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और बढ़ी दरार, तालिबान सरकार के 'चेहरे' और पाकिस्तानी दखल से नाराज स्तानिकजाई

और बढ़ी दरार, तालिबान सरकार के 'चेहरे' और पाकिस्तानी दखल से नाराज स्तानिकजाई

तालिबान लीडर शेर मोहम्मद स्तानिकजाई. (फाइल फोटो)

तालिबान लीडर शेर मोहम्मद स्तानिकजाई. (फाइल फोटो)

शेर मोहम्मद स्तानिकजाई ने शासन से साफ शब्दों में कह दिया है कि अंतरराष्ट्रीय राजनयिक आशाएं अब बढ़ती जा रही हैं. स्तानिकजाई और अमेरिका की बातचीत हाल ही में संपन्न हुई है.

नई दिल्ली. अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान (Taliban) के भीतर और ज्यादा मतभेद उभरकर सामने आए हैं. कट्टरपंथी संगठन के अंतरराष्ट्रीय चेहरे शेर मोहम्मद स्तानिकजाई (Sher Mohammad Stanizai) की नाराजगी की खबरें आ रही हैं. इसमें कोई संदेह नहीं कि तालिबान की अंतरिम सरकार पर शासन चलाने में ‘नर्म रुख’ रखने का अंतरराष्ट्रीय दबाव है. यही वजह है कि इस्लामिक संगठन के भीतर से कई बार उदारवादी आवाज भी सुनाई दी जैसे महिलाओं के अधिकारों का सम्मान, आम माफी, आतंक के लिए अफगानिस्तान की जमीन न इस्तेमाल की बातें. लेकिन दुनियाभर ने तालिबानी सरकार पर निगाह रखी है और उसके कार्य अब तक संतोषजनक नहीं रहे हैं. इसे लेकर संगठन के भीतर दरार चौड़ी होती जा रही है.

सूत्रों के हवाले से सीएनएन-न्यूज़18 को जानकारी मिली है कि शेर मोहम्मद स्तानिकजाई ने शासन से साफ शब्दों में कह दिया है कि अंतरराष्ट्रीय राजनयिक आशाएं अब बढ़ती जा रही हैं. अफगानिस्तान के उपविदेश मंत्री स्तानिकजाई तालिबान के लिए अंतरराष्ट्रीय पर माहौल बनाने का काम देखते हैं और दोहा में शांति वार्ता के मुख्य हिस्सा रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि स्तानिकजाई अंतरिम सरकार के वर्तमान चेहरे से नाखुश हैं. साथ ही पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के सरकार बनाने के दौरान हुए हस्तक्षेप से भी स्तानिकजाई नाराज हैं.

सरकार गठन में दोहा टीम को बिल्कुल अलग-थलग कर दिया
दरअसल तालिबान की अंतरिम सरकार में दोहा टीम को बिल्कुल अलग-थलग कर दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक इसके पीछे पाकिस्तान का हाथ है. यही कारण है कि आंतकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के सदस्यों ने सरकार में अहम पद हथिया लिए. वो देश में एक समावेशी सरकार के खिलाफ थे.

अमेरिका के साथ हुई स्तानिकजाई की बातचीत
सूत्रों का कहना है कि स्तानिकजाई ने रविवार को दोहा से निकलकर दुबई पहुंचे गए. दोहा में उनकी बातचीत अमेरिका के साथ हाल ही में हुई है. ये बातचीत अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के बाद पहली बार हुई है. तालिबान इस वक्त अंतरराष्ट्रीय मान्यता चाहता है. साथ ही वो मानवीय त्रासदी से बचने के लिए अमेरिका से फंड खोलने की भी गुहार लगा रहा है.

अफगानिस्तान में भी तालिबान को लगे हैं झटके
पूरे अफगानिस्तान पर शासन करने के तालिबान के प्रयासों को भी धक्का लगा है. इस्लामिक स्टेट खोरासान ने देश में कई धमाके किए हैं. सूत्रों का कहना है कि तालिबान ने अपने सुप्रीम लीडर हैबतुल्ला अखुंदजादा की मौत की भी पुष्टि कर दी है. कहा गया है कि अखुंदजादा की मौत पाकिस्तानी सेनाओं की साजिश की वजह से हुई.

(पूरी स्टोरी यहां क्लिक कर पढ़ी जा सकती है.)

Tags: Sher Mohammad Abbas Stanikzai, Taliban

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