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यूरोपियन कमीशन के पूर्व डायरेक्टर ने दिया पाक को झटका, माना गिलगित-बाल्टिस्तान भी भारत का हिस्सा

यूरोपियन कमीशन के पूर्व डायरेक्टर ने दिया पाक को झटका, माना गिलगित-बाल्टिस्तान भी भारत का हिस्सा

यूरोपियन कमीशन के पूर्व डायरेक्टर ब्रायन टोल ने पाक को लताड़ा है (फोटो क्रेडिट- ANI)

यूरोपियन कमीशन के पूर्व डायरेक्टर ब्रायन टोल ने पाक को लताड़ा है (फोटो क्रेडिट- ANI)

यूरोपियन कमीशन (European Commission) के पूर्व डायरेक्टर ब्रायन टोल ने गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) को तकनीकी रूप से भारत का हिस्सा बताया है. उन्होंने यह भी कहा है कि अनुच्छेद 370 को हटाने से वास्तव में कश्मीर (Kashmir) के लोगों को आर्थिक अवसर मिलेंगे.

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  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. यूरोपियन कमीशन (European Commission) के पूर्व डायरेक्टर ब्रायन टोल ने गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) को तकनीकी रूप से भारत का हिस्सा बताया है. टोल ने यह बयान अनुच्छेद 370 (Article 370) को हटाए जाने के बाद इस मुद्दे पर बोलते हुए दिया. उन्होंने आगे कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाने से वास्तव में कश्मीर (Kashmir) के लोगों को आर्थिक अवसर मिलेंगे.

    गिलगित-बाल्टिस्तान के बारे में बोलते हुए टोल ने कहा, यह बहुत जरूरी है कि गिलगित-बाल्टिस्तान के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जगह मिले. यह पूरा मुद्दा बहुत ही जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि यहां के लोगों को अपनी आवाज मिलनी चाहिए और इस आवाज को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad) के जरिए नियंत्रित नहीं किया जाना चाहिए.

    कश्मीर पर रोना-पीटना मचाने वाले पाक ने छीन रखे हैं गिलगित-बाल्टिस्तान के अधिकार
    टोल ने गिलगित-बाल्टिस्तान के इलाके के बारे में कहा, आर्थिक अवसरों के अलावा, इलाके के लोगों को प्रासंगिक राजनीतिक संगठनों में प्रतिनिधियों के तौर पर चुना जाए, यह भी जरूरी है.

    जबकि पाकिस्तान भारत के जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा (Special Status) खत्म किए जाने के मुद्दे पर रोना-पीटना मचाए हुए है, यह इसने पिछले एक साल से भी ज्यादा से गिलगित-बाल्टिस्तान के इलाके में लोगों के अधिकार भी छीन रखे हैं.



    बिना गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों से पूछे छीने उनके अधिकार
    पिछले साल 21 मई को इमरान खान के नेतृत्व वाली पीटीआई सरकार ने 'गिलगित-बाल्टिस्तान ऑर्डर, 2018' जारी किया था. और इस तरह से 'गिलगित-बाल्टिस्तान इंपावरमेंट एंड सेल्फ-गवर्नेंस ऑर्डर ऑफ 2009' को खत्म कर दिया गया था. इस कदम का गिलगित-बाल्टिस्तान निवासियों ने जमकर विरोध किया था क्योंकि यह कदम बिना उनकी सलाह के उठाया गया था. भारत ने भी पाकिस्तान के इस कदम का उस वक्त जमकर विरोध किया था.

    यह बदलाव गिलगित-बाल्टिस्तान के इलाके पर प्रधानमंत्री इमरान खान और इनकी सरकार को पूरी तरह से कानून बनाने और उनमें बदलाव करने का अधिकार देता था.

    यह भी पढे़ं: UNHRC से खाली लौटने पर पाक को भारत की सलाह- कई बार दोहराने से झूठ सच नहीं होता

    Tags: Article 370, Europe, Imran khan, Jammu and kashmir, Kashmir

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