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इस देश में कोरोना के इलाज के लिए कैंसर के मरीजों को मरने के लिए छोड़ दिया गया!

News18Hindi
Updated: April 9, 2020, 9:29 AM IST
इस देश में कोरोना के इलाज के लिए कैंसर के मरीजों को मरने के लिए छोड़ दिया गया!
ब्रिटेन में कैसर के मरीजों का इलाज कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते रोक दिया गया है.

कोरोना (Covid19) के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे ही एक मामले में मैरी क्यूरी अस्पताल के सैंकड़ों कैसर मरीजों का इलाज बीच में ही रोक दिया गया है.

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लंदन. ब्रिटेन (Britain) में हर दिन कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के हजारों मामले सामने आ रहे हैं और सैंकड़ों लोगों की हर दिन इससे मौत हो रही है. बुधवार को ही ब्रिटेन (UK) में संक्रमण के 5491 नए मामले सामने आए और 938 लोगों की मौत हो गयी जिससे कुल मौतों का आंकड़ा 7000 पार कर गया है. उधर कोरोना (Covid19) के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे ही एक मामले में मैरी क्यूरी अस्पताल के सैंकड़ों कैसर मरीजों का इलाज बीच में ही रोक दिया गया है.

द इंडीपेंडेंट में छपी खबर के मुताबिक इनमें से कुछ कैसर पेशेंट्स अस्पताल में ही हैं जबकि कुछ का उन्हीं के घरों पर इलाज चल रहा था. अस्पताल की नर्सें हर हफ्ते इन लोगों के घर विजिट करतीं थीं लेकिन बीते दो हफ्ते से इसके इलाज या चेकअप के लिए कोई नहीं जा रहा है. फिलहाल सभी अस्पतालों ने नर्सों को कोरोना मरीजों की देखभाल में लगा दिया है. इन सभी मरीजों से ये भी कह दिया गया है कि आप अगर चाहे तो कहीं और इलाज करा सकते हैं क्योंकि अस्पताल फिलहाल कोरोना मरीजों की देखभाल में व्यस्त है.

अस्पताल ने कहा- नहीं चाहते थे ऐसा करना
मैरी क्यूरी अस्पताल प्रशासन के मुताबिक सभी अस्पतालों को सरकार ने निर्देश जारी किए हैं और इसलिए ही न चाहते हुए भी उन्हें कैंसर मरीजों के अपोइन्टमेंट्स भी रद्द करने पड़े. अस्पताल के मुताबिक गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों का अस्पताल आना खतरनाक भी है और सभी को प्रोटेक्टिव सूट की ज़रुरत पड़ेगी ऐसे में उनका न आना ही ठीक है. उधर कैंसर रिसर्च यूके ने पहले ही 44 मिलियन ब्रिटिश पाउंड के बजट कट का एलान कर दिया है. कई ऐसे मरीज हैं जिनकी सर्जरी या अन्य ट्रीटमेंट होना था लेकिन उन्हें फिलहाल अस्पताल आने से ही मना कर दिया गया है.



सिर्फ प्राइवेट अस्पताल कर रहे हैं इलाज


रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे लोग जिन्हें हाल ही में कैंसर होने का पता चला है उनका इलाज करने से सरकारी अस्पतालों ने इनकार कर दिया है. ऐसे लोगों को प्राइवेट अस्पताल जाने की सलाह दी हा रही है. NHS इंग्लैंड के मुतबिक कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र फ़िलहाल और कोई विकल्प नहीं है. कैंसर या अन्य गंभीर बीमारी के मरीजों को निजी अस्पताल जाने की सलाह दी जा रही है. हालांकि कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के लिए इस फैसले से काफी मुश्किल पैदा हो गयी है. इसे देखते हुए कुछ यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स ने कैंसर हब नाम का एक ग्रुप बनाया है जो ऐसे मामलों में मदद कर रहा है. बताया जा रहा है कि ब्रिटेन के हेल्थ मिनिस्टर ऋषि सुनाक जल्द ही इस संबंध में कोई बड़ा एलान भी कर सकते हैं.

लोगों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकते!
अस्पताल की चीफ नर्स जूली पियर्स के मुताबिक मेडिकल स्टाफ PPE की भारी कमी से जूझ रहा है और ऐसे में गंभीर रूप से बीमार लोगों का इलाज करना और मुश्किल हो गया है. जूली बताती हैं कि हम नहीं जानते कि ये सब हमें कब मिलेगा, हम बस रोज़ बता रहे हैं कि कितने की ज़रुरत है. वे आगे कहती हैं कि अगर ये सब होता तो हम कुछ भी करते लेकिन किसी भी मरीज को चाहे वो कोरोना का हो या किसी और बीमारी का, मरने नहीं देते. जूली अंदेशा जताती हैं कि अगर कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को ऐसे छोड़ दिया गया तो आने वाले दिनों में इलाज के अभाव में कई मौतें संभव है.

 

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First published: April 9, 2020, 9:28 AM IST
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