10 मिनट में होगी कोरोना संक्रमण की पहचान, वैज्ञानिकों ने बनाया टेस्ट किट

10 मिनट में होगी कोरोना संक्रमण की पहचान, वैज्ञानिकों ने बनाया टेस्ट किट
एक नए टेस्ट किट से सिर्फ 10 मिनट में होगी कोरोना संक्रमण की पहचान

वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण की पहचान करने वाले एक ऐसे टेस्ट किट (Test Kit) बनाने का दावा किया है जो संक्रमण की जांच सिर्फ 10 मिनट में कर सकता है.

  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
वाशिंगटन: वैज्ञानिकों ने एक ऐसा प्रायोगिक टेस्ट किट (Experimental Test Kit) बनाया है जो कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण की पहचान सिर्फ 10 मिनट में करेगा. इस टेस्ट के जरिए कोरोना वायरस का संक्रमण विजुअली तौर पर देखा जा सकेगा. इसके नतीजे सिर्फ 10 मिनट में सामने आ जाएंगे. पूरी दुनिया में इसके जरिए टेस्ट का विस्तार हो सकता है.

एक स्टडी में इसका दावा किया गया है. एसीएस नैनो में इस स्टडी को पब्लिश किया गया है. इस टेस्ट में गोल्ड नैनोपार्टिकल का इस्तेमाल होता है. वायरस के पकड़ में आते ही ये अपना रंग बदल लेता है.

मैरीलैंड स्कूल ऑफ मेडिसीन के रिसर्चर ने इसका दावा है. रिसर्चर ने कहा है कि इस टेस्ट के लिए किसी एडवांस्डट टेक्नोलॉजी वाले लैब की जरूरत पड़ेगी. ऐसा लैब जो वायरल जेनेटिक मैटेरियल्स के विश्लेषण के लिए कई कॉपी तैयार कर सकता हो.



टेस्ट किट को लेकर चल रहा है प्रयोग



स्टडी में कहा गया है कि प्राथमिक नतीजों से पता चलता है कि इस टेस्ट के जरिए वायरस के आरएनए मैटेरियल्स की पहचान संक्रमण के पहले ही दिन की जा सकती है. हालांकि रिसर्चर की तरफ से कहा गया है कि इस टेस्ट की विश्वसनीयता परखने के लिए अभी और स्टडी की जानी चाहिए.

स्टडी में कहा गया है कि प्रायोगिक टेस्ट में किसी मरीज के नेवल स्वैब या सलाइवा के सैंपल के जरिए आसान प्रक्रिया से आरएनए को अलग किया जा सकता है. इसमें सिर्फ 10 मिनट का वक्त लगेगा.

वैज्ञानिकों के मुताबिक इस टेस्ट में गोल्ड नैनोपार्टिकल के हाइली स्पेसिफिक मॉल्यूकल का इस्तेमाल होता है. इसके जरिए वायरस के खास तरह के प्रोटीन के जेनेटिक सिक्वेंस की पहचान होती है. वायरस का संक्रमण मिलते ही लिक्विड रिएजेंट बैंगनी रंग से नीले रंग में तब्दिल हो जाता है.

टेस्ट किट के नतीजों में गलती होने की संभावना कम
रिसर्चर ने बताया है कि इस टेस्ट में गलत नतीजे आने की संभावना कम है. अगर वायरस मौजूद है तो टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव नहीं आ सकती, उसी तरह से अगर वायरस नहीं है तो टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आ सकती.

रिसर्चर ने बताया है कि मौजूदा वक्त में टेस्ट के नतीजे आने में कई दिन का वक्त लग जाता है. बाजार में जो टेस्ट किट मौजूद हैं, उसमें नतीजे आने में वक्त लगता है. इसकी वजह से टेस्ट रिपोर्ट गलत होने की संभावना बढ़ जाती है.

ये भी पढ़ें:

भारत-नेपाल सीमा विवाद में नया मोड़, विवादित नक्शे पर नेपाली संसद में पेश होगा बिल

जर्मनी की चांसलर ने ठुकराया ट्रंप का आमंत्रण, जी-7 बैठक में नहीं लेंगी हिस्सा

कोरोना से लड़ने में एकदूसरे की मदद के लिए WHO के साथ मिलकर 37 देशों ने की साझेदारी

कोरोना के मरीजों का इलाज करने वाले भारतीय डॉक्टर यूके के होटल में मृत पाए गए
First published: May 30, 2020, 9:13 PM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading