की भूमिका में नहीं होना चाहिए.'

 



ट्रंप को भेजी ट्विटर की पॉलिसी
जैक ने एक अन्य ट्वीट में ट्रंप को मेंशन करते हुए लिखा- 'हमारी सिविक इंटीग्रटी पॉलिसी के मुताबिक जिन ट्वीट को फेक मार्क किया गया उनमें 'भ्रामक जानकारियां' मौजूद थीं. इससे लोगों को भ्रम हो सकता था कि वे बैलेट के लिए रजिस्टर ही न करें, हम लिंक इसके मुताबिक अपडेट कर रहे हैं जिससे स्थिति और स्पष्ट हो सके.' जैक ने ट्विटर पॉलिसी का जो लिंक शेयर किया है उसके मुताबिक- आप ट्विटर सर्विस को चुनाव या अन्य सिविक प्रोसेस में दखल देना या फिर उसके लिए लोगों को बरगलाने के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं.

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First published: May 28, 2020, 1:28 PM IST
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