News18 Exclusive: बांग्लादेश ने कहा- घुसपैठ और गो-तस्करी पर मानवीय रुख दिखाए BSF

बांग्लादेश ने कहा- घुसपैठ और गोतस्करी पर मानवीय आधार रूख दिखाए बीएसएफ
बांग्लादेश ने कहा- घुसपैठ और गोतस्करी पर मानवीय आधार रूख दिखाए बीएसएफ

बार्डर गार्ड बांग्लादेश के कमांडर ब्रिगेडियर जलाल ने बताया कि पिछले एक साल में भारत बांग्लादेश सीमा पर 18 बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हुई है. उन्होंने बीएसएफ से अपील की कि बांग्लादेशी नागरिकों के मामले में बीएसएफ मानवीय आधार पर कार्रवाई करे.

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बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड ने भारतीय मीडिया के समक्ष भारत-बांग्लादेश सीमा पर मारे गए लोगों का मामला उठाया. बीजीबी के नार्थ वेस्ट रीजन के कमांडर ब्रिगेडियर जलाल ने कहा कि पिछले एक साल में भारत बांग्लादेश सीमा के अलग-अलग हिस्सों में 18 बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हुई है और कई लोगों को चोटें आई हैं. उन्होंने बीएसएफ से अपील की है कि बांग्लादेशी नागरिकों के मामले में बीएसएफ मानवीय आधार पर कार्रवाई करे.

अवैध रूप से घुसपैठ बड़ा मुद्दा, बांग्लादेश ने मानवीय आधार बात की
भारत-बांग्लादेश सीमा पर दोनों देशों के सुरक्षाबल बार्डर सिक्युरिटी फोर्स और बार्डर गार्ड बांग्लादेश के बीच हमेशा से दोस्ताना रिश्ते रहे हैं. इसी दोस्ती के आधार पर सीमा पर कई योजनाएं दोनों देश की एजेंसियां बनाती हैं. हालांकि, दोनों के बीच अक्सर अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर रहे बांग्लादेशी नागरिकों का मामला एक अहम मुद्दा होता है.

Border gaurd Bangladesh ने कहा बीएसएफ मानवीय आधार पर कार्रवाई करे
बार्डर गार्ड बांग्लादेश ने कहा बीएसएफ मानवीय आधार पर कार्रवाई करे

पिछले एक साल में 18 बांग्लादेशी नागरिकों की मौत


बार्डर गार्ड बांग्लादेश नार्थ वेस्ट रीजन के कमांडर ब्रिगेडियर जलाल ने बीजीबी के रीजनल हेडक्वार्टर में भारतीय पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि पिछले एक साल में भारत बांग्लादेश सीमा के अलग-अलग हिस्सों में 18 बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हुई है, कई लोगों को चोटें आई हैं. उन्होंने कहा कि बीएसएफ उनकी इन चिंताओं को देखें. उन्होंने गैरकानूनी नशीले पदार्थों की तस्करी का मामला भी उठाया.

गो-तस्करी और घुसपैठ रोकने के लिए कार्रवाई
दरअसल, भारत बांग्लादेश सीमा 4000 किलोमीटर से ज्यादा है और इसके अलग अलग हिस्सों में गो तस्करी की रोकथाम एक अहम मुद्दा है, जिसके लिए बीएसएफ की हमेशा तस्करों से मुठभेड़ होती रहती है. अक्सर बीएसएफ के जवानों को बड़ी तादाद में स्थानीय निवासी घेर लेते हैं जब वो गो तस्करी के शक में स्थानीय लोगों को रोकते हैं. इसी कोशिश में बीएसएफ को ये कार्रवाई करनी पड़ती है. न्यूज18इंडिया ने जब बीजीबी के इस आला अधिकारी से ये पूछा कि भारतीय एजेंसियों ने जो तस्करों के बारे में जानकारी दी है उसके बारे में क्या कार्रवाई की गई है तो उनका यही जवाब था कि संबधित एजेंसियों को ये जानकारी दे दी गई है और वो अपना काम कर रही हैं.

बांग्लादेश में वैध है गो व्यापार
इस मामले को लेकर जब बीएसएफ के पूर्व एडीशनल डायरेक्टर जनरल एस के सूद से बात की तो उन्होंने बताया कि, 'बांग्लादेश में गो व्यापार वैध है, जबकि भारत में ये बड़ा मुद्दा है. अगर सीमा पर कोई पशुओं के साथ पकड़ा जाता है, ऐसी स्थिति में आपराधिक तत्व के शक में बीएसएफ की टीम या जवान कार्रवाई करते हैं जो कि जाहिर सी बात है. हालांकि, 2012 से जबसे दोनों देशों की फोर्स के बीच हथियार न इस्तेमाल करने का समझौता हुआ है ऐसी घटनाओं में कमी आ गई है'. बहरहाल दोनों देशों के बीच बेहद दोस्ताना संबध हैं और इन्हीं के आधार पर दोनों देशों की फोर्स भारत बांग्लादेश सीमा पर अपराध को पूरी तरीके से खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही हैं.

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