EVM को छोड़ बैलेट पेपर कराया गया दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव!

जानिए उस देश के बारे में जहां 17 साल की उम्र से ज्यादा के सभी युवाओं को मतदान का अधिकार है. जो शादीशुदा हैं वो इससे कम उम्र में भी वोट डाल सकते हैं. महिलाओं की शादी की कम से कम उम्र 16 साल है.

News18Hindi
Updated: April 18, 2019, 6:16 PM IST
EVM को छोड़ बैलेट पेपर कराया गया दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव!
जानिए उस देश के बारे में जहां 17 साल की उम्र से ज्यादा के सभी युवाओं को मतदान का अधिकार है. जो शादीशुदा हैं वो इससे कम उम्र में भी वोट डाल सकते हैं. महिलाओं की शादी की कम से कम उम्र 16 साल है.
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Updated: April 18, 2019, 6:16 PM IST
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर चुनाव कराने को लेकर भारत ही नहीं दूसरे देशों में जमकर विवाद चल रहे हैं. हाल ही में 17 हजार द्वीपों में बंटे इंडोनेशिया में चुनाव कराए गए. यहां की पार्टियों में ईवीएम पर वोटिंग कराने को लेकर आपसी सहमति नहीं बन पा रही थी. इसलिए देश में ईवीएम पर लंबी बहस के बाद बैलेट पेपर पर वोटिंग को चुन लिया गया.

17 अप्रैल को इंडोनेशिया में वोट डाले गए. यह राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले दुनिया के सबसे बड़े चुनाव थे. इसके लिए देशभर में 8 लाख पोलिंग बूथ बनाए गए थे. इंडोनेशिया एक नया लोकतांत्रिक देश है और वहां इस साल होने वाले चुनाव ज्यादा जटिल इसलिए था क्योंकि पहली बार वहां पर संसद और राष्ट्रपति दोने के लिए एक साथ वोट डाले जा रहे थे.

दुनिया का सबसे कठिन एक दिन में कराया जा रहा चुनाव
इंडोनेशिया एक ऐसा देश है, जो 17 हजार द्वीपों में बंटा हुआ है. हालांकि भारतीय चुनाव इससे कहीं बड़ा चुनाव होता है लेकिन भारत का पूरा चुनाव कराने में इस बार करीब 6 हफ्तों का समय लग रहा है. लेकिन इंडोनेशिया के चुनाव में एक ही दिन में करीब 19.28 करोड़ लोगों ने वोट डाले. इन वोटर्स में भी आधे से ज्यादा 40 या उससे कम उम्र के थे. इंडोनेशिया, भारत और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा लोकतंत्र है.

इसके लिए पूरे इंडोनेशिया में करीब 8 लाख 9 हजार से ज्यादा पोलिंग स्टेशन बनाए गए थे. इंडोनेशिया में इन चुनावों में जनता 2.5 लाख उम्मीदवारों के भाग्यों का फैसला करेगी. इंडोनेशिया के अलग राज्यों में राज्य की कुल सीटें मिलाकर 20,538 हैं. जो पांच चरणों की सरकारों को चुनने के लिए मात्र 6 घंटे में करवा लिया जाएगा.

पूर्व फर्नीचर व्यापारी बनाम पूर्व स्पेशल फोर्स कमांडर
# जैसा की कहा गया पांच चरणों की सरकार के चयन के लिए वोटर्स इन चुनावों में पांच बैलेट पेपर भर रहे थे लेकिन चर्चा का विषय राष्ट्रपति चुनाव ही था.
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# सत्तासीन जोको विडोडो, जिन्हें कई लोग जोकोवी के नाम से भी जानते हैं, एक पूर्व फर्नीचर व्यापारी हैं. वे जावा से आते हैं और उपराष्ट्रपति की दौड़ में शामिल मुअर्रफ अमीन के करीबी हैं, जो खुद एक इस्लामी कट्टरपंथी मौलवी हैं.

# जोकोवी के खिलाफ हैं प्रोबोवो सुबियान्तो. वे एक जोशीले राष्ट्रवादी और पूर्व स्पेशल फोर्स कमांडर रहे हैं. इसके अलावा जोकोवी इंडोनेशिया के लंबे वक्त तक नेता रहे सुहर्तो के दामाद भी रह चुके हैं. उन्होने सनडियागा उनो के साथ अपनी सेना बनाई है. जो कि एक पूर्व अमीर बैंकर रहे हैं और कुछ वक्त के लिए जकार्ता के डिप्टी गवर्नर भी थे.

प्रोबोवो सुबियान्तो वोट डालते हुए


# वास्तव में यह दोनों राजनीतिक विरोधियों के बीच फिर से हो रहा एक मैच है. 2014 में हुई कड़ी टक्कर में जोकोवी ने प्रबोवो को 6% के अंतर से हरा दिया था.

# इंडोनेशिया में 17 की उम्र से ज्यादा के सभी युवाओं को मतदान का अधिकार है.

# जो शादीशुदा हैं वो इससे कम उम्र में भी वोट डाल सकते हैं. महिलाओं की शादी की कम से कम उम्र इंडोनेशिया में 16 साल है.

# इंडोनेशिया में पुलिस वाले और मिलिट्री अफसर वोट नहीं डाल सकते. इसका कारण है कि उन्हें राजनीतिक रूप से तटस्थ रहने वाला माना जाता है.

# इलेक्ट्रॉनिक आइडेंटिटी कार्ड वोटिंग के लिए जरूरी होता है लेकिन दूर-दराज के क्षेत्रों में इसका सबके पास होना मुश्किल हो जाता है. जिससे कई लोग वोट डालने से छूट जाते हैं.

भारत में ईवीएम पर हुई दूसरे चरण की वोटिंग
भारत में भी ईवीएम को लेकर कई स्तर के विवाद सामने आ चुके हैं. कई प्रमुख पार्टियां इसमें छेड़छाड़ की संभावना व्यक्त करते हुए इसे तौबा करने को कह चुकी हैं. लेकिन फिलहाल भारत ईवीएम मशीन के साथ ही वोट के लिए आगे बढ़ रहा है. भारत के लोकसभा चुनाव 2019 के लिए 18 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान हुए.

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First published: April 18, 2019, 6:15 PM IST
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