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सऊदी बंदरगाह के पास ईरानी टैंकर में विस्फोट, आतंकी हमले की आशंका

भाषा
Updated: October 11, 2019, 12:42 PM IST
सऊदी बंदरगाह के पास ईरानी टैंकर में विस्फोट, आतंकी हमले की आशंका
सऊदी अरब के तट से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर नेशनल ईरानियन टैंकर कंपनी के स्वामित्व वाले जहाज में विस्फोट हो गया. जिससे लाल सागर में तेल रिसाव होने लगा.

समाचार एजेंसी आईएसएनए (ISNA) ने बताया कि विशेषज्ञों ने इसके आतंकवादी हमला होने से इंकार नहीं किया है. कंपनी का कहना है कि विस्फोट की वजह मिसाइल हमला हो सकता है.

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तेहरान. सऊदी अरब (Saudi Arabia) के जेद्दा बंदरगाह (Jeddah port) के पास शुक्रवार को एक ईरानी तेल टैंकर (Iranian oil tanker) में विस्फोट के बाद आग लग गई. ईरान के सरकारी टेलीविजन ने इसकी जानकारी दी है. टेलीविजन की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के तट से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर नेशनल ईरानियन टैंकर कंपनी के स्वामित्व वाले जहाज में विस्फोट हो गया. जिससे लाल सागर में तेल रिसाव होने लगा.

समाचार एजेंसी आईएसएनए ने बताया कि विशेषज्ञों ने इसके आतंकवादी हमला होने से इंकार नहीं किया है. कंपनी का कहना है कि विस्फोट की वजह मिसाइल हमला हो सकता है. गौरतलब है कि ईरान ने स्टेट ऑफ होर्मुज में ब्रिटिश तेल टैंकर को जब्त कर लिया था. जिसके चालक दल में 18 भारतीय शामिल थे. ईरान की ओर से बयान जारी कर बताया गया था कि स्टेना इमपेरो ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है.

ईरान ने जब्त किया था ब्रिटिश टैंकर
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा था, 'इसे जब्त करने के बाद इसे कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के लिए ईरानी तटों पर भेज दिया गया.' ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने कहा था कि दूसरा पोत लिबरियन ध्वज वाला था. ब्रिटिश विदेश सचिव जेरेमी हंट ने कहा था, 'तेहरान में हमारे राजदूत स्थिति को सुलझाने के लिए ईरानी विदेश मंत्रालय के साथ संपर्क में हैं और हम अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.'

उल्लेखनीय है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके ईरानी समकक्ष हसन रूहानी संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र के दौरान मुलाकात कर तनाव कम करने को लेकर बातचीत की थी. हसन रूहानी को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के साथ बैठक के लिए ले जाते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा था, ‘ अगर रूहानी राष्ट्रपति ट्रंप से मिले बिना देश से चले गए तो वह एक अवसर खो देंगे, क्योंकि वह अगले कुछ महीने तक दोबारा नहीं आने वाले.’ मैक्रों ने कहा, ‘ डोनाल्ड ट्रंप तेहरान नहीं जाएंगे, तो उन्हें यहीं मिलना होगा.’

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First published: October 11, 2019, 12:42 PM IST
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