ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा-उम्मीद करते हैं भारत कश्मीर पर न्यायपूर्ण नीति लाएगा

ईरान (Iran) के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली ख़ामेनेई (Sayyid Ali Hosseini Khamenei) ने लिखा, हम कश्मीर (Jammu-Kashmir) में मुसलमानों की स्थिति के बारे में जानकार चिंतित हैं. भारत के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि भारत सरकार कश्मीर के कुलीन लोगों के प्रति न्यायपूर्ण नीति अपनाएगी.

News18Hindi
Updated: August 22, 2019, 3:59 PM IST
ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा-उम्मीद करते हैं भारत कश्मीर पर न्यायपूर्ण नीति लाएगा
ईरान के राष्ट्रपति अयातुल्ला सैयद अली ख़ामेनेई ने कश्मीर मामले पर चिंता जताई है.
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Updated: August 22, 2019, 3:59 PM IST
जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में आर्टिकल 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद से दुनियाभर की निगाहें भारत (India) और पाकिस्तान (Pakistan) पर टिकी हुई हैं. इन सबके बीच ईरान (Iran) के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली ख़ामेनेई (Sayyid Ali Hosseini Khamenei) ने कश्मीर में मुसलमानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है. सैयद अली ने कहा है भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कश्मीर में उठाए गए इस कदम से मुसलमानों में डर बना हुआ है.

ट्विटर पर ख़ामेनेई ने लिखा, हम कश्मीर में मुसलमानों की स्थिति के बारे में जानकार चिंतित हैं. भारत के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि भारत सरकार कश्मीर के कुलीन लोगों के प्रति न्यायपूर्ण नीति अपनाएगी और इस क्षेत्र में मुसलमानों के उत्पीड़न को रोकेगी.

उन्होंने ब्रिटेन को भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद का दोषी ठहराया. उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने जान-बूझकर कश्मीर में संघर्ष बनाए रखने के लिए उस क्षेत्र में कई ऐसे काम किए जो आज भी दोनों देशों को दिक्कत में डालते हैं. गौरतलब है कि सभी मोर्चों पर निराशा हाथ लगने के बाद अब पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मुहम्मद फैसल ने बुधवार को कहा कि इस्लामाबाद कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में उठाने की योजना बना रहा है.

कश्मीर और गिलगित-बल्तिस्तान मामलों की सीनेट कमेटी को फैसल ने अवगत कराया कि यूएनएचआरसी फोरम के इस्तेमाल सहित विभिन्न विकल्पों को लेकर चर्चा की जा रही है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए उपलब्ध दूसरा विकल्प मुद्दे को इस्लामी सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक में उठाने का है.

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First published: August 22, 2019, 3:56 PM IST
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