ईरान पर पिछले हफ्ते हमला करने की तैयारी में थे ट्रंप, अधिकारियों ने रोका - रिपोर्ट

 डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बीते हफ्ते ईरान पर हमला करने के विकल्पों के बारे में सोचने को कहा था हालांकि अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 17, 2020, 7:57 AM IST
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वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) चुनाव हार गए हैं. बीते दिनों उन्होंने इस स्वीकार भी किया लेकिन सोमवार को फिर एक फेसबुक पोस्ट में कह दिया- 'मैं चुनाव जीत गया.' ट्रंप प्रशासन आसानी से जो बाइडन और कमला हैरिस के नए प्रशासन को सत्ता हस्तांरित करता नहीं दिख रहा है. इतना ही नहीं ऐसा लग रहा है मानो ट्रंप भविष्य की सरकार की मुसीबतें बढ़ाने के काम में लगे हुए हैं. दरअसल, एक अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया है कि ट्रंप ने बीते हफ्ते ईरान (Iran) के न्यूक्लियर साइट्स पर हमले के विकल्पों पर सोचने के लिए कहा था. हालांकि बाद यह नाटकीय कदम उठाने से उन्हें रोक दिया गया.

अधिकारी ने कहा कि गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों से जुड़े अपने सहयोगियों के साथ एक बैठक में ट्रंप ने यह निवेद किया. इस बैठक में उपराष्ट्रपति माइक पेंस, उनके नए रक्षा सचिव क्रिस्टोफर मिलर और चेयरमैन ऑफ जॉइंट स्टाफ जनरल मार्क मिल मौजूद थे. समाचार एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने कहा कि 'उन्होंने विकल्पों के बारे में पूछा था. अधिकारियों ने उन्हें मौजूदा हालात की जानकारी दी और फिर फैसला हुआ कि इस पर आगे नहीं बढ़ा जाएगा.'

अंग्रेजी अखबार The New York Times में इस बाबत प्रकाशित की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप को अधिकारियों ने ऐसा कुछ करने से रोका, क्योंकि इससे दोनों देशों के बीच विवाद का दायरा और ज्यादा बढ़ जाता.



12 गुना बढ़ चुका ईरान का परमाणु भंडार
अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार चाहे मिसाइल अटैक हो या फिर साइबर यह नटज़ान पर केंद्रित होगी. इसके बारे में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने बुधवार को रिपोर्ट दी थी कि ईरान के यूरेनियम भंडार अब परमाणु समझौते के तहत अनुमति से 12 गुना बढ़ चुके थे. एजेंसी ने यह भी कहा कि ईरान ने किसी अन्य संदिग्ध जगह तक  जाने नहीं दिया जहां पर देश में परमाणु पर चल रहे काम के इतिहास की जानकारी हो सके.

रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप के दफ्तर के आखिरी दिनों में ऐसा कोई भी हमला प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडन के साथ ईरान के रिश्तों को और ज्यादा खराब कर सकता है. बाइडन ने सत्ता में लौटने के बाद साल 2015 में की गई ईरान न्यूक्लियर डील को दोबारा से लागू करे का वादा किया है. ट्रंप सरकार में ऐसा कोई भी हमला उनके इस मंसूबे पर पानी फेर सकता है.
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