चीन के व्यवहार के चलते भारत, ऑस्ट्रेलिया ने उसके खिलाफ अपनी नीति को दी धार: थिंक टैंक

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के व्यवहार की वजह से भारत और ऑस्ट्रेलिया को भी उसके खिलाफ अपनी नीति को धार देनी पड़ी है (सांकेतिक तस्वीर)

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के व्यवहार की वजह से भारत और ऑस्ट्रेलिया को भी उसके खिलाफ अपनी नीति को धार देनी पड़ी है (सांकेतिक तस्वीर)

रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी ने चीन के खिलाफ प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा करने के वास्ते अमेरिका के लिए अवसर उत्पन्न किए हैं.

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वाशिंगटन. अमेरिका के एक थिंक टैंक (American Think Tank) ने कहा है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया (India & Australia) को चीन (China) के व्यवहार की वजह से उसके खिलाफ अपनी नीति को धार देनी पड़ी है. इसने कहा कि हिन्द-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में अमेरिका के गठबंधनों और भागीदारियों को बहाल रखना कम्युनिस्ट देश के खिलाफ अधिक ताकत से प्रतिस्पर्धा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.

‘सेंटर फॉर ए न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी’ ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि कोविड-19 (Covid-19) के शुरू होने से पहले ही बीजिंग की बढ़ती आर्थिक शक्ति, सैन्य आधुनिकीकरण और आक्रामक राजनयिक प्रयास अमेरिका के प्रतिस्पर्धा लाभ के लिए प्रतिकूल साबित हो रहे थे और हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बदल रहा था.

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 महामारी ने अमेरिका के लिए पैदा किए अवसर

रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी ने चीन के खिलाफ प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा करने के वास्ते अमेरिका के लिए अवसर उत्पन्न किए हैं.


इसमें कहा गया है कि हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के गठबंधनों और भागीदारियों को बहाल रखना कम्युनिस्ट देश के खिलाफ अधिक ताकत से प्रतिस्पर्धा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.



रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के व्यवहार की वजह से भारत और ऑस्ट्रेलिया को भी उसके खिलाफ अपनी नीति को धार देनी पड़ी है.

(Disclaimer: यह खबर सीधे सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है. इसे News18Hindi टीम ने संपादित नहीं किया है.)
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