सोमाली सेना के दो शिविरों में विस्फोट, 9 सैनिकों की मौत; कई घायल

 सोमालिया के मौजूदा राजनीतिक संकट की वजह से अल-कायदा संबद्ध इस संगठन का हौसला मजबूत हो रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

सोमालिया के मौजूदा राजनीतिक संकट की वजह से अल-कायदा संबद्ध इस संगठन का हौसला मजबूत हो रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

सोमाली नेशनल आर्मी के जनरल ओदावा यूसूफ रागेह ने इन दो हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि अल-शबाब को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और वे कुछ मरे अपने कमांडरों का शव भी नहीं ले जा सके.

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मोगादिशु (सोमालिया). सोमाली सेना के दो शिविरों में एक ही समय पर हुए विस्फोट में कम से कम नौ सैनिकों की मौत हो गई. सेना ने मौतों की पुष्टि करते हुए कहा कि हमलावरों को भी ‘भारी नुकसान’ पहुंचाया गया है. इस हमले की जिम्मेदारी कट्टरपंथी समूह अल-शबाब ने ली है. यहां के निवासियों ने बताया कि ये हमले लोअर शाबेले क्षेत्र के बरीरे और अवधेगलेह गांव में हुई. यह स्थान मोगादिशु से 75 किलोमीटर दूर है.

स्थानीय मीडिया से बातचीत में सोमाली नेशनल आर्मी के जनरल ओदावा यूसूफ रागेह ने इन दो हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि अल-शबाब को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और वे कुछ मरे अपने कमांडरों का शव भी नहीं ले जा सके. उन्होंने बताया कि सेना भागे हुए हमलावरों का पीछा कर रही है.

हमले में 11 सैनिकों के घायल होने की पुष्टि
सरकार की पैदल सेना के कमांडर जनरल मोहम्मद ताहिल बिहली ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया, ‘‘ हमारे नौ सैनिकों की मौत हुई और 11 अन्य घायल हो गए. हमने शबाब के 60 मिलिशिया को एक स्थान पर जबकि 17 को अन्य शिविर के निकट मार गिराया.’’ वहीं अल-शबाब के प्रवक्ता शेख अब्दुल्लाजीज अल-मुसाब ने कहा कि समूह ने 47 सरकारी सैनिकों को मार गिराया.
ऐसा डर है कि सोमालिया के मौजूदा राजनीतिक संकट की वजह से अल-कायदा संबद्ध इस संगठन का हौसला मजबूत हो रहा है. राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुल्लाही मोहम्मद पर पद से हटने का दबाव है और फरवरी में होने वाले चुनाव आयोजित नहीं हुआ.



फरवरी में भी हुआ था इस तरह का हमला
फरवरी में सोमाली की राजधानी में एक होटल पर अल-शबाब के विद्रोहियों के हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए थे. तड़के सुरक्षाबलों ने होटल को विद्रोहियों के कब्जे से मुक्त करा लिया था. सोमाली पुलिस के प्रवक्ता सादिक अदान अली ने बताया था कि अफ्रीक होटल पर कब्जा जमाए बैठे विद्रोहियों के साथ आठ घंटे से अधिक मुठभेड़ चली और सभी चारों हमलावर मारे गए.
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