डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- WHO से सदस्यता वापिस लेंगे, इंडियन डिप्लोमैट ने कहा- US ने तोड़ी ये 12 संधियां

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डब्ल्यूएचओ (WHO) से अमेरिका की सदस्यता वापिस लेने की बात करने पर भारतीय राजनयिक सैयद अकबरूद्दीन ने ट्वीट कर कहा कि कोरोनोवायरस के बढ़ते मामलों के बीच अमेरिका ने 12 संधियों को तोड़ दिया है

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वाशिंगटन. कोरोना महामारी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव बहुत सी नयी परिस्थितियों और समस्याओं को जन्म दे रहे हैं. हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने डब्ल्यूएचओ (WHO) से अमेरिका की सदस्यता वापिस लेने की बात कर एक नया शगूफा छोड़ दिया है. यह बात तब की जा रही है जब पूरा अमेरिका कराना संक्रमण से जूझ रहा है और कोरोना से होने वाली मौतों में उसका स्थान विश्व में पहले स्थान पर है. अमेरिकी राष्ट्रपति के इस निर्णय से उपजी अव्यवस्था की इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूर्व भारतीय राजनयिक सैयद अकबरुद्दीन (Indian Diplomat Saiyad Akbaruddin) ने बुधवार को ट्विटर पर एक लेख पोस्ट किया जिसमें बताया गया है कि किस तरह कोरोनोवायरस के बढ़ते मामलों के बीच अमेरिका ने 12 संधियों को तोड़ दिया है. उन्होंने ट्वीट किया कि कहाँ है ग्लोबल आर्डर? अमेरिका 12 संधियों से बाहर...और यह गिनती अभी भी चल रही है.

ट्रंप के फैसले की जमकर हो रही आलोचना

सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप प्रशासन ने कांग्रेस और संयुक्त राष्ट्र को सूचित किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका औपचारिक रूप से विश्व स्वास्थ्य संगठन से अपना नाम हटा रहा है और इस नाम वापसी, जो अगली जुलाई से ही लागू हो जाएगी, की आलोचना बहुत से संगठनों ने की है जिनमें द्विदलीय सांसद, चिकित्सा संघ, सलाहकार संगठनों के अलावा विदेशी सहयोगी भी शामिल हैं.





बाइडेन ने कहा- राष्ट्रपति बनते ही पलट देंगे फैसला

राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन ने मंगलवार को कसम खाई कि यदि वे चुनाव जीते तो पहले ही दिन ट्रंप के इस निर्णय को उलट देंगे. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 मई को घोषणा की थी कि अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ अपने संबंधों को समाप्त कर लेगा. तब से इस बात पर काफी बहस चल रही है कि क्या अमेरिका डब्ल्यूएचओ को छोड़ेगा या नहीं?

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फिलहाल अमेरिकी सरकार को यह स्पष्ट करना बाकी है कि डब्ल्यूएचओ के साथ उसके संबंध को "समाप्त" करने का वास्तव में क्या मतलब निकाला जाए. अंतर्राष्ट्रीय कानून और यूएनसी (UNC) चैपल हिल में वैश्विक स्वास्थ्य के विशेषज्ञ बेंजामिन मेसन मेयर ने इस विषय पर अपनी राय रखते हुए कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति के पास संयुक्त राज्य अमेरिका को डब्ल्यूएचओ से वापस लेने का कानूनी अधिकार नहीं है. अमेरिकी कानून में इस तरह की प्रक्रिया में एक साल का नोटिस दिया जाता है और संगठन से वापसी से पहले उसे मूल्यांकन किए गए योगदान का पूरा भुगतान करना पड़ता है.
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