आठ करोड़ को नहीं लगे टीके, एक साल से कम उम्र के बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य को खतरा : WHO

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि आठ करोड़ बच्‍चों को खसरा, पोलियो और हैजे से बचाव के टीके नहीं लगे हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि आठ करोड़ बच्‍चों को खसरा, पोलियो और हैजे से बचाव के टीके नहीं लगे हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक बयान में कहा है कि कोरोनो वायरस की वैश्विक महामारी की वजह से बच्चों को खसरा जैसी बीमारियों से बचाने के लिए जो प्रयास दशकों से जारी थे, उसमें बाधा आई है.

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जिनेवा. कोरोना वायरस (Corona Virus) महामारी से जहां दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है, वहीं इसकी वजह से बच्चों को टीके नहीं लग पाए हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि आठ करोड़ बच्‍चों को खसरा, पोलियो (Polio) और हैजे से बचाव के टीके नहीं लग पा रहे हैं. इससे एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा हो गया है. इस संबंध में जारी एक रिपोर्ट में स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि 129 देशों में से आधे से अधिक में मार्च और अप्रैल में लगाए जाने वाले टीके इस साल कोरोना वायरस की वजह से नहीं लग सके हैं.

दुनिया भर के 38 देशों में 46 टीकाकरण कार्यक्रम रोके गए
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक बयान में कहा है कि कोरोनो वायरस की वैश्विक महामारी की वजह से बच्चों को खसरा जैसी बीमारियों से बचाने के लिए जो प्रयास दशकों से जारी थे, उसमें बाधा आई है. 'हमारी वेब डॉट कॉम' की खबर के मुताबिक एक अन्य वैश्विक संगठन यूनिसेफ ने भी एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें कहा गया है कि 40 से अधिक अफ्रीकी देशों में बच्‍चों के लिए वैक्‍सीन मुहैया नहीं कराई जा सकी. क्योंकि महाद्वीप के 54 देशों ने कोविड-19 के कारण अपने हवाई अड्डों को बंद कर दिया हैं, जिसके कारण उड़ानें उपलब्ध नहीं हैं. अधिकारियों का कहना है कि 'दुनिया भर के 38 देशों में 46 टीकाकरण कार्यक्रम निलंबित कर दिए गए हैं, जिनमें से अधिकांश का संबंध अफ्रीकी देशों से है.'

पानी से संबंधित बीमारियों के फिर से उभरने का खतरा
वहीं 27 देशों में खसरा टीकाकरण अभियान को भी रोक दिया गया है. चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि दो साल की उम्र तक पहुंचने से पहले बच्चों को टीकाकरण की जरूरत होती है. अप्रैल में डब्ल्यूएचओ और इसके सहयोगी संगठनों ने कोरोनो वायरस की वजह से पोलियों से बचाव की वैक्‍सीन रोक दी थी. इससे जल-जनित महामारी के फिर से उबरने का खतरा पैदा हो गया है. पोलियो पर काबू पाने के लिए 90 फीसदी से अधिक बच्चों को टीका लगाया जाना जरूरी है. यह काम केवल बहुत बड़ी संख्या में श्रमिकों की मदद से किया जा सकता है, लेकिन कोरोना वायरस की वजह से सामाजिक दूरी बनाए रखने की पाबंदी की वजह से यह मुहिम भी रुक गई.



अफ्रीका के एक दर्जन से अधिक देशों ने इस साल पोलियो के मामलों के दोबारा उभरने की बात कही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक बयान में कहा कि यह अगले सप्ताह दुनिया भर के देशों को दिशा-निर्देश जारी करेगा कि कोरोनो वायरस के खिलाफ बच्चों का टीकाकरण कार्यक्रम किस तरह जारी रख सकते हैं.

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