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  • जेल में प्रताड़ित किए जाते हैं निसान के पूर्व प्रमुख कार्लोस, पत्नी ने पत्र लिखकर की शिकायत

जेल में प्रताड़ित किए जाते हैं निसान के पूर्व प्रमुख कार्लोस, पत्नी ने पत्र लिखकर की शिकायत

कार्लोस घोसन की फाइल फोटो

कार्लोस घोसन की फाइल फोटो

कार्लोस घोसन की पत्नी ने पत्र में लिखा है कि उनके पति को दवाई नहीं लेने दी जा रही है, एक्सरसाइज़ के लिए रोज़ाना सिर्फ 30 मिनट दिया जा रहा है. उन्हें हफ्ते में सिर्फ दो-तीन बार ही नहाने की अनुमति दी गई है.

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    निसान कंपनी के पूर्व चेयरमेन कार्लोस घोसन की पत्नी कैरोल घोसन ने मानवाधिकार संस्था को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने अपने पति को लंबे समय से हिरासत में रखे जाने की आलोचना की है और जापान की आपराधिक न्याय व्यवस्था को अनुचित और कठोर बताया है.

    वैश्विक मानवाधिकार संस्था की टोक्यो शाखा को सोमवार को लिखे गए नौ पन्नों के पत्र में उन्होंने लिखा है, 'मेरे पति का मामला इस क्रूर व्यवस्था की हकीकत बयां करता है.' कार्लोस को आय को कम करके बताने, अपने निजी निवेश के ज़रिए निसान मोटर कंपनी को नुकसान पहुंचाने और सऊदी व्यवसायी को भुगतान करने में धोखा देने के आरोप में 19 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था.

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    कैरोल ने अपने पत्र में बताया कि किस तरह वकील की अनुपस्थिति में कबूलनामे के लिये प्रॉसीक्यूटर कैदियों से सवाल जवाब करते हैं. उन्होंने लिखा कि जापान में संदिग्ध लोगों की ऐसी हालत आम बात है. उनके इस पत्र से जापान की व्यवस्था को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार समूहों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.

    उन्होंने कहा, जेल में बंद उनके पति का दो हफ्ते में तीन किलो वजन कम हो गया है. उन्हें खाने में महज चावल दिए जा रहे हैं. उन्हें दवाई नहीं लेने दी जा रही है, व्यायाम के लिए रोज़ाना सिर्फ 30 मिनट दिया जा रहा है. उन्हें हफ्ते में सिर्फ दो-तीन बार ही नहाने की अनुमति दी गई है.

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    पत्र में कहा गया है कि सिर्फ कबूलनामे का दबाव बनाने के मकसद से इस तरह किसी को मुश्किल हालात में हिरासत में नहीं रखा जा सकता." पत्र में उन मामलों का भी जिक्र किया गया है जिसमें बेकसूर पाए जाने के बाद भी लोगों को महीनों हिरासत में रखा जा चुका है.

    मानवाधिकार संस्था के जापान की निदेशक कैनेई डोई को यह पत्र लिखा गया है. हालांकि कैनेई ने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.
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